परिणाम चाहे जो मर्जी रहे लेकिन जो मजा RLP की रैलियों में आता है,चुनाव के बाद जनता उसे मिस करेगी.. वैसे गजब के नेता है हनुमान बेनीवाल - वरिष्ठ पत्रकार @sharatjpr जी....
@hanumanbeniwal
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री श्री अजित पवार और उनके साथ विमान में सवार सहयात्रियों का आज हवाई दुर्घटना में निधन हो जाने का समाचार अत्यंत दुःखद है।
मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत जनों की आत्मा को शांति प्रदान करें,मैं उन सभी लोगों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया |
आज नागौर सांसद श्री @hanumanbeniwal जी जोधपुर एम्स की इंस्टीट्यूट बॉडी की मीटिंग में शामिल हो रहे हैं। सांसद महोदय एम्स जोधपुर की गवर्निंग बॉडी के सदस्य भी हैं।
मुझे विश्वास है कि वो इस मीटिंग में स्वर्गीय डॉ राकेश विश्नोई जी से जुड़े मामले पर ज़रूर सवाल करेंगे। हाल ही में जारोड़ा (मेड़ता) में जब मैं स्वर्गीय राकेश जी की शोकसभा में शामिल हुआ था तब उनके परिजनों ने बताया था कि जब राकेश जी जिंदगी की जंग लड़ रहे थे तब एम्स जोधपुर के प्रशासन ने भी उन्हें भर्ती ना करने को लेकर कई प्रकार की बहानेबाजी की थी जैसे मशीन खराब होना और मशीन पर स्टाफ ना होना आदि।
सांसद जी और हमारे कांग्रेसी साथियों ने डॉ राकेश जी को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर संघर्ष किया और परिवार की मांगें भी मनवाई। अब मौका है सांसद जी के पास कि वो एम्स जोधपुर की बैठक में इस मामले को लेकर कड़े सवाल पूछें और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करें।
@INCRajasthan
पाकिस्तान की तरफ़ से बड़ी तादाद में मालवेयर अटैक चल रहा है। ‘leak data of Pakistan Army या ‘Indian missile attack Video’ जैसी कोई भी फाइल या लिंक आ रहा है तो क्लिक मत करें।
ख़ुद सतर्क रहें और दूसरों को भी बताएँ।
एक एक शब्द के अंदर मार्मिकता है😔
कैसे एक लड़ाके को अपने ही लोगों ने हरा दिया, जिनके लिए हमेशा संघर्ष किया था।।
भले ही राजनीतिक रूप से में नेताजी का विरोधी रहा हूँ लेकिन मेने कभी नेताजी के संघर्ष को नकारा नहीं है, खींवसर के लोगों को नेताजी के संघर्ष को याद रखकर वोट देना चाहिए था।।
मेवाड़ का उतराधिकार संघर्ष(2024)
महाराणा विश्वराज जी के राजतिलक के कुछ ही समय बाद किले के दरवाजे बंद हो गए,फिर महाराणा ने अपने सैनिको के साथ मुख्य द्वार पर जाकर किले को भेदना चाहा लेकिन असफल रहे!
ये युद्ध तलवारों के बजाय पथरो व बियर की बोतलों से लड़ा गया
इस दुःख को गुस्से में बदलो किसी को दोष देने की जरूरत नहीं है.और चुप-चाप अगले 4 साल अपने अपने विधानसभा क्षेत्र में लोगों का दिल जीतने में लग जाओ!
अपने बोल से किसी को ठेस मत लगने देना.. जो हमें वोट नहीं दे पाए वो क्यों नहीं दिया इस पर काम करना..
हर घर हनुमान 🙏
#Mission2028#RLP
*संयोग या प्लानिंग*
वीर तेजाजी महाराज की जन्मस्थली खरनाल में तेजा दशमी पर आयोजित होने वाली धर्मसभाओं को 2008 से लेकर 2024 तक देखा है लेकिन आज जैसा हुआ वो कभी नहीं हुआ (जैसा कि खींवसर विधानसभा के एक बुज़र्ग ने बताया) ! स्थानीय विधायक होने के नाते और तेजाजी महाराज में आस्था के फलस्वरूप हनुमान बेनीवाल हर साल दर्शन करने आते है और धर्म सभा को संबोधित करते है। इस दौरान सभी पार्टियों के जनप्रतिनिधि जिनकी तेजाजी महाराज में आस्था है वो आते है और सबका मान सम्मान के साथ संबोधन होता है ।
लेकिन इस बार कुछ ऐसा घटनाक्रम हुआ जो एक बड़ी साज़िश की तरफ़ इशारा कर रहा है !
1. भाजपा की महिला नेत्री का पहली बार मेले महोत्सव में जाना - कांग्रेस से उधार ली हुई नेत्री जो लगातार 4 चुनाव हार चुकी है और अब भाजपा केंद्रीय नेतृत्व से रालोपा को ख़त्म करने की सुपारी लेकर घूम रही है उनको आज तक कभी तेजा दशमी पर कभी तेजाजी महाराज की याद नहीं आई लेकिन इस बार क्या ऐसी नौबत आन पड़ी कि 4-5 दिन पहले पैदल खरनाल जाने की पोस्ट आती है और हज़ारों पोस्टर नागौर से खरनाल तक लगाए जाते है और फिर धर्मसभा में नहीं जाकर चुपके से वापिस लौटना संदेह पैदा करता है ।
2. भाजपा नेत्री के साथ अपराधिक प्रवृति के लोगों का होना - भाजपा नेत्री की पैदल यात्रा के दौरान उनके साथ ऐसे लोगों के फोटो और वीडियो देखे जा सकते है जिन्होंने एक कुख्यात गैंगस्टर को अपने घर में शरण दी थी। क्या उन सब का प्लान धर्म सभा का माहोल ख़राब करना था ?
3. एक ही परिवार के 7-8 लोगों का मंच पर होना - धर्म सभा से जैसे ही हनुमान बेनीवाल के आगमन की घोषणा होती है तो भाजपा से विधायक पद प्रत्याशी रहे रेवंत राम डाँगा के परिवार के सदस्य माइक छीनकर फेंक देते है और मंच पर तोड़ फोड़ करते हुए साउंड सिस्टम को बर्बाद करके घोषणा करते है कि ये धर्म सभा नहीं होगी लेकिन रेवंत राम डाँगा अपने पारिवारिक सदस्यों को रोकने की बजाय बड़ी शांति से देख रहे जो साबित करता है कि पूरा घटना क्रम पूर्व नियोजित था । (रेफरेंस के लिए वीडियो देखे)
4. हनुमान बेनीवाल पर एक साथ हमला - जैसे ही हनुमान बेनीवाल धर्म सभा में पहुचते है तो वो तेजा भक्तों से निवेदन करते है और उनका कहना मान कर सभी शांति से बैठ जाते है और धर्म सभा पुनः शुरू करवाते है लेकिन जैसी ही हनुमान बेनीवाल बोलना शुरू करते है तो 8-10 लोग एक साथ खड़े होते है और हनुमान बेनीवाल की तरफ़ एक साथ इस तरह लपकते है जैसे उनको किसी के द्वारा रिमोट से कंट्रोल किया जा रहा हो !
इस पूरे घटनाक्रम से निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि आज धर्म सभा में जो भी हुआ वो सब पूर्व नियोजित था वो पहले तो हनुमान बेनीवाल जी के आने से पहले धर्म सभा बंद करना चाहते थे लेकिन मंसूबे कामयाब नहीं हुए तो हनुमान बेनीवाल के आने के बाद उन पर हमला करके माहोल बिगाड़ना चाहते थे ये तो हनुमान बेनीवाल जी ने समझदारी दिखाई और अपने भाषण को संक्षिप्त रखा वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी ।
भाजपा और उसके लोग कभी नहीं चाहते कि किसान क़ौम के लोग एकसाथ बैठे इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए और समाज को तोड़ने के लिए एक साज़िश भाजपा के लोगों ने रची और मोहरा बनाया उन लोगों को जो व्यक्तिगत लाभ के लिए समाज को तोड़ने के लिए तैयार हो गए ।
राजनीतिक विचार धारा से हटकर हम सब को ऐसे लोगों की पहचान करनी होगी जो व्यक्तिगत फ़ायदे के लिए किसी के भी हाथ की कठपुतली बनने को तैयार हो जाते है ।