@prabhatranjann यह हिंदी के प्रकाशक आजकल अपनी नई किताबें किंडल अनलिमिटेड में उपलब्ध क्यों नहीं करते? हर महीने 169 रुपए का सब्सक्रिप्शन लेता हूं क्या किया जाए समझ नहीं आता @RajkamalBooks@Vani_Prakashan
@yunusrj एकदम सही बात है न जाने कितने गाने हैं उनके जिनको सुन सुनकर हम बड़े हुए हैं कई बार तो प्रस्तोता रेडियो पर आप ही होते थे. खैर उनकी आवाज उनके गाने हमारे साथ रहेंगे ही वह हमसे कोई नहीं छीन पाएगा
@prabhatranjann तमाम ऑनलाइन साइट्स देखें तो हम पाते हैं कि प्रेमचंद आज भी हिंदी में सबसे ज्यादा पढ़े जाते हैं पीसी भाई ऐसा लिख गए हैं कि दाएं बाएं भी उनके कोई नहीं है अभी तक
@prabhatranjann हिंदी में गुलशन नंदा मुझे लगता है सबसे ज्यादा उन्हीं की किताबें बिकी हैं वर्दी वाला गुंडा भी विकी जरूर होगी पर 8 करोड़ का दसवां हिस्सा भी नहीं बिका होगा मुझे ऐसा लगता है
@TheViralFever@PrimeVideo@PrimeVideoIN सपने वर्सेस एवरीवन के सीजन वन का हिंदी ऑडियो डिस्क्रिप्शन ले आइए भाई कई बार आपसे निवेदन कर चुके हैं इस चक्कर में मैं दूसरा सीजन भी नहीं देख रहा हूं कैसे काम चलेगा बताइए?
@5ocialOfficial कर्तव्य में अभिनय ठीक नहीं लगा मुझे पर इसका यह मतलब नहीं है कि @saurabhtop अभिनय छोड़ दे उन्हें अच्छा लगेगा तो उन्हें आगे भी करना चाहिए प्रयास करते रहने से ही सुधार आता है पत्रकार तो वह जानदार है ही,
@premolarcanine अपने बड़े भाई के लिए यश चोपड़ा ने इत्तेफाक जैसी शानदार फिल्म बनाई इस फिल्म में भी कोई गाना नहीं है जैसा कि कानून में भी कोई गाना नहीं है इत्तेफाक भी बेहतरीन फिल्म है राजेश खन्ना और खासकर नंदा जी ने जो काम किया है वह तो जबरदस्तहै
@BeechBazar तानाशाही सत्ता का मिजाज एक जैसा ही होता है इस दौर में भी वह कोई आश्चर्यजनक काम नहीं कर रहे हैं पर मुझे लगता है भारत के लोकतंत्र को चोट पहुंचाने में जो दो सबसे बड़े दोषी हैं एक तो सर्वोच्च न्यायालय और दूसरा इस दौर की टीवी पत्रकारिता
@UrmileshJ बिल्कुल करेगा और शायद सर्वोच्च न्यायालय करते हुए दिखने भी लगा है पर यह सब सोचा समझा है सत्ता को जो करना था वह कर चुकी है और यह बात सर्वोच्च न्यायालय जानता है यह मान लीजिए
@dibang यह सब सुनने के बाद तो कांग्रेस का सकती है की सोचिए जब लंबे समय तक पूरे देश में हमारी सरकार थी तो चुनाव आयोग निष्पक्ष था नहीं होता तो इन सारे राज्यों में हम सरकार बना लेते पर पता नहीं कांग्रेसी यह जवाब दे पाएंगे या नहीं
संघ परिवार के नेताओं के लिए अन्य कई ज़्यादा गंभीर कारणों में शर्म और आत्मावलोकन का यह भी विषय होना चाहिए कि सार्वजनिक मंचों, सोशल मीडिया पर सबसे ज़्यादा अशिष्ट, भद्दी, कुत्सित शब्दों और भाषा का इस्तेमाल करने में संघ-मोदी परिवार के समर्थक/अनुनायी, ‘राष्ट्रवादी’, राष्ट्र प्रथम, हिंदू आदि लिखने वाले क्यों होते हैं?
Hon’ble @AshwiniVaishnaw,
Why are seats for disabled passengers almost always next to coach doors—the most chaotic, crowded spot? Constant pushing, zero comfort.
Accessibility isn’t tokenism. It’s about dignity. Please fix this. #Accessibility#IndianRailways
@triloknpandey@Storytel_In@RajkamalBooks माफी चाहूंगा सर उनको टैग करना भूल गया था आपने टैग कर दिया है पर यह बेहद अफसोस की बात है कि इतनी शानदार किताब ऑडियो में रिकॉर्ड हुई और वह भी आधी
आठ वर्षों में प्रकाशित हुए–
चार उपन्यास
प्रेम लहरी, चाणक्य के जासूस, महाब्राह्मण और रामदूत.
पांचवां प्रकाशन में है. छठां और सातवाँ निर्मिति में है.
दो कहानी संग्रह – खुफियागीरी युगे युगे और काशी-कथा
दो काव्य-संग्रह – विलाप और बहती धार
विश्व पुस्तक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं