हैरान करने वाली बात है। रत्ना सिंह ने SEM कोर्ट को खत्म करने की मांग की है और इसे "समझौता किया हुआ" (compromised) करार दिया है।
फिर भी, उनके खिलाफ अब तक कोई अवमानना (contempt) नोटिस जारी नहीं किया गया है।
याद कीजिए, तत्कालीन CJI के खिलाफ टिप्पणी करने के बाद निशिकांत दुबे को कितनी जल्दी नोटिस मिल गया था?
@grok@SanatnEktaMunch@grok सोरोस क्या एफीडेविट देगा कि हां मैं भारत में सरकार गिराने के लिए फंड देता हूं, मूर्ख। कड़ियाँ जोड़कर ही पता चलेगा वो कर के बता
कॉकरोचों के पहले उपद्रव की वीडियो | सोचा भूल गए हो तो याद दिलवा देते हैं |
अगर राष्ट्रवादियों की भीड़ ने इस उपद्रव का विरोध नहीं किया तो भारत को बांग्लादेश बना देंगे कॉकरोच |
ओ अंकिल
आज जो निजी क्षेत्र के 3 सबसे बड़े बैंक हैं यानी ICICI बैंक एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक यह तीनों कभी सरकारी हुआ करते थे लेकिन पीवी नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री रहे मनमोहन सिंह ने इन्हें बेच दिया
आई सी आई सी का पूरा नाम इंडस्ट्रियल क्रेडिट एंड इन्वेस्टमेंट कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया था ..यह भारत सरकार की ऐसी संस्था थी जो बड़े उद्योगों को लोन देती थी लेकिन एक झटके में वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने इसका डिसइनवेस्टमेंट करके इसे प्राइवेट बना दिया और इसका नाम और आईसीआईसीआई बैंक हो गया
आज जो एचडीएफसी बैंक है उसका पूरा नाम हाउसिंग डेवलपमेंट कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया था यह भारत सरकार की एक ऐसी संस्था हुआ करती थी जो मध्यम वर्ग के लोगों को सस्ते ब्याज पर होम लोन देने का काम करती थी
नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री रहे मनमोहन सिंह ने कहा सरकार का काम सिर्फ गवर्नेंस करना है होम लोन बेचना नही है
मनमोहन सिंह इसे जरूरी कदम बताते हैं और कहते हैं सरकार का काम सिर्फ सरकार चलाना है बैंक चलाना लोन देना नहीं
और एक झटके में वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने एचडीएफसी बैंक को बेच दिया और यह निजी क्षेत्र का बैंक बन गया
इसी तरह की बेहद दिलचस्प कहानी एक्सिस बैंक की है
भारत सरकार की एक संस्था हुआ करती थी उसका नाम था यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया यह संस्था लघु बचत को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई थी यानी आप इसमें छोटे-छोटे रकम जमा कर सकते थे मनमोहन सरकार नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने कहा की सरकार का काम चिटफंड की स्कीम चलाना नहीं है और एक झटके में इसे बेच दिया गया पहले इसका नाम यूटीआई बैंक हुआ और बाद में इसका नाम एक्सिस बैंक हो गया
इसी तरह आज आईडीबीआई बैंक है जो एक प्राइवेट बैंक है एक समय में यह भारत सरकार की संस्था हुआ करती थी जिसका नाम था इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया इसका भी काम उद्योगों को लोन देना था लेकिन मनमोहन सिंह ने इसे भी 60% बेच दिया था
अपनी यादाश्त को कमजोर न होने दो कभी
डिसइनवेस्टमेंट पॉलिसी को भारत में कौन लाया था जरा सर्च कर लो जब *नरसिंगा राव के समय में मनमोहन सिंह वित्त मंत्री थे जब मनमोहन सिंह ने संसद में कहा था मैक्सिमम गवर्नमेंट लेस गवर्नेंस उन्होंने कहा था कि सरकार का काम धंधा करना नहीं सरकार का काम गवर्नेंस देना है* ऐसा माहौल देना है कि लोग यह सब काम करें.
मनमोहन सिंह ने ही *सबसे पहले टोल टैक्स पॉलिसी लाई थी* यानी निजी कंपनियों द्वारा सड़क बनाओ और उन कंपनियों को टोल टैक्स वसूलने का परमिशन दो.
मनमोहन सिंह ने *सबसे पहले एयरपोर्ट की निजी करण* की शुरुआत की थी और सबसे पहला दिल्ली का *इंदिरा गांधी एयरपोर्ट को जीएमआर ग्रुप को* दिया गया.
आज चम्पक उछल उछल कर नाच नाच कर बेसुर रागा गाता फिर रहा है, "मोदी ने दोस्तो को बेच दिया..
मनमोहन सिंह करें तो - विनिवेश
मोदी करें तो - देश को बेचा .. !!!
2009-10 में मनमोहन सिंह ने 5 कंपनियां बेचीं
NHPC Ltd.-
OIL - ऑयल इंडिया लिमिटेड
एनटीपीसी - नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन
आरईसी - ग्रामीण विद्युतीकरण निगम
एनएमडीसी - राष्ट्रीय खनिज विकास निगम
2010-11 में, मनमोहन सिंह ने 6 कंपनियाँ बेचीं!
एसजेवीएन - सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड
ईआईएल - इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड
CIL - कोल इंडिया लिमिटेड
पीजीसीआईएल - पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया
MOIL - मैंगनीज अयस्क इंडिया लिमिटेड
एससीआई - शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया।
2011-12 में मनमोहन सिंह ने 2 कंपनियाँ बेचीं
पीएफसी - पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन।
ओएनजीसी - तेल और प्राकृतिक गैस निगम
2012-13 में, मनमोहन सिंह ने बेचीं 8 कंपनियां-
सेल - भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड
नाल्को - नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड
आरसीएफ - राष्ट्रीय रसायन और उर्वरक
एनटीपीसी - नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन
OIL - ऑयल इंडिया लिमिटेड
एनएमडीसी - राष्ट्रीय खनिज विकास निगम
HCL - हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड
एनबीसीसी
👉 2013-14 में मनमोहन सिंह ने 12 कंपनियां बेचीं
एनएचपीसी - नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन
भेल - भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड
ईआईएल - इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड
एनएमडीसी - राष्ट्रीय खनिज विकास निगम
सीपीएसई - सीपीएसई-एक्सचेंज ट्रेडेड फंड
PGCI - पावर ग्रिड कॉर्पोफ़ इंडिया लि।
एनएफएल - राष्ट्रीय उर्वरक लिमिटेड
MMTC - धातु और खनिज व्यापार निगम
HCL - हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड
आईटीडीसी - भारतीय पर्यटन विकास निगम
एसटीसी - स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन
एनएलसी - नेयली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन लिमिटेड
🤔
देखो 🪳 का ड्रामा..
घर में कौन कंधे पर तिरंगा रख के बैठता है.?
खैर,
NCP शरद गुट के प्रवक्ता अनीश गवांडे के घर पर रूके 🪳 अभिजीत दीपके को नोटिस देने पहुंची दिल्ली पुलिस..
NCP या अनीश गवाडें का इन तिलचट्टों से कैसा ज्वाइंट वेंचर है..?
अभिजीत दिपके: मुझे सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और पुलिस पर भरोसा नहीं
नेहा बोरा: हमें प्रेरणा बांग्लादेश के Regime Change से मिलती है
योगेंद्र यादव: संसद नहीं, सड़कें तय करेंगी भारत का भविष्य
प्रशांत भूषण: जब तक Regime Change सफल नहीं हो जाता, हम नहीं रुकेंगे
ध्रुव राठी: आर्मी और पुलिस को मौजूदा Regime के खिलाफ विद्रोह करना चाहिए
अब भी लगता है कि ये सिर्फ ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की बात है?
“YES, Regime Change is Needed” Real-Life Villain Prakash Raj! 🎭
Ab toh khulkar bol rahe hain, chhupane ka naatak bhi band! 👀
Achha hai, agenda ab khud hi expose ho raha hai! 🔥
ये वामपंथ नहीं इस्लामिक पंथ हैं जो इस्लामिक मूवमेंट को धन्यवाद दे रही हैं जिसके कारण 2500 हिंदुओं का नरसंहार किया गया था ।
क्या ऐसे लोगो को खुले में घूमने की आज़ादी मिलनी चाहिए ? एंग्लो इंडियन गैंडी भाई बहन की दुलारी उनके ही विचारो को आगे बढ़ा रही हैं ।
अगर जिन्ना की तरह Direct Action Day का कॉल देने की मंशा हैं तो दे ही दो
देखते हैं जोड़ कितना बाजुए क़ातिल में हैं ??
Anjali Bhardwaj is sitting with Prashant Bhushan, smiling, as part of a plan for regime change; she has received support and an award directly from the US Embassy.
She is an Ashoka fellow, which is funded by the Ford Foundation.
She was also in the core team of Kejriwal’s Ford-funded NGO
Hello @PMOIndia@narendramodi@AmitShah@HMOIndia yesterday this chap called for a military coup against the government. Today another fellow admits they’re attempting regime change. How long are you going to keep quiet and watch this? Enough is enough. Do something
विश्व चेतावनी:
वेनेजुएला मॉडल – क्या अब भारत की बारी है?
कोई उन्हें रोक नहीं पाया! अमेरिका ने सचमुच वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को रात में उनकी बेडरूम से उठा लिया, जब वे अपनी पत्नी के साथ सो रहे थे।
और यकीन कीजिए, यही खेल अब भारत के साथ भी खेला जा रहा है।
यह पैटर्न कैसे काम करता है? 🤔
चरण 1:
चुनाव को धोखाधड़ी बताना
2024 के वेनेजुएला चुनाव याद है? मादुरो फिर जीत गए। लेकिन अमेरिका इसे हजम नहीं कर पाया।
तो वैश्विक ट्रेंड चलाया गया: “वोट चोरी”
न्यूयॉर्क टाइम्स, ब्लूमबर्ग, गार्डियन – सबने रिपोर्ट चलाई: “चुनाव धोखाधड़ी है, लोकतंत्र खतरे में है, तानाशाही चल रही है!”
क्या यह कहानी जानी-पहचानी लगती है?
चरण 2:
वही स्क्रिप्ट, अलग-अलग देश
🇵🇰 पाकिस्तान – इमरान खान
वही कहानी – तानाशाह, तानाशाह... आज? जेल में। और अमेरिका को अपनी चापलूसी करने वाली सरकार मिल गई।
🇱🇰 श्रीलंका
वही नैरेटिव सेट किया गया, सरकार बदल गई।
🇧🇩 बांग्लादेश – शेख हसीना
बस 1 साल पहले! भारतीय पपेट्स ने उन्हें तानाशाह बताते हुए वीडियो बनाए। सरकार बदल गई। किसे लाया गया? मुहम्मद यूनुस – नोबेल शांति पुरस्कार विजेता।
🇻🇪 वेनेजुएला
विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो को पिछले साल नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया। उन्हें लोकप्रिय बनाया गया ताकि सरकार बदलने पर सत्ता उनके हाथ में सौंपी जा सके।
अलग देश, वही कहानी!
चरण 3:
अब भारत की बारी 🇮🇳
अगर अमेरिका एशिया को नियंत्रित करना चाहता है, तो उसे भारत में अपना पपेट चाहिए।
क्या ये सारे अभियान याद हैं?
👉 “मोदी तानाशाह है”
👉 “मोदी वोट चोर है”
👉 “चौकीदार चोर है”
👉 ईवीएम हैक हो गया
👉 ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल
👉 भारतीय अर्थव्यवस्था को “मृत अर्थव्यवस्था” कहा गया
जब भारत में उनके पपेट्स काम नहीं कर पाए, तो डोनाल्ड ट्रंप खुद आगे आए – टैरिफ का खेल खेला!
25% से 50% टैरिफ। “रूस से तेल मत खरीदो” – मतलब साफ, रूस से दोस्ती तोड़ो।
फिर भी मोदीजी पीछे नहीं हटे। और अगर मोदीजी आज मजबूत खड़े हैं, तो इसलिए क्योंकि हम अपने देश के साथ खड़े हैं।
संदेश:
सिर्फ यह मत देखो कि वेनेजुएला में क्या हुआ।
यह देखो कि भारत के साथ क्या हो रहा है और हमें कितना सतर्क रहने की जरूरत है।
आने वाले दिनों में विपक्ष मोदीजी को हटाने के लिए सबसे नीचे स्तर पर गिर जाएगा।
Mark it.
The kind of language Abhijeet Dipke is repeatedly using against PM Narendra Modi and HM Amit Shah.
Wo din dur nahi hai, Jab Isko bhi Tihar ke Darshn karne jana pde. 😭
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प्रशांत भूषण खुलेआम बोल रहा है कि वो आंदोलन का षडयंत्र सिर्फ सरकार का तख्ता पलटने के लिए करवा रहे है।
@DelhiPolice UAPA लगाने के लिए और कोई ग्राउंड चाहिए क्या आप को? 🤗
दिखा दो इन देश के दुश्मनों को कि
“हर बार डर के आगे जीत नहीं होती, तिहाड़ जेल भी होती है“ 🤓🤗
बताइए!
अब तो गंगाराम बढाई भी बेवफा हो गया 😂 ये भी “सोरोस और खोंगरेस“ के बीच हुई डील को खुल के पूरी दुनिया को बता रहा है 🔥😜
गंगाराम बढ़ाई ने एक इटरव्यू में खुलासा किया है कि सोरोस ने भारत की सरकार पलटने के लिए कितना पैसा फ्यूल किया है भारत के गद्दारो को।
इस अमेरिकी कुत्ते ने कहा है कि
"अगर जॉर्ज सोरोस कुछ अच्छा करने के लिए $10 बिलियन का इन्वेस्टमेंट लाने जा रहे हैं, तो शायद यह देखने लायक बात है। यह मुमकिन है.."
मेरा मन तो 🏑🏑😎
Nepal, Bangladesh aur ab India mein Regime Change ki baat!
Prashant Bhushan ke apne shabd “Hum log Regime Change karwa kar rahenge!”
Aur tumhe laga ye protest students aur SIR ke liye tha! Samjhe❓🤡