माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से दुःखी लाखों शिक्षक नहीं मनायेंगे शिक्षक दिवस ।
01 सितम्बर 2025 को माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये आदेश से देश भर में 10 लाख से अधिक सरकारी शिक्षकों की नौकरी पर संकट मँडरा गया ��ै ।यदि आदेश को निजी स्कूलों पर लागू किया गया तो इससे प्रभावित शिक्षकों की सम्भावित संख्या करोड़ में होगी ।इस निर्णय से शिक्षक दुःखी एवं चिन्तित हैं ।
सदैव की भाँति कल 5 सितम्बर को देश एवं सभी प्रदेश की सरकारें मंच सजाकर चंद शिक्षकों को चंद लम्हों का सम्मान देंगी ।उनमें कुछ ऐसे शिक्षक भी होंगे जिन्हें भारत सरकार द्वारा tet को लेकर बनाये गये कानून के कारण दो साल बाद सेवा से निकालने की चिंता सत�� रही होगी ।क्या ऐसे विषम परिस्थिति में मिलने वाले उस सम्मान को शिक्षक मन से स्वीकार करेगा ।भारत सरकार द्वारा tet को लेकर बनाये गये कानून के क्रम में मा सुप्रीमकोर्ट द्वारा दिए गये निर्णय से देश भर के दस लाख से अधिक सरकारी शिक्षकों के सामने दो वर्ष बाद सेवा से बाहर किए जाने का खतरा उत्पन्न हो गया है इसलिए हम माननीय प्रधानमंत्री जी एवं केन्द्रीय शिक्ष�� मंत्री जी से अनुरोध करते हैं कि शिक्षकों के साथ न्याय करने की घोषणा करने की कृपा करें ।आपकी घोषणा ही शिक्षकों के लिए वास्तविक सम्मान होगा।
@narendramodi
@dpradhanbjp
@PMOIndia
@jagdambikapalmp
@dm_ghaziabad
आदरणीय डीएम साहब जनपद गाजियाबाद में पिछले तीन दिनों से भंयकर वर्षा हो रही है। आपसे निवेदन है कि जनपद के समस्त विद्यालयों (कक्षा एक से आठ तक) में पढ़ने वाले विधार्थियों का अगले दो दिन का अवकाश करने की कृपा करें। सरकारी ��िद्यालयों के भवनों की स्थिति अच्छी नहीं है।
शिक्षक ने अपने सुसाइड नोट में सहकर्मी शिक्षकों व बीएसए दोनों पर उत्पीड़न के आरोप लगाये हैं ।यह सर्व विदित है कि अधिकारी का सहयोग होने पर एक शिक्षक दूसरे शिक्षक का उत्पीड़न कर सकता है ,आरोपी शिक्षकों को वो ही बीएसए निलंबित कर रहीं है जो ख़ुद आरोपी है बीएसए पर कार्यवाही कब ?
शिक्षकों ने राज्य कर्मचारियों की भांति सामान्य सुविधाएं जैसे EL, कैश लेस चिकित्सा, अर्ध अवकाश आदि की मांग क्या कर ली,
सब लोग शिक्षकों को ताने मारने लगे।
एटेंडेंस लीजिए लेकिन उन मांगों पर भी तो बात कीजिए जो बाकी सभी को बिना मांगें मिल रही हैं।
#Boycottdigitalattendance
आज दिनांक 3 जुलाई को बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जनपद के विद्यालयों में भ्रमण कर विद्यालयों की निपुण गुणवत्ता परखी गई, इसके साथ-साथ गांव में घूम रहे बच्चों व उनके अभिभावकों से वार्ता कर उनके विद्यालय ना आने का कारण पूछा गया तथा उन्हें विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया गया
#school