अयोध्या में राम नाम की लूट में जमीन के नाम पर किस किस ने नहीं लूटा! श्यामलाल यादव की इंडियन एक्सप्रेस में इन रिपोर्ट्स को कई साल हो गए। न जांच हुई, न एसआईटी बनी और न ही फिर कभी इंडियन एक्सप्रेस ने इसका फॉलोअप लिया। अरुणाचल प्रदेश के बिके हुए नेता तक अयोध्या में जमीन के मालिक हो गए।
सोचिये पिछले कुछ सालो में अनगिनत एनकाउंटर हुए जिनमें कई पर गंभीर सवाल उठे! परिजन चीक चीक कर अपनी आवाज सुनाने की कोशिश करते रहे! किसी ने नहीं सुनी! मीडिया के लिए खबर कभी नहीं बानी!
कोर्ट तक ने जब इसपर सवाल उठाया तब भी नहीं!
लेकिन बिहार में भरत तिवारी के एनकाउंटर ने सभी मीडिया को आवाज दे दिया!
बात बुरी है, जब "क्लास एंड कास्ट मैटर्स" की बात कही जाती है मीडिया अक्सर सामने आकर इस बात को सही साबित कर इस थ्योरी को और मजबूत कर जाता है!
चलिए एक और पॉजिटिव सोच यहाँ से रखते हैं की भले किसी केस से जगे,जगे तो सही और भविष्य में हर गलत एनकाउंटर पर सवाल उठेगा
Porn Peddler Amit Malviya की बदौलत, आप जैसे नीच सोच वाले लोग ही बचे हैं मोदी और संघियों के बचाव के लिए।
आप जैसों की मेहरबानी से स्त्री का केवल "रंडी" रूप ही प्रचलित हो रहा है!
शायद आप अपने घर की बहनों को राजनेतायों के आगे नंगा नचवा चुके हैं!
सही पकड़ा ना रवीन्द्र नाथ जी?
यह संघियों के "संस्कारी" होने की अमिट पहचान है!
घिन्न आती है संघियों से अब तो!
शिवसेना तोड़ दी, एनसीपी तोड़ दी, AAP तोड़ दी, तृणमूल तोड़ दी, शिवसेना फिर से तोड़ दी, JDU को लगभग खत्म दिया, कांग्रेस तोड़कर दो राज्यों में सरकार गिराई, पीडीपी खत्म, अकाली खत्म, लोजपा खत्म, जेजेपी खत्म...
भाजपा पूर्ण बहुमत के बावजूद पार्टियों को क्यों तोड़ रही है?
असल में भाजपा 240 सीटों से डर गई है। वह समझ चुकी है कि जनाधार खिसक गया है। अब वे 2029 का इंतजाम कर रहे हैं कि विपक्ष में कोई मजबूत पार्टी ही न बचे। जनता के सामने कोई विकल्प न रह जाए। इसलिए बहुमत की सरकार बनने के बाजूद देश से विपक्ष को खत्म करने के अभियान पर काम चल रहा है।
देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसी समस्या भविष्य बर्बाद कर रही है, लेकिन भाजपा सिर्फ अपनी कुर्सी के लिए काम कर रही है।
@AcharyaPramodk@rambinod आचार्य जी ,
2021 में गजब परख थी आपकी चोरों के बारे में,
लेकिन अब नहीं रही..
अब कहोगे तो चोर बुरा मान जाएंगे..
साथ में उठेंगे बैठेंगे नहीं,
एक बार फिर से उसी ताकत के साथ आप सच बोल ही दीजिए..
जो होगा देखा जाएगा..जय श्रीराम
बोलिए..बजरंग बली महाराज की जय
उत्तर प्रदेश –
जिला बिजनौर में 4 दिन पहले खेत में गोकशी हुई। हिंदू संगठन पहुंचे, हंगामा किया। हसन, शमीम, शफीक पर गोकशी का आरोप लगाया।
पुलिस जांच में पता चला है कि मौजूदा प्रधान जगपाल ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदी हसन को फंसाने के लिए ऐसा करवाया था। ब्रह्मपाल उर्फ संता गाय का बच्चा (बछड़ा) लेकर आया था, जिसे काटा गया।
इस मामले में प्रधान जगपाल, उसका भाई किरणपाल लाला, खेत मालिक रामअवतार, ब्रह्मपाल उर्फ संता और फैजान गिरफ्तार हैं। जुबैर, सलमान, फारुख फरार हैं।
My senior colleague Dr Shashi Tharoor's admiration for PM Modi appears to have transcended the limitations of the physical world. He now seems capable of hearing what Modi doesn't even say.
According to the official MEA readout of the Modi–Trump meeting on the sidelines of the G7:
1. There is no mention of the cold-blooded killing of three Indian sailors by the United States in the Gulf of Oman.
2. This was the first Modi-Trump meeting after Operation Sindoor, yet there is no indication that Modi challenged Trump's repeated claim - now made over 120 times - that he secured a ceasefire by threatening India with trade consequences.
3. There is no mention of the attack on Iranian frigate IRIS Dena, India's guest during MILAN-2026, in what is effectively India's strategic backyard.
And yet, Tharoor ji somehow heard forceful assertions, robust pushback, and uncompromising diplomacy that never made it into the official record.
Perhaps the rest of us are constrained by ordinary human senses. For devotees of the 'Maha-Maanav Modi', the less he says, the more they hear.
NEET पेपर लीक पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन, जानिए अमेरिका क्या कहता था मीम ब्वॉय ने क्या कहा
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#delhi#CJP#NEET#paperleak By @udayfromearth
आप सबसे अपील है कि संघियों, भाजपाइयों की राममंदिर लूट डकैती का यह वीडियो 147 करोड़ जनता तक पहुँचना चाहिये।
राम के नाम पर तीन दशक से RSS और उसके लोग लूटपाट कर रहे हैं।
दान पात्र से सुनियोजित लूट होती रही इस लूट में RSS के सभी बडे नेता शामिल हैं।
चंपत राय बंसल/RSS असल चोर हैं।
चौकीदार ही चोर है।
“राम नाम पर लूट है,लूट सके तो लूट “
अब तक इतने खुलासे हो गए हैं कि अब बचाव के सारे तर्क समाप्त हो गए लेकिन नए खुलासे जारी है।
न्यूनतम काम जो अब तक हो जाना चाहिए था वह था कि ट्रस्ट को भंग कर दिया जाता। कैसे वही ट्रस्ट अभी भी सक्रिय रह सकती है जिसके साये में इतना बड़ा पाप ही गया।
आज के भाषण में बयान कम, धमकी अधिक क्यों थी?
आज का कार्यक्रम अचानक बना था या जिस दिन SIT बनी थी, उस दिन?
सूत्र ये क्यों कह रहे हैं कि स्थानीय भाजपाई विधायकों और पदाधिकारियों के कहने पर ये कार्यक्रम अचानक तय किया गया, जिससे कि भाजपा की राजनीति ज़मीन बचाई जा सके नहीं तो अयोध्या मंडल ही नहीं, पूरे उप्र में भाजपा का सूपड़ा साफ़ होना तय है।
भौतिक रूप से भ्रमण कर, उस SIT के काम को प्रभावित करने की कोशिश न की जाए, जो पहले से ही विवादास्पद सदस्यों और कलंकित छवि के कारण शंकाओं के घेरे में है।
आज वहाँ चेहरा उतरा हुआ क्यों था?
आवाज़ को तो जानबूझकर ऊँची करने का प्रयास पूरा था लेकिन आत्मविश्वास शून्य क्यों था?
इस बार अपने ख़ास लोगों से मिले क्यों नहीं?
जनता कह रही है ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ नहीं ‘सोने का सोना, चाँदी की चाँदी’ करें। चढ़ाए गये पैसों, अनमोल शिलाओं के अलावा बहुमूल्य धातुओं और जेवरों का भी हिसाब देना ही पड़ेगा।
झूठ को अफ़वाह,अफ़वाह को सम्भावना और सम्भावना को सच बताने/दिखाने का प्रयास #भाजपा के हेडलाइन मैनेजमेंट के प्रोजेक्ट के अंतर्गत मीडिया #राम_मंदिर में चढ़ावे में चोरी,उसके कारण #हिन्दू संगठनो के परिवार’ में फूट,#NEET पेपर लीक व महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए कर रहा है।
लेकिन शिवसेना मे टूट की बैकग्राउंड में #समाजवादी_पार्टी में बग़ावत की खबरे प्लांट कराई गई।
लेकिन भाजपा के मीडिया प्रबंधको को पता होना चाहिए कि महाराष्ट्र व उप्र की राजनीति व उसकी संस्कृति बिल्कुल अलग है।
भाजपा के रणनीतिकारों ने झूठ बुलवाने के लिए अविश्वसनीय नेताओं को आगे किया जिससे यह साज़िश शुरू होने से पहले फ्लाप हो गई।
समाजवादी पार्टी में जिनको डराया जा सकता था लालच दिया जा सकता था वो सब दो किश्तों में #भाजपा में सम्मिलित हो गए है।
समाजवादी पार्टी के सांसद,विधायक व पदाधिकारी आश्वस्त है कि 2027 में उप्र में सपा की सरकार बनेगी तो छोड़ कर कोई क्यों जाएगा?