⛔ सरकारी निःशुल्क दवा से बच्चे की मौत! दवा बनाने वाली कम्पनी पहले भी हो चुकी है बैन!
सीकर के रघुनाथगढ़ थाना क्षेत्र के गांव खोरी ब्राह्मणान के 5 वर्षीय बालक की निःशुल्क दवा योजना की सीरप पीने से मौत हो जाने की खबर है! बच्चे को आज सुबह सीकर के एसके अस्पताल में लाया गया, जहाँ मृत घोषित किया गया।
यह वही Dextromethorphan सीरप है जिसके सेवन से सीकर के ही 2 बच्चे जयपुर जयपुर के अस्पताल में आईसीयू में भर्ती रहे और भरतपुर में भी एक बच्चे की हालत गम्भीर होने पर वहां उपस्थित डॉक्टर ने भी पीकर देखा तो उनकी भी हालत बिगड़ गयी थी! इस खबर को कई अखबारों ने प्रमुखता से छापा था! उक्त सीरप का निर्माण Kaysons Pharma कम्पनी द्वारा किया गया है जो कि पहले भी विवादों में रही है! यह कम्पनी जयपुर के पास ही एक गांव में दवा निर्माण करती है! कम्पनी की अधिकृत वेबसाइट के अनुसार ये 1984 से फार्मा सेक्टर में हैं लेकिन असल में यह कम्पनी (प्रोपराइटरशिप) रजिस्टर ही 2017 में हुई है और इसका बैलेंस भी स्थापित कम्पनियों के सामने कुछ भी नहीं है!
सरकारी डॉक्टर के हाथ लगे कुछ कागजातों के अनुसार इस कम्पनी को Anticold Syrup की आपूर्ति के विषय में वर्ष 2022 में एमडी आरएमएससीएल द्वारा दो साल के लिए प्रतिबंधित भी किया जा चुका है, यानी इसकी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी और क्वालिटी निश्चित रूप से सन्देह के घेरे में है! आप निःशुल्क दवा/जांच योजनाओं की मैन्युफैक्चरिंग को देखेंगे तो पाएंगे कि कई कम्पनी जयपुर चौमू के आस पास दवा/किट बना रही हैं! यह गम्भीर विषय है! राजस्थान में हर साल एक हजार करोड़ से ऊपर की निःशुल्क दवा प्रदेश में वितरित की जा रही हैं लेकिन गुणवत्ता पर हमेशा सवाल खड़े होते हैं, सैंकड़ों सैम्पल फैल हो चुके हैं, लेकिन दवा है कि बंट रही है! मृतक बालक को शत शत नमन! क्या अब सरकार इस बालक को एक करोड़ मुआवजा या परिजन को सरकारी नौकरी देगी? किसी की कोई जिम्मेदारी तय होगी?
@8PMnoCM@1stIndiaNews@BhajanlalBjp@DrDhruvchauhan@drshikhameel@Mahavir12343@sharatjpr@zeerajasthan_@Poojasharma_DB@samitsharmaias@drajaychuru@RajPoliceHelp@GajendraKhimsar@Lap_surgeon@manojpehul
ADG वी.के. सिंह जी ने लाख टके की बात बोली है....
जो ईमानदारी से इस भर्ती में लगे जब उन विकट परिस्थितियों में जहाँ बड़े पैमाने पर पेपर लीक हुआ उसके बावजूद वो अपने टेलेंट से सेलेक्ट हुए तो मैं नहीं मानता कि अगली भर्ती में वो सेलेक्ट नहीं होंगे
@hanumanbeniwal
छत पर सो रहा हूँ।जहरीली बदबू आ रही है जोजरी के केमिकल की।मेरा बच्चा मेरा भविष्य नींद में सो रहा है बदबू उसके फेफड़े भी छड़ा रही है।पर मेरे पास कोई सहारा नहीं है जो खेत था वो भी डूब गया इस जहर में।नही तो वहां घर बनाते अब नई जमीन मिल नहीं रही आस पास परिवार छोड़कर कहां जायें।वो अपने पापा को इस जोजरी से लड़ते देख इरीटेड हो जाता है।हर शाम घर आता हूँ तो सवाल करता है पापा ये केमिकल कब बंद होगा।उसे लगता है मेरे पापा इसे बंद करवा ही लेंगे ओर मैं जवाब देता हूँ होले होले होई बेटा।
कीड़े पड़े तुम्हारे जोधपुर के नेताओं प्लास्टिक के कीड़े पड़े तुम्हारा सर्वनाश हो जाये फैक्ट्री वालों खोज जाये तुम्हारा।
क्या जवाब दूँ बच्चे को कि तुम्हारे फेंकड़े इस बदबू से छड़ रहे है।
लूणी के विधायक जोगाराम जी पटेल जोधपुर के सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत कलेक्टर गौरव अग्रवाल ओर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कामिनी सोनगरा मैडम। आखिर क्यों हमारे भविष्य हमारे बच्चों को मौत दे रहे हो जवाब है आपके पास कितना पैसा मिलता है बताओ तो सही इन फैक्ट्री मालिकों से।एक बार में गोली शूट करवा दो आप हमें रोज रोज घुट घुटकर नही मरा जा रहा है।
प्लीज गोली मार दो मुझे मेरे बच्चे को क्या जवाब दूँ बोलो ना @JogarampatelMLA@gssjodhpur@BhajanlalBjp
विकसित भारत बनाने के लिए गाँवों को बर्बाद किया जा रहा है माननीय मुख्यमंत्री महोदय @BhajanlalBjp जी कभी डोली गांव के तालाब में भी यूँ पानी भरा रहता था लेकिन अब आपके औद्योगिक धना सेठो ने मंत्रियों को पैसे खिलाकर सबकुछ बर्बाद कर दिया है यहाँ आपकी नल से जल ओर जल जीवन मिशन की आवश्यकता ही नहीं थी जब तक तालाब में पानी है गांव आत्मनिर्भर है पर जोजरी नदी के प्रदूषण ने सैकड़ों तालाब खत्म कर दिए @JogarampatelMLA@gssjodhpur कैसा शासन प्रशासन आप चला रहे हैं आपकी सरकार बनने के बाद हालात ओर खराब हुए हैं
क्या आप जानते है कि,
हमारे देश में तेजी से शिक्षा का व्यवसायीकरण हो रहा है। शिक्षा की गुणवत्ता सुधार हेतु कार्यरत अधिकारी एवं विभाग गहरी नींद में मस्त है। समाज में जिस तरह तेजी से शिक्षा के व्यवसायीकरण हो रहा है उससे कई गंभीर नुकसान हो रहा है जो समाज और विद्यार्थियों दोनों को प्रभावित करते हैं। आइए कुछ मुख्य बिंदुओं पर नजर डालते हैं…
1. शिक्षा का महंगा होना:
शिक्षा एक मौलिक अधिकार है, लेकिन जब इसे व्यवसाय बना दिया जाता है, तो यह केवल अमीर वर्ग के लिए सुलभ हो जाती है। गरीब और मध्यम वर्ग के लोग अच्छी शिक्षा से वंचित रह सकते हैं।
2. गुणवत्ता पर असर:
कई बार निजी संस्थान सिर्फ लाभ कमाने के लिए शिक्षा देते हैं, जिससे शिक्षण की गुणवत्ता गिर सकती है। शिक्षक चयन और पाठ्यक्रम पर ध्यान देने के बजाय संस्थान मुनाफे पर केंद्रित हो जाते हैं।
3. मूल्यों का ह्रास:
व्यवसायीकरण के कारण शिक्षा का उद्देश्य ज्ञान और चरित्र निर्माण से हटकर केवल डिग्री और नौकरी पाना बन जाता है। इससे नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना कम हो सकती है।
4. योग्यता के बजाय पैसे का बोलबाला:
महंगी फीस और डोनेशन सिस्टम के कारण कई बार योग्य लेकिन गरीब विद्यार्थी पीछे रह जाते हैं, जबकि आर्थिक रूप से सक्षम लोग आसानी से दाखिला पा लेते हैं।
5. प्रतिस्पर्धा और तनाव:
निजी संस्थान अपने ब्रांड और रैंकिंग बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों पर अधिक दबाव डालते हैं, जिससे मानसिक तनाव और प्रतिस्पर्धा बढ़ जाती है।
6. शिक्षा का बाजारीकरण:
शिक्षा को एक "प्रोडक्ट" बना दिया जाता है, जहां डिग्रियों को बेचा जाता है और विज्ञापनों के जरिए छात्रों को लुभाया जाता है, बजाय इसके कि असली ज्ञान और सीखने पर ध्यान दिया जाए।
आप सरासर झूठ बोल रहे हो मंत्री महोदय जी एक भी STP या CETP काम नही कर रहा हैं ये पानी आपको ट्रीट किया हुआ नजर आ रहा हैं।रोज का एक पेड़ लगाते फिर रहे हो अपने काम पर ध्यान देते नहीं हो जनता मर रही है ओर विधानसभा में झूठा जवाब दे रहे हो।@Sanjay4India1 आपके सहयोगी @JogarampatelMLA जी पूछ लीजिए क्या हालात हैं
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा जारी पटवार भर्ती -2025 के नोटिफिकेशन में SC,ST व OBC वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ बड़ा अन्याय किया गया है,अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए उन्हें प्रदत आरक्षण की तुलना में कम पद देना भाजपा सरकार की आरक्षण विरोधी मानसिकता को दर्शाता है ,मेरी मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से अपील है कि अविलंब इस मामले में संज्ञान लेकर पटवारी सीधी भर्ती के नोटिफिकेशन में विसंगति दूर करके SC ,ST व OBC वर्ग के अभ्यर्थियों के हितों का संरक्षण करें , मैं मुख्यमंत्री जी को यह भी कहना चाहता हूं कि आरक्षण संविधान प्रदत हक है और आरक्षित वर्गों के आरक्षण प्रतिशत की इस प्रकार कथित अनदेखी किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं होगी |
@RajCMO
प्रदुषित जोजरी नदी के किनारे स्थित गांव के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे जो कि देश का भविष्य है, नाक ढककर पढ़ रहे हैं पढ़ाई छोड़ गंदगी से जूझ रहे हैं।
मासूमों से शिक्षा और स्वतंत्र जीवन जैसे मौलिक अधिकार मत छीनो।
@JodhpurDm@RajCMO#प्रदूषित_जोजरी_से_जीवन_बचाओ
प्रदूषित जोजरी के किनारे स्थित गांव में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर जानलेवा प्रभाव पड़ रहे हैं चर्म रोग, कैंसर जैसी बीमारियां पनपने लगी है
इसके उचित प्रबंधन के लिए संज्ञान लो।
बेकसूरों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ मत करो।
@JodhpurDm@RajCMO#प्रदूषित_जोजरी_से_जीवन_बचाओ
औद्योगिक अपशिष्ट से प्रदूषित जोजरी नदी के कारण दुर्लभ वन्य जीव मर रहे हैं बेजुबान पशु पक्षियों की स्थिति गंभीर है वन्य जीवन एवं पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है
थार की दुर्लभ वनस्पति एवं वन्य जीवो को बचाओ सरकार।
@JodhpurDm@RajCMO#प्रदूषित_जोजरी_से_जीवन_बचाओ
पश्चिमी जोधपुर के धवा,झंवर पंचायत समितियां से संबद्ध गांवो़ में लगभग 80-90% आबादी कृषि पर आश्रित है परंतु औद्योगिक अपशिष्ट से प्रदूषित जोजरी के कारण संपूर्ण उपजाऊ जमीन बंजर हो चुकी है। जागो सरकार/प्रशासन जागो
@JodhpurDm@RajCMO@thardesertphoto#प्रदूषित_जोजरी_से_जीवन_बचाओ
"प्रदूषित जोजरी" से प्रकृति के मुख्य घटक 'वनस्पति जगत' एवं 'प्राणी जगत' की स्थिति संकटग्रस्त है, प्रशासन एवं सरकार से निवेदन है कि इसके उचित प्रबंधन के लिए तत्काल संज्ञान लें।
@BhajanlalBjp@JodhpurDm@thar#प्रदूषित_जोजरी_से_जीवन_बचाओ
दुनिया भर को ये घटना आश्चर्य से भर देने वाली है। शायद किसी चमत्कार से भी बढ़कर। 4 छोटे बच्चों ने मौत को 40 से ज्यादा बार मात दी। कोलंबिया। अमेजन का वर्षा वन। जहां सूरज की एक रोशनी भी जमीन पर न पड़ती हो। इंसान के पैर जिस स्थान तक न पहुंचे हों। आदमखोर जानवरों के बीच 4 मासूम बच्चे 40 दिनों तक जीवित रहने में सफल रहे। जहां जिंदा रहना ही नामुमकिन था। खौफ के जंगल में कैसे जीना, खाना, पीना और सोना हुआ होगा। कल्पना मात्र रोंगटे खड़े कर देती है। सबसे बड़े बच्चे की उम्र 13 बरस और छोटे वाले की महज 11 महीने। जिसने बस चलना ही सीखा था। एक प्लेन क्रैश में जंगल में गिरे और फिर वहां 40 दिनों तक फंसे रहने के बाद सब जिंदा निकाल लिए गए। ये घटना प्रेरणा देती है मानव के किसी भी हालात में जिंदा रहने के लिए। जिंदगी के संघर्ष का अप्रतिम दस्तावेज।