लोहावट के जंभेश्वर नगर में भंवरी देवी विश्नोई की हत्या को 11 दिन बीत गए। मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई। आखिर जांच कहां तक पहुंची?
#भंवरी_को_न्याय_दो
जब पेड़ कटेंगे, तो आवाज़ भी कटेगी,
जब खेजड़ी रोएगी, तो हर साँस भी थमेगी।
इसलिए कल से होने वाली मेरी कथा मैंने स्थगित कर दी है —
क्योंकि किताब से पहले ज़मीन बचानी पड़ती है,
और वाणी से पहले विरासत।
आज मंच नहीं, महापड़ाव मेरी मंज़िल है,
आज प्रवचन नहीं, प्रतिरोध मेरी साधना है।
कथा फिर होगी…
पर खेजड़ी पहले बचेगी।
बीकानेर का महापड़ाव सिर्फ आंदोलन नहीं,
यह धरती की पुकार है,
यह अमृता की पुकार है,
यह जांभोजी की पुकार है।
जो चल सकते है वो बीकानेर चलें,
जो नहीं चल सकते वो मन से साथ चलें।
सिर साठे रूँख रहे, तो भी सस्तो जाण।
#खेजड़ी_बचाओ_महापड़ाव
#खेजड़ी_बचाओ
#WeWillSaveKhejari
सिर साठे रुख रहे... खेजड़ी बचाने के लिए क्यों जान की बाजी लगा देता है बिश्नोई समाज राजस्थान में खेजड़ी वृक्ष को बचाने के लिए बिश्नोई समाज और संत समाज ने सड़कों पर प्रदर्शन और आमरण अनशन शुरू कर दिया है। सौर ऊर्जा कंपनियों द्वारा सोलर पैनल लगाने के लिए खेजड़ी के पेड़ काटे जाने के विरोध में यह आंदोलन चल रहा है.
खबर https://t.co/QrTelxQdjf
#BishnoiCommunity #KhejriTree #SaveKhejri #RajasthanNews #Environment | @vikas_man7
यह तो हद ही हो गई! सोशल मीडिया पर आजकल कोई भी व्यक्ति किसी के बारे में कुछ भी लिखकर फैला देता है, बिना सच्चाई की परख किए।
बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी को आज कुछ लोग ट्रोल कर रहे हैं कि उन्हें ध्वजारोहण के दौरान किस तरफ खड़ा होना चाहिए, यह भी पता नहीं। जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। मैं इस ट्रोलिंग वाले मामले पर इसलिए लिख रहा हूं, क्योंकि मैं स्वयं वहां उपस्थित था और जो कुछ हुआ, उसे अपनी आंखों से देखा है। जिला कलेक्ट्रेट के बाहर ध्वजारोहण के दौरान एक तरफ कर्मचारी तथा अधिकारी खड़े थे, तो दूसरी तरफ मीडिया के कुछ साथी। जैसे ही ध्वजारोहण हुआ, मैडम अपनी सही स्थिति में सलामी देते हुए खड़ी हो गईं। उसके बाद कुछ कैमरामैन ने कहा, "मैडम, इस तरफ खड़ी हो जाएं, ताकि ध्वज और आपका फोटो एक साथ आए, जिससे देशभक्ति का एक मजबूत संदेश जाए।" तभी पीछे खड़े सुरक्षा गार्ड ने भी कहा कि मैडम, उस तरफ देखिए।
अब सुनिए, ऐसा सिर्फ बाड़मेर में या यहां पहली बार नहीं हुआ। बल्कि हर जगह पर फोटो पोजिशन के लिए कैमरामैन और मीडिया वाले बड़े-बड़े अधिकारियों तथा नेताओं से निवेदन करते हैं । यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जो हर कार्यक्रम में होती है। लेकिन टीना डाबी को इसलिए निशाना बनाया जाता है, क्योंकि उनके नाम की पहुंच सोशल मीडिया पर लोगों को आसानी से मिल जाती है। साथ ही, बाड़मेर जिला कलेक्टर मैडम अपने अच्छे स्वभाव के कारण कभी किसी को पलटकर जवाब नहीं देतीं। यदि उनकी जगह कोई और अधिकारी होते, तो इस तरह की साइबर बुलिंग और गलत अफवाह फैलाने पर कानूनी कार्रवाई भी कर सकते थे।
सोशल मीडिया पर लिखने का अधिकार सबको है, लेकिन बिना कुछ समझे-बूझे, किसी की गरिमा का ध्यान रखे बिना यदि हम यूं ही जारी रखेंगे, तो मैं व्यक्तिगत रूप से इसे गलत मानता हूं। आइए, जिम्मेदारी से सोचें और सच्चाई का सम्मान करें।
@BarmerDm
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता |
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना ||
विद्या और कला की देवी माँ सरस्वती के चरणों में सादर नमन। 🙏✨
आप सभी को वसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं! 🌼📖
माँ शारदा आपके जीवन को ज्ञान, कला और सद्बुद्धि के प्रकाश से आलोकित करें।