खुद की 50 बीघा जमीन का 2% हिस्सा गरीब सवर्ण को दे नहीं पा रहे है चले है SC/ST में रिफॉर्म करने !!
अमीर SC/ST अपना रिजर्वेशन छोड़ देगा पर शर्त👇
1) गरीब SC/ST को 22% रिजर्वेशन दो
2) उनको मठाधीशों और ��ंदिरों में पुजारी और शंकराचार्य बनाया जाए !!
3) जातिगत भेदभाव वाले को फांसी
राजस्थान मैथ्स प्रोफेसर कटऑफ
विजय पासवान SC - 102 फेल
राहुल मीणा ST - 87 फेल
अनुराधा तिवारी EWS - 83 पास
अनुराधा तिवारी को इतनी विशेष छूट क्यों है उसने तो कभी भेदभाव नहीं झेला उसको तो जाति के कारण कभी किराए पर मकान देने से मना नहीं किया फिर भी उसे ये विशेषाधिकार क्यों प्राप्त है?
जो न्यायालय में बैठे हैं वो मेरिट के आधार पर नहीं बल्कि जातीय प्रभुता और भाई-भतीजावाद के कारण हैं। 85% आबादी के 1% जज उच्च न्यायालय क्यों नहीं हैं ? कोलेजियम को ध्वस्त करना ही होगा।
~ @sanjuydv जी
जिन सवालों के जवाब वो देना नहीं चाहते वही सवाल मज़बूती से दागे गए हैं।
शानदार✊🏾
भारत की सबसे बड़ी समस्या है जातीय भेदभाव और तीन जातियों का ओवर रिप्रजेंटेशन.
29 राज्य हैं लेक���न किसी भी राज्य में दलित मुख्यमंत्री नही है.
सुप्रीम कोर्ट में एक भी OBC जज नही है. मैनस्ट्रीम मीडिया में OBC SC ST नजर ही नही आते.
टॉप ब्यूरोक्रेसी में भी OBC SC ST किसी भी निर्णायक भूमिका में नही हैं.
ओवर रिप्रजेंटेशन पर बोलना सीखिए. बहुजन समाज का नेता कोई नही बोलेगा. उसी तरह जैसे बीजेपी के नेता आरक्षण के खिलाफ सामने नही बोलते.
इस लड़ाई को हम सबको मिलकर आगे ले जाना है. ओवर रिप्रजेंटेशन ने भारत क�� पिछड़ा मुल्क बनाए रखा है. सवर्ण ही नीति निर्माता हैं. बजट वहीं बनाते हैं, रक्षा सौदा वही करते हैं. इन लोगों के ओवर रिप्रजेंटेशन ने देश को बीमार कर दिया है.
राजस्थान लोक सेवा आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में SC/ST वर्ग के आरक्षण में भारी घोटाला किया है।
88 सीट SC वर्ग क��� दी जबकि 147 सीट बनती है।
55 सीट ST वर्ग को दी जबकि 110 सीट बनती है।
176 सीट EWS को दी जबकि 92 सीट बनती है।
178 सीट OBC को दी जबकि 193 सीट बनती है।
113 सीट MBC को दी जबकि 46 सीट बनती है।
Note:- SC/ST वर्ग की कुल आरक्षित 257 सीट में 114 सीट पर सीधा डाका डाला गया है।
EWS वर्ग को 84 सीट ज्यादा दी गई।
MBC वर्ग को 67 सीट ज्यादा दी गई।
@DrPremBairwa
@DrKirodilalBJP
@TikaRamJullyINC
@VinodJakharIN
@RPSC1
@KraantiKumar सर जी मैं आपकी हर पोस्ट पढ़ता और लाईक करता हुं। आपने कई बार नितिन गडकरी के काम का गुणगान ���िया है मगर @MukeshMohannn केस में आपने कोई भी पोस्ट नहीं की या ��ो मुझे दिखी नहीं या फिर आप भी पेड पोस्ट करते हो। आप भी अपनी जिम्मेदारी पहचानिये।
@KraantiKumar सर जी मैं आपकी हर पोस्ट पढ़ता और लाईक करता ह���ं। आपने कई बार नितिन गडकरी के काम का गुणगान किया है मगर @MukeshMohannn केस में आपने कोई भी पोस्ट नहीं की या तो मुझे दिखी नहीं या फिर आप भी पेड पोस्ट करते हो।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा कृषि विभाग में तकनीकी सहायक (AGTA) के 2759 पदों पर जारी भर्ती, बहुजन समाज के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है।
प्रदेश में लागू आरक्षण व्यवस्था के अनुसार OBC को 27%, SC को 21% और ST को 2% आरक्षण मिलना चाहिए। लेकिन इस भर्ती में इन वर्गों के हकों को सुनियोजित तरीके से छीना गया है।
जहां OBC व��्ग को लगभग 745 सीटें मिलनी चाहिए थीं, वहां केवल 573 सीटें दी गईं यानी सैकड़ों सीटों की कटौती।
SC वर्ग को लगभग 579 सीटों के बजाय मात्र 213 सीटें देकर उनके अधिकारों का खुला हनन किया गया।
ST वर्ग को 55 सीटों के बजाय सिर्फ 6 सीटें देकर उनके अस्तित्व को ही नजरअंदाज कर दिया गया।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आपके राज में यह बहुजन समाज को सरकारी नौकरियों से बाहर करने की सोची-समझी साजिश है। यह संविधान में निहित ��ामाजिक न्याय और समान अवसर के मूल सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है।
हम @UPGovt से मांग करते हैं: -इस भर्ती की तुरंत निष्पक्ष समीक्षा की जाए।आरक्षण के निर्धारित प्रतिशत के अनुसार सीटों का पुनः निर्धारण किया जाए। जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाए।
यदि इस अन्याय को तुरंत नहीं सुधारा गया, तो बहुजन समाज सड़कों पर उतरकर अपने अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष करेगा।
@CMOfficeUP
आज UPSSSC आयोग द्वारा कृषि विभाग में कृषि प्राविधिक सहायक (AGTA) के 2759 पद पर विज्ञापन जारी किया गया ,
जिसमें SC,ST,OBC के छात्रों के पदों पर डांका डाला गया पिछली 2024 की AGTA की भर्ती में भी इसी तरह PDA छात्रों के पदों को लुटा गया था ,
चलिए देखिए कितने पद किसको दिए गए ,
जनरल — 1692 (61%)
OBC — 573 (20%)
SC — 213 (7%)
ST — 06 (0%)
EWS — 275 (10%)
जबकि दिए जाने चाहिए।
OBC — 745 (27%)
SC — 413 (15%)
ST — 206 (7.5%)
EWS को छोड़कर हर वर्ग के लगभग 200 पद लूटे गए पिछली 2024 की AGTA 3446 पदों की भर्ती में भी इसी तरह का आरक्षण घोटाला देखने को मिला था।
आखिर कब तक OBC,SC,ST के बच्चों का हक मारा जाता रहेगा सभी छात्रों को इस पर बेबाक होकर आवाज उठानी होगी।
@yadavakhilesh@samajwadiparty@aashishsy@PriyaSarojMP@Pushpendra_MP_@spshahibjp@myogiadityanath@myogioffice
गांवों में लोग 5G का पैसा दे रहे हैं, लेकिन नेटवर्क मुश्किल से 4G भी मिल रहा है। डिजिटल भारत के नाम पर कंपनियाँ पूरा पैसा वसूल रही हैं, पर सेवा बेहद खराब है। क्या ग्रामीण उपभोक्ता सिर्फ़ मुनाफे का जरिया हैं? @airtelindia@JioCare@reliancejio जवाब दें।
भारत दुनिया में “वैश्विक शक्ति” बनने की बातें करता है, लेकिन सच्चाई यह है कि उसकी सबसे अहम कूटनीतिक सेवा Indian Foreign Service (IFS) ही गंभीर संकट में है।
स्वीकृत 1224 पदों में से केवल 1025 अधिकारी कार्यरत हैं और 199 पद खाली पड़े हैं यानी हर 6 में से 1 पद खाली।
ऐसे समय में जब वैश्विक तनाव बढ़ रहा है और भारत अपने कूटनीतिक प��रभाव को बढ़ाने की बात करता है, यह लापरवाही साफ दिखती है।
दूसरी ओर सामाजिक प्रतिनिधित्व की स्थिति भी चिंताजनक है OBC, SC और ST की हिस्सेदारी उनके संवैधानिक आरक्षण से कम है।
प्रतिनिधित्व:
OBC: 20.9% (कोटा 27%)
SC: 12.8% (कोटा 15%)
ST: 6.6% (कोटा 7.5%)
सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार यह भी साफ नहीं बताती कि कितने अधिकारी वास्तव में आरक्षण कोटे से आए और कितने जनरल मेरिट से। अगर सरकार सच में मजबूत और न्यायपूर्ण कूटनीति चाहती है, तो उसे खाली पद भरने और सामाजिक न्याय दोनों पर ईमानदारी से जवाब देना होगा।
Modern Dronacharya अँगूठा नहीं माँगते, वो आपका नंबर ख़ुद ही काट कर रख लेते हैं !
UPSC इंटरव्यू हो
PhD एडमिशन के लिए इंटरव्यू हो
असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए
या कोई और नौकरी
इंटरव्यू अब द्रोणाचार्य का हथियार बन चुका है।