मुझे विश्वास है कि ईश्वर उस व्यक्ति को क्षमा कर सकता है,जोअपनी बुद्धि का प्रयोग करता है और आस्था नहीं रखता किन्तु वह उसे क्षमा नहीं करेगा जो उसकी दी हुई शक्ति का उपयोग किए बिना ही उस पर विश्वास कर लेता है। ऐसे व्यक्ति की ज्ञानेन्दयों का ह्रास होता है और अंत में --स्वामी विवेकानंद
प्रो काँचा इलैया ने मुझसे पूछा कि शुरुआती राष्ट्र निर्माताओं की मेरी लिस्ट में कौन हैं। ये है मेरी लिस्ट:
1. डॉ. बीआर आंबेडकर
2. एमके गांधी
3. जवाहरलाल नेहरू
4. सरदार पटेल
5. अबुल कलाम आज़ाद
6. राजकुमारी अमृत कौर
7. के. कामराज
राष्ट्र अच्छा-बुरा जैसा भी बना, इन्होंने बनाया…
नए बन रहे संसद भवन का नाम बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर के नाम पर रखा जाए। सेंट्रल विस्टा बहुत बेकार नाम है। Retweet करके इस बात को प्रधानमंत्री @narendramodi तक पहुँचाएँ।
सोचो यदि अपने को सनातनी कहने वाले।अपने को अल्लाह के बंदे कहने वाले या मंदिर मस्जिद,वेद, कुरान दुसरे मत के लोग न रहें तो क्या होगा?क्या सनातन व्यवस्था (कायनात?,नष्ट हो जाएगी?क्या सूर्य,धरती, नदियां, पृथ्वी,चांद, सितारे , ब्रह्मांड नष्ट हो जाएगा?शायद इनके न रहने से और अच्छा ही होगा