ट्रंप के दबाव में मोदी जी अमेरिका से भारी मात्रा में ethanol ख़रीद रहे हैं। ट्रंप की गुलामी ये कर रहे और गाड़ियां आम आदमी की ख़राब हो रही हैं।
आज हम 2 lakh से ज़्यादा petitions लेकर प्रधानमंत्री आवास जा रहे हैं उनसे निवेदन करने कि वो ऐसा न करें। हमारे साथ 100 ऐसे लोग हैं जिनकी गाड़ियां E20 ने खराब कर दीं। उम्मीद हैं प्रधानमंत्री जी जनता की आवाज़ ज़रूर सुनेंगे।
इस लड़के के सवाल, आपको अन्दर तक हिला देंगे !
चलो मान लिया कि,
मै गलत हूँ,
सोनम वांगचुक गलत है,
CJP गलत है,
लेकिन क्या मणिपुर के लोग गलत है ?
क्या जंगल पेड़ों को बचाने वाले लोग गलत है ?
क्या इंदौर में दूषित पानी पीने से मरने वाले लोग गलत हैं ?
अगर ये सब गलत हैं, तो मैं भी गलत हूँ,
और मुझे गर्व है मैं भी गलत हूँ !
वरिष्ठ पत्रकार गरिमा सिंह जी ने News 24 से इस्तीफा देने के करीब 27 दिन बाद सोशल मीडिया पर पहली बार खुलकर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि देश में ऐसा समय दूर नहीं जब सत्ता से सवाल पूछने पर उपद्रवी लोग मीडिया संस्थानों और स्टूडियो तक पहुंच जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों तक उन्होंने पूरी ईमानदारी से सत्ता से सवाल पूछे, लेकिन एक समय ऐसा आया जब उन्हें महसूस हुआ कि अब पहले जैसी स्वतंत्रता से सवाल करना संभव नहीं रह गया। इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया।
गरिमा सिंह ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्ता से सवाल पूछना और जनता की आवाज़ को सामने लाना है। उनका मानना है कि अगर पत्रकार स्वतंत्र होकर सवाल नहीं पूछ पाएंगे, तो इसका असर लोकतंत्र पर भी पड़ेगा।
: @gforgari
गोदी मीडिया के जमाने में इतनी इमानदार पत्रकारिता.. ये जबरदस्त साहस का काम हैं।
अब इतना सच दिखाने की हिम्मत कहां मिलती है गोदी एंकरों में!
किधर था भाई ये एंकर आजतक?
आप भी सुनिए 👇
हरियाणा के फरीदाबाद में एबीसी बिरयानी के ओनर गौरव भाटिया और कविता भाटिया हैं
सावन में उनका होटल खुला देख हिंदू संगठन के गुंडे पहुंचे और बदतमीजी करने लगे
एक बात तो है कि जितने बेरोजगार हैं सब नगर निगम के ठेकेदार बने हुए हैं
जुल्म के ख़िलाफ़ न्याय के लिए किसी भी हद तक जायेंगे। एक 14 साल के बच्चे आदर्श चौहान की बर्बरता से हत्या सरकार और उसके अमले की विफलता है। इस हत्या ने मुख्यमंत्री के दावों की पोल खोली है।
कोई भी लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। योगी सरकार सजग रहे, आदर्श चौहान के परिजनों के साथ हम सब मजबूती से खड़े हैं। #चखनी_खास