तुम से वकील होने की संविधान ने दिया और महिला को पढाई करने का अधिकार महात्मा ज्योतिराव फुले व सावित्रीबाई फुले अरे तू जैसी महिला नाही म्हणते ना कोई बात नही उसका संविधान को देश मानता है संविधान है
इसे ही तो एहसान फरामोशी कहते हैं आंटी जी।
वैसे भी आपके न मानने से क्या फ़र्क पड़ने वाला है क्योंकि बाबा साहब को मानने वाले विश्व भर में बहुत बच्चे हैं।