दोगला सुने है आप ?
देख लीजिए @Thebihar_in इसको
5 साल ये बिहार के नेताओं की बुराई करेगा और जैसे ही चुनाव आएगा जदयू भाजपा की दलाली करने लगेगा!
लेकिन जो बिहार में राजनीतिक बदलाव की बात कर रहा है ये उसको टारगेट करने में लगा है,
साफ दिख रहा है प्रशांत और रिपोर्टर के बीच में बहुत दूरी है लेकिन इसको तो बकचोदी करनी हैं,
आप ऐसे दोगलों के भ्रम में ना आइए,इस बार बदलाव करके ही रहना है,बदलाव की शुरुआत बांकीपुर से ही होगी!
जय बिहार ✊🙏
बिहार के 7वीं फेल बहरूपिये CM की पूरी कुंडली
उम्र में धोखाधड़ी
अपना नाम चार बार बदला
फर्जी दस्तावेजों (सर्टिफिकेट) का इस्तेमाल *कर जमानत हासिल की
सातवीं फेल होने के बावजूद डॉक्टरेट की उपाधि होने का दावा किया
पिछले दरवाजे (बैक डोर) से मुख्यमंत्री बना
@AnantKayastha जातिवादी मानसिकता वाले लोगों को हर चीज़ में जाति ही दिखती है।
ऐसे ही लोगों की वजह से बिहार इतना पीछे रह गया है।
और यही लोग बिहार को कभी आगे नहीं बढ़ने देंगे।
खुद जातिवाद के गटर में रहते हैं और सबको उसी में खींचने की कोशिश करते हैं।
प्रशांत किशोर ने किया साफ मुख्यमंत्री विजय थालापति नही आएंगे प्रचार करने, बोले किसी को आने की जरूरत नहीं है
अशोक चौधरी पर भड़के प्रशांत किशोर, बोले अपना मंत्रालय संभालिए नही तो मंगल पांडे के तरह बाहर हो जाएंगे.
पिछली बार इन पर बोले तो 10वा नम्बर के मंत्री हो गए, इस बार बोलेंगे तो कहीं के नही रहेंगे।
@anuragakumara1 जातिवादी मानसिकता वाले लोगों को हर चीज़ में जाति ही दिखती है।
ऐसे ही लोगों की वजह से बिहार इतना पीछे रह गया है।
और यही लोग बिहार को कभी आगे नहीं बढ़ने देंगे।
खुद जातिवाद के गटर में रहते हैं और सबको उसी में खींचने की कोशिश करते हैं।
@anuragakumara1 ज्ञान की भूमि बिहार को 7वीं फेल मुख्यमंत्री मिलने का सौभाग्य प्राप्त हों हीं चुका है
- अब बिहार की सबसे पढ़ी लिखी जनता को भाजपा ने 10वीं पास कैंडिडेट दिया है
- कागज देख कर जो आदमी अपना भाषण नहीं पढ़ पा रहा वो बांकीपुर का नेतृत्व करेगा
7वीं फेल को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने के बाद BJP ने एक और कारनामा किया है। BJP ने बांकीपुर से अभिषेक कुमार को टिकट दिया है जो मध्यमा बोर्ड (संस्कृत बोर्ड) से 10वीं पास हैं। बिहार में हर कोई ये बात जानता है कि जो लोग बिहार बोर्ड से परीक्षा पास नहीं कर पाते हैं वे ही मध्यमा बोर्ड से केवल डिग्री के लिये परीक्षा देते हैं। इसमें सबसे दिलचस्प बात ये है कि अभिषेक कुमार 1999 में BJP से जुड़े थे और 2000 में उन्होंने मध्यमा की परीक्षा देकर पढ़ाई छोड़ दी क्योंकि BJP से जुड़ने के तुरंत बाद उन्हें इस बात का अहसास हो गया कि BJP में करियर बनाना है तो पढ़ाई छोड़नी होगी। यहां 7वीं फेल होने पर ही मुख्यमंत्री बना जा सकता है, गलती से उन्होंने 10वीं पास कर ली इसलिये उन्हें विधायक प्रत्याशी तक ही सीमित रहना पड़ रहा है।
बांकीपुर में BJP के पास 35 साल का शासन रहा है, यहां उसके पास हज़ारों पढ़े लिखे कार्यकर्ता हैं लेकिन BJP ने एक मैट्रिक पास आदमी को टिकट देकर फिर से यह साबित कर दिया कि उसकी नज़र में शिक्षा की क्या अहमियत है।
खैर, बांकीपुर की जनता के लिये इस चुनाव में अब वोट डालना और आसान हो गया है। एक तरफ प्रशांत किशोर जी हैं जिन्होंने पोस्ट ग्रैजुएशन तक पढ़ाई की है, संयुक्त राष्ट्र में जाकर अमेरिका समेत कई देशों में नौकरी की है। पब्लिक और हेल्थ पॉलिसी बनाने में जिन्हें महारथ हासिल है। ऐसे में जनता के लिये शिक्षित और सुयोग्य उम्मीदवार केवल प्रशांत किशोर जी ही है। बांकीपुर की जनता को अब एक दूरदर्शी और शिक्षित विधायक ही चाहिये। बांकीपुर में बदलाव तय है क्योंकि प्रशांत आएंगे, बदलाव लाएंगे।
@AnantKayastha Kumhrar seat jab kayastha ko nhi diya gaya, us samay kha the aaj hi jati yaad aaya Prashant Kishore k samne wo candidate zero hai..ye jaan lo
BJP ने कहा कि 'बांकीपुर' से कुत्ता बिल्ली को भी खड़ा कर देंगे तो वो जीत जाएगा!
ऐसा अहंकार की ये मतदाताओं का अपमान करने से भी नहीं चूक रहे।
ये सम्राट सरकार के निरंकुश शासन पर अंकुश का एक सुनहरा मौका है।
#BankipurMaangeHisaab
“भाड़े के टट्टे”
“जिनको कुत्ता नहीं पूछता”
“छोड़ूँगा नहीं”
यह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की सदन में भाषा है
धराशायी होते इंफ्रास्ट्रक्चर पर सवाल पूछने वालों को गरिया रहे हैं
यह लोकतंत्र है देवेंद्र जी, और जिसको आप कोस रहे हैं वह जनता है
सत्ता का यह नशा उतरेगा ज़रूर