जस की तस धर दीन्ही चदरिया...शून्य से शिखर तक पहुंचने वाले अटल जी....बेदाग, निच्छल, निष्कलंक, निर्विवाद और निर्भय, सार्वजनिक जीवन में सूचित के प्रतीक, अजातशत्रु अटल राजनीति में एक बड़ी ��कीर खींच चले गए. श्रद्धांजलि.. ॐ शांति
मौत खड़ी थी सर पर
इसी इंतजार में थी
ना झूकेगा ध्वज मेरा
15 अगस्त के मौके पर
तू ठहर इंतजार कर
लहराने दे बुलंद इसे
मैं एक दिन और लड़ूंगा
मौत तेरे से
मंजूर नहीं है कभी मुझे
झुके तिरंगा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर.
🙏 *नमन* 🙏
*भारत रत्न अटलजी*
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मुजफ्फरपुर रेप कांड को लेकर आज तेजस्वी यादव के साथ राहुल गाँधी जंतर-मंतर पर कैंडल मार्च निकालेंगे, केजरीवाल भी शामिल होंगे, दिल्ली में कैंडल मार्च, इस घिनौने कांड पर कोरी सियासत नहीं तो और क्या है #MuzaffarpurShelterHome#MuzzafarpurHorror
चाहे जिधर से गुज़रिये
मीठी सी हलचल मचा दिजिये...
उम्र का हरेक दौर मज़ेदार है
अपनी उम्र का मज़ा लिजिये...
जिंदा दिल रहिए जनाब,
ये चेहरे पे उदासी कैसी...
वक्त तो बीत ही रहा है,
उम्र की एेसी की तैसी... 🤓
होम लोन , घर का किराया , बच्चों की फ़ीस : अगर जीवन इतना ही है तो फिर तो बहस ही ख़त्म।मुझे एहसास है कि बहुत छटपटाहट है सब में।इसलिए डरो मत दोस्तों। आगे आओ और लड़ो।
किसी दूसरे के दर्द को अपना दर्द समझना इंसानियत है और इंसानियत ही धर्म है लेकिन वोटबैंक को मज़बूत करने की ख़ातिर घुसपैठियों को घर में जगह देने की वक़ालत करना... देशवासियों को संवेदना के नाम पर गुमराह करना ���ेशहित के साथ सबसे बड़ा खिलवाड़
असम में 40 लाख लोग अवैध नागरिक क्या घोषित हुए,..राजनैतिक दल कूद पड़े.कहने लगे साजिश हो रही है. सवाल ये आखिर इन घुसपैठियों से इतनी हमदर्दी दिखाने वाले क्या बताएंगे देश पहले या वोट की वो राजनीति जहां देश को भी घुसपै���ियों के हाथ कुर्बान करने में गुरेज नही
गुरु बिन ज्ञान कहां..अपने माता पिता को आज ये ज़रूर बताएं कि जीवन में सबसे बड़े गुरु आपके वही होते है जो बिना किसी स्वार्थ के आपके जीवन को सफल बनाने के लिए अपना जीवन न्योछावर कर देते हैं, माता पिता से बड़ा गुरु कोई नहीं होता #GuruPurnima की ढेरो शुभकामनाएं.@Zee_Hindustan
भाषा मां होती है।भोजपुरी गीत गाने वाले कुछ लम्पटों ने भाषा के साथ क्या-क्या नही किया है।अश्लील गीत गाने वाले इन लम्पट गायकों का हर स्तर पर विरोध जरूरी है
हर शहर में कातिल अब भी अड़ा है
लाठी-बल्लम लिए चौराहे पर खड़ा है
रकबर भी मरेगा, अकबर भी मरेगा
सलीम भी मरेगा, सुल्तान भी मरेगा
भीड़ के हाथों इंसान ही मरेगा https://t.co/SoYwQ8JVYj
I have never accepted the "Muslim category to define myself...I'm a journalist...that's it...
Is love to operate in a gender and community neutral space but alas, asking for too much.