भाई-बहन के अटूट स्नेह, प्रेम और विश्वास के पावन पर्व रक्षाबंधन की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।
यह पावन पर्व भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, अपनत्व और विश्वास को और मजबूत करे तथा सभी के जीवन में सुख, समृद्धि एवं खुशियाँ लेकर आए।
#rakshabandhan
आज जालिपा में श्री नागणेच्च्या माता मंदिर में पावन मूर्ति स्थापना एवं भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
कुलदेवी माँ नागणेच्च्या के दर्शन कर समस्त क्षेत्रवासियों के लिए मंगल कामना की।
#Barmer#AzadBarmer
कलयुग के भागीरथ, गंगनहर के निर्माता, श्रीगंगानगर के संस्थापक, महापराक्रमी एवं द��रदर्शी शासक, बीकानेर नरेश महाराजा गंगा सिंह जी की पुण्यतिथ�� पर भावभीनी श्रद्धांजलि।
मरुधरा का 'कल्पवृक्ष' कही जाने वाली खेजड़ी आज अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। बीकानेर सहित पूरे राजस्थान में कंपनियों द्वारा की जा रही पेड़ों की अंधाधुंध कटाई ने ग्रामीणों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। बार-बार प्रशासनिक द्वार खटखटाने के बावजूद जब सुनवाई नहीं हुई, तो जनता का धैर्य टूट गया और अब जगह-जगह विरोध रैलियों व आंदोलनों का दौर शुरू हो चुका है।
खेजड़ी केव��� एक वृक्ष नहीं, बल्कि रेगिस्तानी जीवन का सुरक्षा कवच है। यह मरुस्थलीकरण को रोकने, मृदा अपरदन को नियंत्रित करने और पशुधन को पोषण प्रदान करने में अनिवार्य भूमिका निभाती है। इस पारिस्थितिक धरोहर का विनाश भावी पीढ़ियों के लिए संकट का संकेत है। प्रशासन को चाहिए कि वे इस जनभावना का सम्मान करते हुए अवैध कटाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाएं और कड़े कानूनी प्रावधान लागू कर इस स��कट का समाधान करें।
#खेजड़ी_बचाओ_महापड़ाव
हमारी माँग बेहद जायज और स्पष्ट है , EWS आरक्षण का वास्तविक लाभ प्रदान किया जाए.
EWS आरक्षण को 10% से बढ़ाकर 20% करने की मांग .
पंचायतराज और स्थानीय निकाय चुनाव में EWS आरक्षण लागू करने की मांग .
EWS आरक्षण का केंद्र में राजस्थान की तर्ज पर सरलीकरण करने की मांग.
आइए…. सब मिलकर खेड़ली से हुए इस क्रांति के आग़ाज़ को परिणाम तक पहुँचाने का संकल्प लेवे और निरंतर संघर्ष करने को तैयार रहे.
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लाए गए "उच्च शिक्षा संस्थानों में समता संवर्द्धन विनियम- 2026" का उद्देश्य समानता स्थापित करना बताया जा रहा है, किंतु इसके प्रावधान शिक्षा के क्षेत्र में ��ोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को वर्गों में बाँटने की आशंका को जन्म देते हैं।
निस्संदेह, विश्वविद्यालय परिसरों में भेदभाव और उत्पीड़न का पूर्णतः उन्मूलन अत्यंत आवश्यक है, परंतु इसके लिए स्पष्ट, संतुलित एवं सर्वसमावेशी नियामक ढाँचे की आवश्यकता होती है। नए विनियमों के वर्तमान स्वरूप से छात्रों एवं शिक्षकों के बीच टकराव बढ़ने, वैचारिक विमर्श के जातीय कुंठा में परिवर्तित होने तथा समानता व सुरक्षा के स्थान पर भय और आशंका का वातावरण बनने की संभावना प्रतीत होती है।
इस विनियम की आड़ में सरकार द्वारा सामाजिक सौहार्द को कमजोर कर छात्रों को जातीय आधार पर विभाजित करने का प्रयास दिखाई देता है, जो लोकतांत्रिक एवं शैक्षणिक मूल्यों के विपरीत है।
यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि कोई भी छात्र चाहे वह किसी भी वर्ग, श्रेणी, जाति या सम���दाय से हो, भेदभाव का शिकार नहीं होना चाहिए। विश्वविद्यालय परिसर में निर्बाध, सुरक्षित और सम्मानजनक शिक्षा प्राप्त करना प्रत्येक छात्र का मौलिक अधिकार है। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सभी विद्यार्थियों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करे।
UGC के नए विनियम भाजपा सरकार की उस मंशा को दर्शाते हैं, जिसमें समानता के बजाय शैक्षणिक संस्थानों को कमजोर करने और जातीय संघर्ष को बढ़ावा देने का खतरा निहित है। ऐसे में यह आवश्यक है कि क��ंद्र सरकार इस विनियम पर गंभीरता से पुनर्विचार करे और शिक्षा को विभाजन नहीं, बल्कि एकता व प्रगति का माध्यम बनाए।
#UGC
@nishikant_dubey EWS hme apne sangarsh se mila h kisi ne diya nahi h .
EWS nhi to BJP nhi
Or ha EWS ka pta nahi dhyan rkhna BJP ko सत्ता sirf or sirf स्वर्ण समाज ki den hai dubey ji.
#UGCRollBack
श्री क्षत्रिय युवक संघ के संस्थापक, महान विचारक, युगपुरुष, तत्वदर्शी, श्रेष्ठ साधक एवं बाड़मेर-जैसलमेर के पूर्व सांसद पूज्य श्री तनसिंह जी की 102वीं जयंती पर कोटि-कोटि नमन।