पेपर लीक: शिक्षा मंत्री की कोई जवाबदेही नहीं
रेलवे दुर्घटना: रेल मंत्री की कोई जवाबदेही नहीं
महंगाई बढ़ी: वित्त मंत्री की कोई जवाबदेही नहीं
फिर इन्हें ही फिरसे मंत्री क्यों बनाया गया?
ये प्रश्न मैं स्वयं से पूंछ रहा हूँ कि आखिरकार जवाबदेही कब तय की जाएगी । पहले ऐसी भीषण घटनाओं को देखकर स्वयं जिम्मेदार मंत्री जनता का गुस्सा देखकर इस्तीफा दे देते थे किंतु आज क्या हुआ , इस्तीफा न सही कोई नही जिम्मेदारी और जवाबदेही तो तय कीजिये हर दिन ऐसी घटनाओं का होना क्या रात को चैन से नींद आती होगी। कहा गये वो जनसेवक का भाव जनसेवक का त्याग ?
#TrainAccident #Resign #WestBengal #kavach
रांची में बीजेपी को अपने समर्थन के लिए मुस्लिम नहीं मिले, इसलिए उन्होंने रूपेश, रमेश अमित को टोपी पहनाकर अपने समारोह में शामिल होने के लिए कहा। 🤣🤣
@n4newsbharat द्वारा खुलासा👇
पीएम मोदी ने किया आचार संहिता का उल्लंघन? फिर दोहराया जा सकता है 1975 का 'इंदिरा गांधी बनाम राजनारायण' जैसा घटनाक्रम?
बीते दिन आंध्र प्रदेश के पालनाडु में एक चुनावी रैली में भाग लेने के लिए भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर का उपयोग करने के आरोप में पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज की गई है।
चुनाव आयोग के नियम, चुनाव प्रचार के लिए राज्य मशीनरी के इस्तेमाल पर रोक लगाते हैं। इंदिरा गांधी को 1975 में इसी मामले के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
राज्यसभा सांसद साकेत गोखले की ओर से EC को पत्र लिखा गया है और कहा गया है कि अगर भाजपा ने भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर को किराए पर लेने के लिए भुगतान किया है, तो चुनाव आयोग को हम सभी को यह बताना चाहिए कि भारतीय वायुसेना का हेलिकॉप्टर क्यों आवश्यक था?
क्या है 1975 का इंदिरा गांधी से जुड़ा मामला?
1971 में रायबरेली के लोकसभा चुनाव में इंदिरा गांधी ने जीत दर्ज की थी जिसे उनके प्रतिद्वंद्वी राजनरायण ने चुनौती दी थी। 1975 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फ़ैसले ने इंदिरा गांधी का चुनाव रद्द कर दिया था। दरअसल, राजनरायण ने अपील की थी कि, इंदिरा गांधी ने चुनाव जीतने के लिए सरकारी मशीनरी और संसाधनों का दुरुपयोग किया है, इसलिए उनका चुनाव निरस्त कर दिया जाए।
#PMModi #IndiraGandhi #LokSabhaElections2024 #CodeOfConduct #NewsTakFlash
कबरबिज्जू एक ऐसा जीव जो सिर्फ कब्रिस्तान या कब्रगाह में ही पाया जाता है, दिखनता नहीं क्योंकि ये जमीन के भीतर रहता है, यह मुर्दों को खाता है, अक्सर लोग जब कब्रिस्तान के पास से गुजर रहे होते हैं तब ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे कोई इंसान चिल्ला रहा है ! यह आवाज कबरबिज्जू की ही होती है
More than 3 lakh posts are vacant under Railway Ministry
@RailMinIndia
Yet no new vacancy was advertised in the last 5 years. Why?
What is the Narendra Modi government waiting for?
Election? Or is this a desperate attempt to keep our youth unemployed?
#ModiJiRailwayBhartiDo
मोदी सरकार के 7 बड़े घोटालों का CAG ने किया खुलासा-
1. भारतमाला प्रोजेक्ट की बिडिंग में फर्जीवाड़ा
2. द्वारका एक्सप्रेस-वे में 1 किमी. सड़क बनाने में 250 करोड़ खर्च
3. टोल नियमों का उल्लंघन कर NHAI ने जनता से वसूले 132 करोड़
4. आयुष्मान भारत योजना के 7.5 लाख लाभार्थी एक ही नंबर से लिंक
5. अयोध्या डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में ठेकेदारों को अनुचित लाभ
6. ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पेंशन स्कीम का पैसा किया प्रचार में खर्च
7. HAL पर विमान इंजन की डिजाइन-प्रोडक्शन में गंभीर खामी के आरोप, 154 करोड़ का नुकसान
: @SupriyaShrinate जी
कासगंज के चंदन गुप्ता को पहचानते होंगे! सीएम योगी के कट्टर समर्थक थे। कट्टर इतने की उनके सीएम बनने पर भंडारा किया था। 26 जनवरी 2018 को विहिप ने तिरंगा यात्रा के लिए प्रशासन से इजाजत मांगी। प्रशासन ने मना कर दिया। क्योंकि हालात बेहतर नहीं थे। इसके बाद भी करीब 100 की संख्या में बाइक से तिरंगा यात्रा निकाली गई। मुस्लिम गलियों में जमकर नारेबाजी हुई। इस दौरान झड़प हो गई। गोलियां चली। एक गोली चंदन को आकर लगी और मौके पर ही मौत हो गई।
इसके बाद जमकर हंगामा हुआ। मुस्लिमों की दुकानें जलाई गई। प्रशासन को तीन दिन तक इंटरनेट बंद करना पड़ा। कई दिग्गज नेता चंदन की अंतिम यात्रा में पहुंचे। परिवार को आर्थिक मदद, बहन को नौकरी, चौक पर मूर्ति लगवाने का वादा किया। बहन को नौकरी मिली लेकिन 6 महीने बाद ही निकाल दिया। चौक पर मूर्ति लगी लेकिन आज भी ढकी हुई है। किसी नेता को फुर्सत नहीं कि उसका उद्धाटन कर सके। परिवार कोर्ट-कचेहरी के चक्कर में फंसा हुआ है। जो उस वक्त चंदन गुप्ता अमर रहे कर रहे थे अब वह भूल गए।
यह सब बातें इसलिए बता रहा हूं क्योंकि हर 6 महीने में दंगो की भेंट ऐसे ही मामूली परिवारों के लोग चढ़ते हैं। इनकी लाशों पर सियासत होती है। खूब वादे होते हैं लेकिन हकीकत में कुछ नहीं बदलता। सलाह सिर्फ इतनी है कि जब आप नहीं थे तब भी धर्म था, जब आप नहीं रहेंगे तब भी धर्म रहेगा। आपके बचाने से बचेगा नहीं, किसी के चाहने से खत्म नहीं होगा। आप बस अपना ख्याल रखिए। उग्रता और कट्टरता से दूर रहिए। सोशल मीडिया पर जो आपको भड़का रहे हैं इनके पास अच्छी नौकरी है। इनके बच्चे सेट हैं। आपको अपना देखना है।
चंदन के घर से ग्राउंड रिपोर्ट आप यहां पढ़ सकते हैंः https://t.co/CyendLCrab
सुधीर चौधरी भी सरकारी नौकरी की तैयारी करते थे, अंतिम रूप से चयनित नही हुए फिर अपने हुनर को पहचाना, उन्हें लगा कि एक हुनर तो उन्हे बचपन से जब बोलना प्रारंभ भी नही किया था तभी से आता है।
आज उसी हुनर का उपयोग करते हुए काफी स्कि👅ड पत्रकार हैं।