#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK
तमाम छात्रों और मीडिया चैनलों द्वारा लेखपाल भर्ती पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं.... परंतु अभी तक आयोग और सरकार इस पर चुप्पी... साधे हुए हैं...!!
भर्ती की सुचिता और पारदर्शित पर अगर प्रश्न उठते हैं तो आयोग... और सरकार की जिम्मेदारी है कि अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखें.... साथ ही लगाए जा रहे आरोपों की जांच करें... अन्यथा मौजूदा सरकार और आयोगो ... के ऊपर से छात्रों का भरोसा लगातार डगमगा रहा है...!!
पारदर्शिता पर उठे सवालों की निष्पक्ष जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण छात्रों का अधिकार है! ✅
@myogiadityanath@myogioffice
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK
साथियों "UPSSSC लेखपाल" में हुई गड़बड़ी की जांच करवाने के लिए आज ट्विटर कैंपेन रखा गया है🔥
आप सभी साथी नीचे दिए गए हैशटैग के साथ ज्यादा से ज्यादा ट्वीट करिए ताकि आपकी आवाज सरकार तक पहुंचे।
🎯 Hashtag👇
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK
जब 157वीं रैंक वाला 'सिस्टम' नंबर-1 रैंक वाले देश में प्रेस का सामना करता है, तो क्या होता है,
43 साल बाद ओस्लो (नॉर्वे) की धरती पर विश्वगुरु का डंका बज रहा था, तभी एक पत्रकार हेले लिंग (Helle Lyng) ने विश्व गुरु जी से पूछ लिया- "आप दुनिया के सबसे स्वतंत्र प्रेस के सवालों का जवाब क्यों नहीं लेते " जवाब में हमेशा की तरह वही चिर-परिचित खामोशी थी और विश्व गुरु बिना जवाब दिए मंच छोड़कर चले गए।
वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में नॉर्वे पहले स्थान पर है और हम 157वें पर, शायद यह फासला सवालों से घबराने के लिए काफी था।
लेकिन असली कहानी इसके बाद शुरू हुई! जब इसी पत्रकार ने व���देश मंत्रालय (MEA) की प्रेस ब्रीफिंग में मानवाधिकारों पर सीधा सवाल दागा, तो हमारे सचिव महोदय (सिबी जॉर्ज) भड़क गए। सवाल मानवाधिकार और प्रेस की आज़ादी का था, लेकिन जवाब में उन्होंने 'योग, शतरंज, ज़ीरो, कोविड वैक्सीन और हज़ारों साल की सभ्यता' का पूरा इत���हास सुना दिया। विदेशी रिपोर्ट्स को उन्होंने 'अज्ञानी NGOs' का कूड़ा बता दिया।
उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि "कब, कैसे और कहाँ जवाब देना है, ये मेरा विशेषाधिकार है।"
और इसके बाद जो हुआ, वह हमारी व्यवस्था का पेटेंट तरीका है— जो पत्रकार सिर्फ अपना काम कर रही थी, उन्हें इंटरनेट पर हमारी ट्रोल आर्मी ने 'विदेशी जासूस' और 'चीनी एजेंट' घोषित कर दिया, जिसके बाद उन्हें सफाई देनी पड़ी कि वह सिर्फ एक पत्रकार है और सवाल पूछना उनका कर्तव्य है।
क्या विदेशी धरती पर मीडिया को इग्नोर करना और तीखे सवालों के जवाब में 'योग और शतरंज' गिनाना एक 'विश्व गुरु और पांच ट्रिलियन की इकोनॉमी बनने का दावा करने वाले देश' की निशानी है, कूटनीति के नाम पर प्रेस से यह कैसी घबराहट है ।
#PressFreedom #PressFreedomIndex
सेवा में,
श्रीमान अध्यक्ष/सचिव महोदय,
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (@upprpb), तुलसी गंगा कॉम्प���लेक्स, विधानसभा मार्ग, लखनऊ, उत्तर प्रदेश - 226001
विषय: UPSI भर्ती परीक्षा के परिणाम एवं नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के संबंध में अभ्यर्थियों की चिंताओं को संज्ञान में लेने हेतु।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि सोशल मीडिया और विभिन्न संचार माध्यमों से उत्तर प्रदेश सब-इंस्पेक्टर (UPSI) भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर अभ्यर्थियों में असमंजस और चिंता की स्थिति बनी हुई है। इसी क्रम में, विख्यात कोचिंग संस्थान RWA (रोज़गार विद अंकित) के संचालक श्री अंकित भाटी सर के दो वीडियो और संदेश सामने आए है, जिसे समस्त अभ्यर्थियों के अनुरोध पर आपके सादर संज्ञान में लाया जा रहा है।
वीडियो में अंकित भाटी सर ने भर्ती बोर्ड से बेहद शालीनता और संवेदनशीलता के साथ अभ्यर्थियों के हित में निम्न��िखित बिंदुओं पर विचार करने का आग्रह किया है:
मुख्य चिंताएं और विसंगतियां:
एक ही शिफ्ट में अंकों का बड़ा अंतर: अंकित सर द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, 14 मार्च की प्रथम पाली (First Shift) में OBC कैटेगरी के अभ्यर्थी दीपांशु का 130 प्रश्नों पर DV/PST (दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक मानक परीक्षण) के लिए चयन हो गया है। इसके विपरीत, उसी समान शिफ्ट ��र समान कैटेगरी के एक अन्य अभ्यर्थी तिलकराम का 134 प्रश्नों पर भी चयन नहीं हुआ है। अंकित भाटी सर के अनुसार, इस तरह के उदाहरण लगभग प्रत्येक शिफ्ट में देखने को मिल रहे हैं।
नॉर्मलाइजेशन पर सवाल: यदि यह अंतर नॉर्मलाइजेशन (प्रसामान्यीकरण) प्रक्रिया के कारण आया है, तो अभ्यर्थियों के मन में यह सवाल है कि एक ही शिफ्ट के दो अलग-अलग अभ्यर्थियों के अंकों में नॉर्मलाइजेशन के बाद इतना बड़ा उलटफेर (कम या ज्��ादा होने का अंतर) कैसे संभव है?
मानसिक तनाव: इस विसंगति और स्पष्टता के अभाव के कारण परीक्षा देने वाले हजारों योग्य अभ्यर्थी इस समय अत्यधिक मानसिक तनाव और असमंजस में हैं।
अभ्यर्थियों की ओर से भर्ती बोर्ड से विनम्र प्रार्थना:
भर्ती बोर्ड की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता हमेशा से सराहनीय रही है। अतः इस पूरी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने तथा लाखों युवाओं के संशय को दूर करने के लिए अंकित भाटी सर और समस्त अभ्यर्थियों की ओर से निम्नलिखित मांगें की जा रही हैं:
स्कोरकार्ड (Scorecard) जारी किया जाए: भर्ती बोर्ड सभी अभ्यर्थियों के रॉ मार्क्स (Raw Marks) और नॉर्मलाइज्ड ��ार्क्स (Normalized Marks) के साथ आधिकारिक स्कोरकार्ड जारी करे।
कट-ऑफ और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया का स्पष्टीकरण: चयन प्रक्रिया में अपनाए गए नॉर्मलाइजेशन के सटीक तरीके और शिफ्ट-वाइज कट-ऑफ को सार्वजनिक रूप से थोड़ा और स्पष्ट किया जाए, ताकि एक ही शिफ्ट में आ रहे इस अंतर का सच सामने आ सके।
"स्कोरकार्ड जारी होने से न केवल अभ्यर्थियों को अपनी वास्तविक स्थिति का पता चलेगा, बल्कि भर्ती बोर्ड की निष्पक्षता और ���िश्वसनीयता पर युवाओं का भरोसा और अधिक मजबूत होगा।"
महोदय, युवाओं के भविष्य, उनकी वर्षों की कड़ी मेहनत और उनके माता-पिता की उम्मीदों को ध्यान में रखते हुए, कृपया इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक और गंभीरता से विचार करने की कृपा करें। आशा है कि श्री अंकित भाटी सर के वीडियो संदेशों को संज्ञान में लेकर भर्ती बोर्ड जल्द ही इस संबंध में कोई सकारात्मक कदम उठाएगा या आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर युवाओं ��ो संतुष्ट करेगा।
धन्यवाद।
भवदीय,
समस्त पीड़ित एवं न्यायप्रिय अभ्यर्थी,
(UPSI) भर्ती परीक्षा।
दिनांक: [16/05/2026]
संलग्नक:
श्री अंकित भाटी सर के यूट्यूब वीडियो No 1 का लिंक ~ https://t.co/bBKOf51bM9
यूट्यूब वीडियो No 2 का लिंक ~ https://t.co/bBKOf51bM9
इंस्टाग्राम वीडियो No 1 लिंक ~ https://t.co/z86Dzv0yBA
@ankitbhati_rwa @rojgarwithankit
न्यायपालिका के सर्वोच्च और सबसे सम्मानित पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसे अमर्यादित बयान की उम्मीद देश के युवाओं ने कभी नहीं की थी।
जिनके अपने बच्चों का भविष्य सुख-सुविधाओं और बड़े ओहदों के बीच पूरी तरह सुरक्षित है, शायद उन्हें 10x10 के कमरे में सालों तक जवानी खपाने वाले गरीब और संघर्षशील युवाओं का दर्द 'कॉकरोच' कि तरह ही नज़र आएगा!
जब 'पेपर लीक' और सिस्टम की लेटलतीफी के कारण एक युवा को रोज़गार नहीं मिलता, तो क्या वह RTI लगाकर सच न जाने, क्या वह सोशल मीडिया पर अपने हक़ के लिए आवाज़ भी न उठाए,
अगर अपने अधिकारों के लिए सवाल पूछना 'कीड़ा मकोड़ा' होना है, तो यह न्याय नहीं, बल्कि व्यवस्था का गुरूर है।
सिस्टम रोज़गार नहीं दे पा रहा, यह सिस्ट�� की विफलता है। लेकिन न्याय की सबसे बड़ी कुर्सी पर बैठकर, देश के करोड़ों बेबस युवाओं के संघर्ष का यूँ सरेआम मज़ाक उड़ाने का अधिकार आपको किसने दिया...
#Unemployment #Youth #CJI #suryakant
देशभर के लाखों अभ्यर्थियों की आवाज़ आज बुलंद हुई और उसका परिणाम यह है कि #UPSI_GIVE_SCORECARD आज देश में चौथे नंबर पर ट्रेंड कर रहा है।
उन युवाओं की पारदर्शिता की मांग है जिन्होंने दिन-रात मेहनत करके इस परीक्षा को दिया है।
हर अ��्यर्थी को अपने Raw Score और Normalization प्रक्रिया को जानने का अधिकार है।
सभी छात्रों, सोशल मीडिया साथियों और युवाओं की आवाज़ उठाने वाले हर व्यक्ति का हृदय से आभार।
जब युवा एकजुट होते हैं, तब व्यवस्था को सुनना पड़ता है।
#UPSI_GIVE_SCORECARD #UPSI_GIVE_NORMALSATION_DATA
UPSI का कटऑफ 92% से ज्यादा जाना अपने आप में साबित करता है कि सिस्टम में कहीं न कहीं भारी गड़बड़ी हुई है। जब मेरिट मार्क्स के आधार पर बनी है, तो आयोग हमारा स्कोरकार्ड और नॉर्मलाइजेशन का डेटा क्यों छिपा रहा है?
आज सुबह 9 बजे से हमारा ट्विटर अभियान शुरू हो रहा है। जो बच्चे सोच रहे हैं कि "मेरा क्या", वो याद रखें—अगर आज आप शांत रहे, तो अगला नंबर आपका भी हो सकता है! सबको मिलकर आवाज़ उठानी है।
#UPSI_GIVE_SCORECARD
#UPSI_GIVE_NORMALISATION_DATA
UPSI 2025 की भर्ती में एक अभ्यर्थी का दर्द
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मैं एक #UPSI अभ्यर्थी हूँ जो इस समय अत्यंत विकट मानसिक परिस्थिति से गुजर रहा हूँ। परीक्षा परिणाम आने के बाद मेरे माता-पिता का एक ही सवाल है—"अगर असफल हुए, तो कैसे? कितने अंकों की कमी रह गई?"
मगर अत्यंत क्षोभ का विषय है कि मेरे पास उनके इन बुनियादी सवालों का कोई जवाब नहीं है। बिना आधिकारिक डेटा के मैं स्वयं अंधकार में हूँ।
हमारी प्रमुख मांगें औ�� समस्याएं:
1️⃣ पारदर्शिता का अभाव: बोर्ड ने अब तक अभ्यर्थियों का व्यक्तिगत Scorecard जारी नहीं किया है। हमें अपने 'Raw Marks' और 'Normalized Marks' के बीच का अंतर नहीं पता।
2️⃣ नॉर्मलाइजेशन का रहस्य: बिना Shift-wise Normalization Data के यह समझना असंभव है कि किस शिफ्ट को कितना फायदा या नुकसान हुआ है? Sections Wise नॉर्मलाइजेशन कितना हुआ है?
3️⃣ उत्तरदेयता: माता-पिता को लगता है कि शायद हमारी मेहनत में कमी थी लेकिन हम बिना किसी ऑफिशियल डेटा के नॉर्मलाइजेशन की जटिल प्रक्रिया या तकनीकी चीजों को अपने माता पिता को कैसे समझाएं?
4️⃣ संशोधित सूची: DV/PST के लिए शॉर्टलि��्ट किए गए अभ्यर्थियों की लिस्ट को सभी आवश्यक सुधारों और पारदर्शिता के साथ पुनः अपडेट कर जारी किया जाए जिसमें अभ्यर्थी के रोल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर के अतिरिक्त,
✅ अभ्यर्थी का नाम
✅ परीक्षा की शिफ्ट
✅ Raw Marks (वास्तविक अंक)
✅ Normalized Marks
✅ जेंडर और कैटेगरी (ताकि आरक्षण नियमों की स्पष्टता दिखे)।
सीएम @myogiadityanath महाराज जी, एक युवा के लिए परीक्षा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार का सपना होती है। जब तक स्कोरकार्ड और नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया सार्वजनिक नहीं होती, तब तक यह असफलता हमारे चरित्र पर एक प्रश्नचिह्न बनी रहेगी?
अतः आपसे हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि अविलंब Scorecard और Normalization डेटा सार्वजनिक कर हमें मानसिक प्रताड़ना से मुक्ति दिलाएं। न्याय की उम्मीद में...🙏🚩
#UPSI_GIVE_SCORECARD
#UPSI_GIVE_NORMALISATION_DATA
#YOGIJI_REFORM_UPPRPB
@myogioffice @CMOfficeUP @homeupgov @ChiefSecyUP
UPSI 2025 की परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टता अभ्यर्थियों का मौलिक अधिकार हैं । Final Answer Key जारी होने के बावजूद, व्यक्तिगत Score Card के अभाव में अभ्यर्थी अपने Raw Score और Normalization की जटिल प्रक्रिया को लेकर अत्यंत भ्रम��त हैं उन्हें ये पता ही नहीं है कि उनका वास्तविक स्कोर कितना है। भर्ती बोर्ड से सविनय निवेदन है कि युवाओं के भविष्य और परीक्षा की सुचिता को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही स्कोर कार्ड सार्वजनिक किया जाए, ताकि हर छात्र अपनी वास्तविक स्थिति से अवगत हो सके।
#UPSI_GIVE_SCORECARD
#UPSI_GIVE_NORMALISATION_DATA
@upprpb @dgpup @myogiadityanath
UPSI 2025 की परीक्षा संपन्न होने के बाद अभ्यर्थी एक अत्यंत अनिश्चित दौर से गुजर रहे हैं। Final Answer Key जारी हो चुकी है, लेकिन व्यक्तिगत Score Card के अभाव में छात्रों के बीच भारी असंतोष और मानसिक तनाव व्याप्त है। किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता इस बात पर निर्भर करती है कि अभ्यर्थी को उसके वास्तविक अंकों (Raw Score) और Normalization के बाद हुए बदलावों की सटीक जानकारी हो। बिना स्कोर कार्ड के यह समझना असंभव है कि चयन प्रक्रिया का आधार क्या है, जिससे छात्रों में भर्ती बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर संशय बढ़ता हैं ।
अतः प्रदेश सरकार से सादर अनुरोध है कि छात्र हित को सर्वोपरि रखते हुए ��विलंब आधिकारिक पोर्टल पर व्यक्तिगत स्कोर कार्ड अपलोड किया जाए। पारदर्शिता ही लोकतंत्र और निष्पक्ष भर्ती की पहचान है। युवाओं के धैर्य की परीक्षा न लें और उन्हें उनके परिश्रम का स्पष्ट परिणाम देखने का अवसर दें।
#UPSI_GIVE_SCORECARD #UPSI_GIVE_NORMALISATION_DATA
@upprpb @myogiadityanath
@dgpup
प्यारे साथियो!
परीक्षा देना अगर एक छात्र का कर्तव्य है, तो पूरी पारदर्शिता के साथ उसका 'स्कोरकार्ड' जारी करना व्यवस्था की ज़िम्मेदारी है।
UPSI 2025 के मेरे सभी युवा साथियों, अपनी मेहनत का एक-एक नंबर ��ानना आपका बुनियादी हक है अगर परीक्षा निष्पक्ष तरीके से हुई है फिर भी परिणाम को लेकर संदेह है तो आपका स्कोरकार्ड जारी होना चाहिए क्योंकि कोई भी परिणाम अगर अधूरा और संदेह के घेरे में है, तो सिस्टम पूरी पारदर्शिता नहीं अपना रहा, हमारी यह जायज़ मांग रुकनी नहीं चाहिए।
आज सुबह 9:00 बजे, एक बार फिर हमें अपनी एकता और अनुशासन की ताकत दिखानी है, अपने हक़ के लिए पूरे दमखम के साथ ट्विटर अभियान से जुड़ें और इ��� #UPSI_GIVE_SCORECARD #UPSI_GIVE_NORMALISATION_DATA को ट्विटर पर ट्रेंड कराए,
और मैं अपने ऐसे युवा साथियों से भी कहना चाहूंगा जिन्होंने UPSI 2025 का एग्जाम नहीं दिया है वह भी इस ट्विटर अभियान में बढ़-चढ़कर भाग ले क्योंकि बहरी व्यवस्था को सुनाने के लिए हमें एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी...
#UPSI_GIVE_SCORECARD #UPSI_GIVE_NORMALISATION_DATA