ज़िन्दगी में रंग भरती हैं स्त्रियां
काम पर ही रहती हैं
काम से लौटती कहां हैं स्त्रियां
ये थम जाएं तो
थम जाती है
ज़िन्दगी की रफ्तार
मौसमों की रवानी
इनसे है
घरों में ख़ुशहाली
इनसे है
त्योहारों मे शोर
इनसे है
रिवायतों का ज़िक्र
इनसे है
रज़िया रागिनी 'समर'
रेत पे तेरा नाम लिख दिया है ,
ख़ुद को आज़ाद कर लिया है।
न ज़माने का डर न रिवाजों का
मुहब्बत का इक़रार सरे आम कर लिया है।
~रज़िया रागिनी 'समर'
@raziaragini
तुम मेरे घर आना छोड़ दो
यूं बार बार तड़पाना छोड़ दो
इस रिश्ते को कुछ नाम दो
या बहाने बनाना छोड़ दो
क्यूं हर बार कहते हो कुछ और वक़्त दे दो
अब इन वायदों से बहलाना छोड़ दो
साथ रहना जब मुश्किल है हमारा 'समर',
अब ख़्वाबों में भी आना छोड़ दो।
रज़िया रागिनी 'समर'
@Kavya_Ras
इज़हारे मुहब्बत भी करते हो
दुनिया के सवालों से भी डरते हो।
तुम्हारी इस अदा के कया कहने
हमें तो जान से भी प्यारे लगते हो।
~रज़िया रागिनी'समर
@raziaragini
निगाह मिला कर वो कहीं छुप गया
इक नज़र में ही तबाह कर गया
ज़िन्दगी बड़ी मज़े में गुज़र रही थी अपनी
कौन था वो शख़्स जो गया तो सही पर मेरा दिल भी ले गया
काश वो कहीं से फिर लौट आए 'समर'
दिल जिसकी निगाह में अटक कर भटक गया.
रज़िया रागिनी'समर
#nigah@Kavya_Ras
तुम्हे देख कर आज भी याद आता है,
वो तुम्हारा हर रिश्ता तोड़ कर जाना,
मुझे छोड़ कर मुहं मोड़ कर जाना,
कितना आसान था तुम्हारे लिए 'समर',
मुझे मुझसे ही जुदा कर जाना ।
रज़िया रागिनी 'समर'
#Dilse@Kavya_Ras
प्रसिद्ध गायिका सुमन कल्याणपुर जी का निधन हो गया।वो 89 साल की थी।
अनेक सुप्रसिद्ध गीतों को उन्होंने अपनी पुरकशिश आवाज़ से नवाज़ा।
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे