एक तरफ किरोड़ी लाल जी हजारों लोगों के साथ विश्व आदिवासी दिवस मना रहे हैं, वसुंधरा राजे जी बधाई दे रही हैं, और दूसरी तरफ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ जी इसे नकार रहे हैं, "भेड़चाल" बता रहे हैं।
अगर आदिवासी दिवस मनाना भेड़चाल है, तो मदन राठौड़ जी को आदिवासियों के अपमान पर माफी मांगनी चाहिए।
ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदिवासी दिवस की खिल्ली उड़ाते हैं, तो भाजपा सरकार के मंत्री मदन दिलावर जी आदिवासियों के DNA पर सवाल उठाते हैं। संसद में मोदी सरकार मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाने से इनकार करती हैं।
जिन आदिवासियों ने मानगढ़ की धरती पर देश के लिए शहादत दी, उनके इतिहास और बलिदान का इससे बड़ा अपमान क्या होगा?
विश्व आदिवासी दिवस पर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय जनजाति मंत्री जुएल ओरम, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित भाजपा के आदिवासी नेताओं द्वारा अपनाया गया भेदभावपूर्ण रवैया निंदनीय हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा विश्व आदिवासी दिवस मनाने वाले जागरूक आदिवासी युवाओं के लिए ‘भेड़चाल चलने वाले’ जैसे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना भी अत्यंत निंदनीय है।
वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज को शुभकामनाएँ तक नहीं देना भी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
इस बार विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भाजपा सरकार का जो भेदभावपूर्ण रवैया देखने को मिला है, उससे आदिवासी समाज के प्रति भाजपा-आरएसएस की सोच का असली चेहरा देश के सम्पूर्ण आदिवासी समाज के सामने बेनकाब हो गया हैं।
अब आदिवासी युवा आपकी कथनी और करनी के अंतर को भली-भांति समझ चुका है। जागरूक आदिवासी युवा अपने अधिकारों, सम्मान और अस्तित्व के प्रति सजग है और आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से इसका उचित जवाब जरूर देगा।
जोहार। जय आदिवासी
@rashtrapatibhvn@narendramodi@jualoram@RahulGandhi@BhajanlalBjp@madanrrathore@hemantsorenjmm@ians@pti_news@ani@ndtv
देखिए BJP की आदिवासियों के प्रति सोच और नीतियों की हकीकत!
राजस्थान BJP अध्यक्ष और सांसद मदन राठौड़ का यह कहना कि विश्व आदिवासी दिवस का हमारे देश से कोई लेना-देना नहीं है, देश के करोड़ों आदिवासियों का सीधा अपमान है।
जब आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन, शिक्षा और अधिकारों की बात आती है, तब BJP की सरकारें चुप क्यों हो जाती हैं?
आदिवासी समाज का अपमान बंद करो, अपने बयान पर माफ़ी मांगो और आदिवासी हितों पर अपनी नीति स्पष्ट करो।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष @madanrrathore, आपने विश्व आदिवासी दिवस मनाने वालो को भेड़चाल कहकर घोर अपमानित किया है।
संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा घोषित विश्व आदिवासी दिवस का संबंध भारत से नही है तो विश्व योग दिवस और विश्व महिला दिवस भी तो संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा घोषित किये हैं। फिर तो इनका संबंध भी भारत से नही होना चाहिए।
पूरे आदिवासी समाज व आदिवासी की कद्र करने वाले उस प्रत्येक व्यक्ति व संगठन को आपने भेड़चाल चलने वाला कहकर अपमानित किया है। उसका जवाब जरूर मिलेगा आपको।
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो
अंधविश्वास में नहीं, शिक्षा और कर्म में विश्वास रखिए।
12–16 साल के बच्चे कांवड़ लेकर सड़कों पर निकल रहे हैं। सवाल यह है कि इससे उनका भविष्य कितना बदलेगा?
नौजवान साथियों, कांवड़ से ज्यादा जरूरी किताब और मेहनत है।
आप खुद बताइए—कितने IAS अधिकारी कांवड़ यात्रा करके IAS बने हैं?
भविष्य आस्था से नहीं, पढ़ाई, मेहनत और कर्म से बनता है।
दौसा सांसद मुरारी लाल मीणा
#दौसा
#dausa
@AapkaMurarilal
विश्व आदिवासी दिवस के पावन अवसर पर मीणा हाईकोर्ट, नांगल प्यारीवास (दौसा) में आयोजित भव्य समारोह में सम्मिलित होकर हमारी गौरवशाली आदिवासी संस्कृति, परंपरा और इतिहास को नमन किया।1/2
विश्व आदिवासी दिवस की पूरे आदिवासी समाज को बहुत-बहुत बधाई।
देश में आदिवासी समाज के साथ ही सबसे ज़्यादा अन्याय हुआ है। दूसरी पार्टियों द्वारा आपके जल, जंगल और ज़मीन पर डाका डाला गया।
केवल आम आदमी पार्टी ही आपके अधिकारों के लिए लड़ रही है। आज चैतर वसावा जेल में हैं क्योंकि वे आपकी आवाज़ उठा रहे थे। उनके जल्द बाहर आने के लिए प्रार्थना करें।
कल विश्व आदिवासी दिवस था ,लेकिन देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री द्वारा विश्व आदिवासी दिवस पर देश के करोड़ों आदिवासियों को शुभकामनाएं तक न देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री आदिवासी समाज के इस महत्वपूर्ण दिवस पर मौन रहे। यह मौन उनकी आदिवासियों के प्रति सोच और मानसिकता को दर्शाता है।
सबसे दुखद बात यह है कि देश की राष्ट्रपति स्वयं आदिवासी समाज से आती हैं, लेकिन इस पावन अवसर पर भी देश के करोड़ों आदिवासियों को शुभकामनाएं देना जरूरी नहीं समझा गया।
वोट मांगने के समय आदिवासी याद आते हैं, लेकिन उनके सम्मान, अधिकार और भागीदारी की बात आते ही उन्हें दरकिनार कर दिया जाता है।
आदिवासी समाज वोट बैंक नहीं, इस देश के मूलनिवासी और हमारी संस्कृति की पहचान हैं। उनके सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विश्व आदिवासी दिवस पर भाजपा -आरएसएस का आदिवासीयों के प्रति नफरती और घृणित चेहरा बेनकाब हो गया।
मोदी जी ,भजनलाल शर्मा जी और भाजपा के लोगो आदिवासियों से इतनी नफ़रत करते हैं, ये कल्पना नहीं थी कि जब भाजपा का दिग्गज आदिवासी चेहरा श्री किरोडीलाल मीणा जी द्वारा आदीवासी दिवस को बडे धूमधाम से मनाया जा रहा हो और भाजपा व प्रदेश के मुखिया को आदिवासी दिवस पर आदिवासी भाई-बहनों को बधाई तक नहीं देंगे।
जब पूरा प्रदेश ही नही देशभर में धूमधाम से आदिवासी दिवस मना रहा था, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल जी आदिवासी दिवस की बधाई देने तक से परहेज कर रहे हैं। ऐसे मे भाजपा मे बैठे आदीवासी नेताओ और कार्यकर्ताओं को भी सोचने की जरूरत है की आपका हित भाजपा मे नही हो सकता।
सच्चाई यही है कि भाजपा दलितों एवं आदिवासियों से घृणा करती है और इनके मंत्री आदिवासियों का DNA चेक कराते हैं, ये सत्ता में बैठकर आदिवासी महापुरुषों के इतिहास को किताबों से मिटाते हैं, यहा तक की मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने से इनकार करते हैं।
मुख्यमंत्री जी... सिर्फ एक बधाई का सवाल नहीं है, ये आदिवासी समाज के सम्मान और पहचान की बात है। RSS और BJP की असली सोच और सच्चाई आदिवासी समाज देख रहा है।
जय जोहार, जय आदिवासी🙏
@INCIndia@INCRajasthan
विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर प्रकृति पूजक आदिवासी समाज एवं सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आज का दिन आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के संकल्प को मजबूत करने तथा उनकी संस्कृति एवं जल-जंगल-जमीन की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का अवसर है।
आज विश्व आदिवासी दिवस पर अब तक देश के प्रधानमंत्री @narendramodi , गृह मंत्री @AmitShah और राजस्थान के मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp की तरफ़ से अब तक आदिवासी समुदाय के लिए संदेश नहीं आया है.! ओहो ये तो हमें आदिवासी नहीं वनवासी मानते है; शायद इसलिए चुप है.!
जल, जंगल व जमीन के संरक्षण में सदैव तल्लीन रहने वाले प्राचीन भारतीय संस्कृति की पहचान हमारे आदिवासी भाई-बहनों को विश्व आदिवासी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
@TribalArmy@OfficialBKU
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी... ये तो पता था कि मोदी जी और भाजपा के लोग आदिवासियों से नफ़रत करते हैं, लेकिन ये कल्पना नहीं थी कि एक प्रदेश के मुखिया आदिवासी दिवस पर आदिवासी भाई-बहनों को बधाई तक नहीं देंगे।
आज पूरा प्रदेश में धूमधाम से आदिवासी दिवस मना रहा है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा जी आदिवासी दिवस की बधाई देने तक से परहेज कर रहे हैं।
बीजेपी, आरएसएस का आदिवासी विरोधी चेहरा देश के सामने आ गया।
#विश्व_आदिवासी_दिवस
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी... ये तो पता था कि मोदी जी और भाजपा के लोग आदिवासियों से नफ़रत करते हैं, लेकिन ये कल्पना नहीं थी कि एक प्रदेश के मुखिया आदिवासी दिवस पर आदिवासी भाई-बहनों को बधाई तक नहीं देंगे।
आज पूरा प्रदेश में धूमधाम से आदिवासी दिवस मना रहा है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल जी आदिवासी दिवस की बधाई देने तक से परहेज कर रहे हैं। आदिवासी समाज से RSS-BJP की नफ़रत में आप पूरे समाज को भूल जाएंगे, इस बेरुखी की कल्पना कभी नहीं की थी।
सच्चाई यही है कि भाजपा दलितों एवं आदिवासियों से घृणा करती है। इनके मंत्री आदिवासियों का DNA चेक कराते हैं, सत्ता में बैठकर ये लोग आदिवासी महापुरुषों के इतिहास को किताबों से मिटाते हैं, और मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने से इनकार करते हैं।
मुख्यमंत्री जी... RSS और BJP की असली सोच और सच्चाई आदिवासी समाज देख रहा है। ये सिर्फ एक बधाई का सवाल नहीं है, ये आदिवासी समाज के सम्मान और पहचान की बात है।
जय जोहार, जय आदिवासी 🙏
पुरानी सी टी-शर्ट पहने, गले में गमछा डाले.. ये कौन था जो इस प्रोटेस्ट में आया और अपनी आत्मा की गहराई से, भावनाओं में बहे बगैर देश के लोकतन्त्र और उसमें हिस्सेदारी का दावा पेश कर गया.
अभिव्यक्ति की आजादी का मौका मिला था इसे जंतर-मंतर पर. कह रहा है दौड़कर आया हूं. नीरज ने जो लिखा, वो जीवन की हकीकत है. उसी हकीकत को करीब से..बेहद करीब से देखा और चला आया. लाखों की भीड़ में जहां Gen-Z को लफंडर लिखा गया, दिखाया गया. वहां यह नौजवान सरकार को आईना दिखा गया. Gen-Z ही था, शायद किसी ने ठीक से इसे देखा नही. मंच पर क्यों नही बोलने दिया इसे, थोड़ा सा भगतसिंह और बाहर आता. इस देश के युवाओं को थोड़ा और जोश भर जाता. बता जाता कि मौका मिले तो खुद को इस दुनियां के सामने उड़ेल कर रख दो. बता दो सरकारों को संवाद के बिना कोई रास्ता नही है. हिंदू-मुस्लिम और जातियों में बंट चुकी सियासत और देश में ऐसे ही युवा इस लोकतंत्र को जिंदा रखे है.
किसी को इसका नाम पता चले तो जरूर बताना. इसका स्वागत करना है, इसे एक फूलों का हार पहनाना है.
@TheLallantop