शरम,झिझक ,वहशत, परेशानी
नाज़ से काम क्यूँ नहीं लेतीं ?
आप,वो, में,मगर,यह सब क्या है
तुम मेरा नाम क्यूँ नहीं लेतीं ?
- जॉन एलिया
१०० बार पढने पर भी शेर ताज़ा ही लगता है !
#Repost
वो मुझ को सोये हुए देखता है जी भर के, ना जाने सोच के क्या क्या वो मुस्कराता है......!!
मेरे बगैर है सब ख्वाब उस के वीराँ से, ये बात सच है मेरा बाप कम नहीं माँ से......!!!!
मुझे भी बख़्श दे लहजे की ख़ुशबयानी सब,
तेरे असर में हैं अल्फ़ाज़ सब, म'आनी सब !
मेरे बदन को खिलाती है फूल की मानिंद,
कि उस निगाह में है धूप, छाँव, पानी सब !
~ असद