Maharashtra Bandh 23rd July
@VBAforIndia has called for a Maharashtra Bandh on 23rd July against the brutal use of state force and violence by the @BJP4India against the students.
The use of tear gas, water cannons and piked- batons on students demanding justice reveals the authoritarian & fascist face of the Govt.
In support of these students and to protest this brutal police repression, the Vanchit Bahujan Aghadi has called for a complete #MaharashtraBandh on 23rd July.
Even if @VBAforIndia’s called for the Bandh, I appeal to all like-minded parties, organisations, student unions, citizens, students and parents to make this bandh a grand success.
This battle isn’t simply a battle for demanding accountability , it is a battle to protect the future of our country.
#23July
#MaharashtraBandh
I spoke to @abhijeet_dipke’s parents to check on their well-being amid the death threats directed at their son and the immense pressure the family was enduring.
I strongly condemn the death threats issued against Abhijeet. Free expression and personal safety are cornerstones of a healthy democracy; censorship and death threats fundamentally undermine the principles of open discourse and democratic debate.
I assured Abhijeet’s parents that @VBAforIndia stands with them in this environment of threat. Our team will provide political and ground protection, if needed.
India is blessed to have a visionary like B. R. Ambedkar jii whose ideals continue to inspire generations, Remembering him on his Jayanti.
#AmbedkarJayanti
I wrote a letter to Indian National Congress President Shri @kharge and Leader of Opposition Shri @RahulGandhi to propose a nationwide protest seeking transparency and accountability from Prime Minister Narendra Modi in the light of him being mentioned recently in the mails tied to the Jeffery Epstein files, being coerced into a deplorable economic trade deal with the United States of America, and him dodging his responsibility during a crucial clash in the 2020 China-India border conflict.
Never have we seen a Prime Minister hesitating to take a decision when the aggressors came knocking at our doors! More critically, these events pose a very big question on our beloved nation’s sovereignty, strategic and policy autonomy, raising the possibility that the
Prime Minister Narendra Modi has been compromised due to the personal behaviour in his past and present!
INC is raising these questions in the Lok Sabha, which is commendable, but I am of the opinion that we should take these questions to the masses.
I, on behalf of @VBAforIndia, proposed that @INCIndia together with @VBAforIndia and anti-BJP parties, SC, ST and OBC activists do a nationwide lawful and peaceful protest seeking transparency and accountability from Prime Minister Narendra Modi.
लातूर महानगरपालिका निवडणुकीतील काँग्रेस व वंचित बहुजन आघाडीच्या उमेदवारांच्या प्रचारार्थ आयोजित प्रचार सभेस उपस्थित राहण्यासाठी वंचित बहुजन आघाडीचे नेते आदरणीय प्रकाशजी उर्फ बाळासाहेब आंबेडकर यांचे लातूर येथे आगमन झाले तेंव्हा त्यांचे उत्स्फूर्त स्वागत केले.
#लातूर #महानगरपालिका #निवडणूक #काँग्रेस
#वंचित_बहुजन_विकास_आघाडी.
#AmitDeshmukh4LaturCity #LaturCity
#IndianNationalCongress
#VanchitBahujanAghadi
#INCMaharashtra
बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीरें जलाना सीधे-सीधे राष्ट्र-विरोधी है।
ऐसा राष्ट्र-विरोधी व्यवहार सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक बदलाव के डर को दिखाता है, जहाँ उनकी पीढ़ियों से चली आ रही विशेषाधिकार वाली सामाजिक स्थिति अब सवालों से परे नहीं रही है। यह असहिष्णुता, भारत के संविधान द्वारा दिए गए समानता के वादे को न मानने की मानसिकता, दलितों के प्रति गहरी नफरत और दलित आत्मसम्मान की अभिव्यक्ति को अमानवीय बनाने का प्रमाण है।
यह मानना मुश्किल है कि यह भारत-विरोधी घटना भाजपा-शासित राज्य की मशीनरी के समर्थन के बिना हुई हो।
मैं फिर एक बार यह बहुत ही महत्वपूर्ण बात दोहरा देता हूँ - हमारा देश बाबासाहेब द्वारा दिए गए संविधान से चलेगा, मनुस्मृति से नहीं।
हमारा देश फुले, शाहू और आंबेडकर की विचारधारा से चलेगा, मनुवाद से नहीं।
@CMMadhyaPradesh, @MPPoliceDeptt राष्ट्र-विरोधी, समाज-विरोधी और देश को तोड़ने वालों पर सख़्त कार्रवाई आप कब करेंगे?
या फिर हम यह साफ़-साफ़ समझ लें कि उन्हें आपका पूरा सहयोग प्राप्त है और यह सब आपने मिलकर करवाया है?
Make in India : FAILED
Women Safety : FAILED
Swachh Bharat : FAILED
Namami Gange : FAILED
Demonetisation: FAILED
Pollution Control: FAILED
Inflation Control : FAILED
100 Smart Cities : FAILED
Corruption Control: FAILED
Black Money Return : FAILED
Bullet Train by 2023 : FAILED
Rupee ₹40 per Dollar : FAILED
2 Crore Jobs Every Year : FAILED
Farmers Income Double : FAILED
Reducing Unemployment : FAILED
₹15 Lakh in Every Account : FAILED
$5 Trillion Economy by 2022: FAILED
MODI HAI TO MUMKIN HAI ..
सर्व भारतीयांना संविधान दिनाच्या हार्दिक शुभेच्छा!
आजचा दिवस आपल्या राष्ट्रीय इतिहासातील एका महान पर्वाची आठवण करून देतो. संविधान सभेने २५ नोव्हेंबर १९४९ रोजी अनेक चर्चा आणि सुधारणांनंतर संविधानाचा स्वीकार केला. संविधान सभेने संविधानाचा स्वीकार केल्यानंतर दोन महिन्यांनी, म्हणजेच २६ जानेवारी १९५० रोजी जगातील सर्वात मोठे, सर्वसमावेशक आणि मानवतावादी भारतीय संविधान लागू करून अमलात आणले. त्यामुळे संविधान दिन साजरा केला जातो.
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकरांनी लिहिलेल्या या संविधानाने भारताला केवळ शासनव्यवस्थेचा आराखडा नाही दिला, तर स्वातंत्र्य, समानता, बंधुता आणि न्याय ही चार जीवनमूल्ये प्रत्येक नागरिकाला बहाल केली. हे संविधान प्रत्येक नागरिकाला शक्ती आणि जबाबदारीही देते. शक्ती आपले अधिकार जपण्यासाठी आणि जबाबदारी समाजातील शेवटच्या घटकासाठी लढण्यासाठी. लोकशाही शासन व्यवस्था टिकवण्यासाठी संविधानवादी, संविधानप्रेमी जनतेने आगामी काळात आपल्याला मिळालेला मताचा अधिकार विवेकाने आणि जागरूकपणे वापरून संविधानवादी नेतृत्वाला आपल्या प्रतिनिधित्वाची संधी दिली, तर आणि तरच आपले मूलभूत हक्क आणि अधिकार अबाधित ठेवण्याची लढाई आपण सगळे एकमेकांच्या विचाराने पुढे घेऊन जाऊ शकतो.
आजच्या संविधान दिनी आपण या ऐतिहासिक दिवसाचे स्मरण करताना, आम्ही भारताचे लोक म्हणून आपल्यावरची लोकशाही टिकविण्याची आणि सामाजिक न्याय प्रस्थापित करण्याची जबाबदारी नव्याने स्वीकारूया. संविधान जपूया, संविधान घरोघरी पोचवूया... कारण संविधान हाच उज्ज्वल भारताचा एकमेव आणि मानवतावादी, लोकशाहीवादी मार्ग आहे.
हा देश डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांनी दिलेल्या संविधानानुसारच चालेल!
लोकशाही जिंदाबाद , संविधान जिंदाबाद !
जय भीम - जय संविधान!
#ConstitutionDay
तारीख़ थी 16 अगस्त, 2000, और निशाने पर था RSS!
साल 2000 का मेरा लोकसभा में दिया गया धमाकेदार भाषण, जिसमें मैंने RSS पर तीखे वार किए थे।
उस भाषण में मैंने पूरे भारत के सम्मुख RSS की ‘एंटी-इंडिया’ विचारधारा को भंडाफोड़ किया और लोकसभा के माध्यम से सबको बताया कि स्वतंत्रता के पश्चात RSS ने अपने नागपुर मुख्यालय पर कभी राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया।
मैं तभी भी RSS के खिलाफ और भारतीय संविधान के लिए लड़ रहा था, आज भी लड़ रहा हूँ और और जब तक मेरी सांस चलती रहेगी मैं लड़ता रहूंगा।
हमारा देश संविधान से चलेगा, मनुस्मृति से नहीं!
जय भीम. जय संविधान. जय भारत.
कल देश के इतिहास में पहली बार RSS के खिलाफ उसके दरवाजे के सामने मोर्चा निकाला गया। और यह मोर्चा फुले-शाहू-अंबेडकर की विचारधारा पर चलने वाली वंचित बहुजन आघाड़ी ने निकाला!
पूरे देश में RSS के खिलाफ हमारे जन आक्रोश मोर्चा की चर्चा हैं। हमने कल पूरे देश को बताया की हमारा देश फुले, शाहू और अंबेडकरवादी विचारधारा से चलेगा, मनुवाद से नहीं!
प्रशासन और पुलिस द्वारा हमें RSS के खिलाफ मोर्चा निकालने से रोकने के कई प्रयास किए गए लेकिन हम रुके नहीं। RSS के खिलाफ उसके दरवाजे के सामने मोर्चा निकलने की राजनीतिक हिम्मत बस और बस वंचित बहुजन आघाड़ी में हैं!
लेकिन मैं हर दूसरी पार्टी से पूछना चाहता हूँ — वंचित बहुजन आघाड़ी ने कल जो किया, वह आप इतने सालों में क्यों नहीं कर सके? यही सवाल वंचित बहुजन आघाडी का कार्यकर्ता अब हर दूसरी पार्टी से पूछेगा!
कल RSS ने हमारे हाथों से भारत का संविधान और तिरंगा लेने से इनकार कर दिया! मैं एक फिर दोहराता हूँ, हमारा देश फुले, शाहू और अंबेडकरवादी विचारधारा से चलेगा, मनुवाद से नहीं!
RSS मुर्दाबाद! मनुवाद मुर्दाबाद!
जय फुले। जय शाहू। जय भीम। जय संविधान। जय भारत।
कल देश के इतिहास में पहली बार RSS के खिलाफ उसके दरवाजे के सामने मोर्चा निकाला गया। और यह मोर्चा फुले-शाहू-अंबेडकर की विचारधारा पर चलने वाली वंचित बहुजन आघाड़ी ने निकाला!
पूरे देश में RSS के खिलाफ हमारे जन आक्रोश मोर्चा की चर्चा हैं। हमने कल पूरे देश को बताया की हमारा देश फुले, शाहू और अंबेडकरवादी विचारधारा से चलेगा, मनुवाद से नहीं!
प्रशासन और पुलिस द्वारा हमें RSS के खिलाफ मोर्चा निकालने से रोकने के कई प्रयास किए गए लेकिन हम रुके नहीं। RSS के खिलाफ उसके दरवाजे के सामने मोर्चा निकलने की राजनीतिक हिम्मत बस और बस वंचित बहुजन आघाड़ी में हैं!
लेकिन मैं हर दूसरी पार्टी से पूछना चाहता हूँ — वंचित बहुजन आघाड़ी ने कल जो किया, वह आप इतने सालों में क्यों नहीं कर सके? यही सवाल वंचित बहुजन आघाडी का कार्यकर्ता अब हर दूसरी पार्टी से पूछेगा!
कल RSS ने हमारे हाथों से भारत का संविधान और तिरंगा लेने से इनकार कर दिया! मैं एक फिर दोहराता हूँ, हमारा देश फुले, शाहू और अंबेडकरवादी विचारधारा से चलेगा, मनुवाद से नहीं!
RSS मुर्दाबाद! मनुवाद मुर्दाबाद!
जय फुले। जय शाहू। जय भीम। जय संविधान। जय भारत।
कल देश के इतिहास में पहली बार RSS के खिलाफ उसके दरवाजे के सामने मोर्चा निकाला गया। और यह मोर्चा फुले-शाहू-अंबेडकर की विचारधारा पर चलने वाली वंचित बहुजन आघाड़ी ने निकाला!
पूरे देश में RSS के खिलाफ हमारे जन आक्रोश मोर्चा की चर्चा हैं। हमने कल पूरे देश को बताया की हमारा देश फुले, शाहू और अंबेडकरवादी विचारधारा से चलेगा, मनुवाद से नहीं!
प्रशासन और पुलिस द्वारा हमें RSS के खिलाफ मोर्चा निकालने से रोकने के कई प्रयास किए गए लेकिन हम रुके नहीं। RSS के खिलाफ उसके दरवाजे के सामने मोर्चा निकलने की राजनीतिक हिम्मत बस और बस वंचित बहुजन आघाड़ी में हैं!
लेकिन मैं हर दूसरी पार्टी से पूछना चाहता हूँ — वंचित बहुजन आघाड़ी ने कल जो किया, वह आप इतने सालों में क्यों नहीं कर सके? यही सवाल वंचित बहुजन आघाडी का कार्यकर्ता अब हर दूसरी पार्टी से पूछेगा!
कल RSS ने हमारे हाथों से भारत का संविधान और तिरंगा लेने से इनकार कर दिया! मैं एक फिर दोहराता हूँ, हमारा देश फुले, शाहू और अंबेडकरवादी विचारधारा से चलेगा, मनुवाद से नहीं!
RSS मुर्दाबाद! मनुवाद मुर्दाबाद!
जय फुले। जय शाहू। जय भीम। जय संविधान। जय भारत।