रफ्तार कम हो चलेगा,
पर दिशा सही रखनी चाहिए...
रास्ते में ठोकरें आएंगी,
पर हिम्मत नहीं हारनी चाहिए...
मंजिल चाहे कितनी भी दूर हो,
बस चलते रहना चाहिए.....
लोग पहले जुड़ते हैं
अच्छी बातें करते हैं
तारीफ आपकी करते हैं
अच्छा इंसान बताते हैं
कुछ दिन यह सबकुछ
बहुत अच्छा चलता है
आपकी सारी बातें भी
बहुत अच्छी लगती हैं
फिर शुरू होती हैं दूरियां
व्यस्त होने की दुहाइयाँ
फिर धीरे-धीरे खत्म होता है
आभासी दुनिया का रिश्ता
✍️ तेरे ख़्यालों में
जब देखा मैंने हुश्न की अप्सरा को
हम बिल्कुल अपने होश गवां बैठे
न रहा मुझे होश किसी भी बात का
उन्हें मजबूत आलिंगन में भर लिये
उनकी गर्म सांसों को महसूस किया
उनमें विरह छिपी थी कई वर्षों की
आज जब मौका मिला हमदोनों को
मिलकर प्रेम की दरिया में बहते चले गए।
✍️तेरे ख़्यालों में