स्वस्थ सरोजनीनगर की दिशा में शुरू हुई एक छोटी पहल आज जनभागीदारी और स्वस्थ जीवनशैली के बड़े अभियान का रूप ले रही है।
चार साल पहले CSR फंड के माध्यम से सरोजनीनगर में ओपन जिम की शुरुआत की थी। आज यह बहुत हर्ष की बात है कि यह प्रयास लगातार विस्तार ले रहा है।
अब तक 150 से अधिक पार्कों में ओपन जिम स्वीकृत हो चुके हैं, जिनका लाभ हजारों नागरिक उठा रहे हैं।
पहले लोग पार्कों में सिर्फ टहलकर चले जाते थे, अब वहीं कसरत के साथ बातचीत और मेलजोल भी बढ़ा है। इसी तरह अब स्वास्थ्य के साथ-साथ आपसी संबंध भी मजबूत हो रहे हैं।
सेवा और सहयोग का संकल्प।
माननीय विधायक डॉ. @RajeshwarS73 जी द्वारा अपनी पूज्य माताजी श्रीमती तारा सिंह जी की स्मृति में संचालित माँ तारा शक्ति निःशुल्क रसोई के माध्यम से पराग कार्यालय में जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क भोजन वितरित किया गया।
जरूरतमंदों तक भोजन पहुँचाने का यह सेवा कार्य निरंतर जारी है।
#TaraShaktiRasoi
#RajeshwarForSarojiniNagar
WARNING ‼️ इस वीडियो को मत देखना अगर तुम कमज़ोर दिल के हो तो… इंदिरा ने पाकिस्तान के 93 हज़ार क़ैदी वापस दे दिए… लेकिन अपने 54 युद्धबंदी वापस नहीं ले पाई… कलेजा फट जाएगा अगर ये सुन लोगे तो…
बड़ी खबर
राहुल गांधी के “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ाने वाले कॉमेडियन पुलकित मणि को लगातार धमकियां मिल रही हैं।
पहले उनका नोएडा शो कैंसिल हुआ।
अब उन्होंने लखनऊ और कानपुर के शो भी रद्द कर दिए हैं।
इसीलिए कहा जाता है —
मुंह और दिमाग उतना ही इस्तेमाल करो जितना बाद की प्रतिक्रिया सह सको।
कॉमेडी की अपनी जगह है।
लेकिन देश के प्रधानमंत्री और उनकी स्वर्गवासी मां का इस तरह मजाक उड़ाना पूरी तरह अनुचित था।
IIT bombay ke प्रोफेसर के ख़िलाफ़ छात्र को चीटिंग से रोकने वाले मामले में SC ST Act लगा है .सवाल ये है इस क़ानून का इस तरीके से हर मामले में इस्तेमाल क्यो होता है . जवाब इस वीडियो में है .
@iitbombay@iit_alumni_news#SCSTएक्ट
“आस्था व्यक्ति को ऊँचा उठाती है; कट्टरता समाज और विशेषकर महिलाओं को पीछे धकेलती है।”
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का स्कूलों में बुर्के और नकाब पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव स्वागतयोग्य है। विश्व चिंतित है, क्योंकि कट्टरपंथ के दुष्परिणाम सामने हैं—अफगानिस्तान में लगभग 24 लाख बच्चियाँ माध्यमिक शिक्षा से वंचित हैं और महिलाओं के विश्वविद्यालय जाने पर प्रतिबंध है; पाकिस्तान में महिलाओं को जबरन धर्मांतरण, बाल-विवाह, तथाकथित “ऑनर किलिंग” और चरमपंथी हिंसा का सामना करना पड़ता है; बांग्लादेश में बाल-विवाह, महिलाओं पर हिंसा तथा धार्मिक अल्पसंख्यकों की महिलाओं की असुरक्षा गंभीर चिंता बनी हुई है।
फिर भी भारत में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियाँ महिला-अधिकारों व समानता के बजाय वोटबैंक और तुष्टीकरण की राजनीति करती हैं। कट्टरपंथ पर मौन रहना उदारवाद नहीं—महिलाओं के अधिकारों से विश्वासघात है।
भारत में सभी शिक्षण संस्थानों के लिए समान एवं धर्मनिरपेक्ष नियम हों—निर्धारित यूनिफॉर्म अनिवार्य हो और चिकित्सकीय आवश्यकता को छोड़कर कक्षा में चेहरा ढकने की अनुमति न हो।
हमारा विज़न ऐसा भारत है जहाँ प्रत्येक बेटी स्वतंत्रता एवं आत्मविश्वास से पढ़े और उसकी पहचान उसकी प्रतिभा से हो—पर्दे, पाबंदियों या कट्टरपंथ से नहीं।
“तुष्टीकरण अगली पीढ़ी को संकट देता है; स्पष्ट नीति उसे सुरक्षित भविष्य देती है।”
राष्ट्रहित सर्वोपरि—एक देश, समान नियम! 🇮🇳
बेटे को कुर्सी दिलाने के लिए सर्वनाश पर उतारू कांग्रेस, एक बुजुर्ग मां को कुर्सी देने का मज़ाक उड़ा रही है 😃😃😃
उस बुजुर्ग मां को तो कुर्सी मिल गई, इस अयोग्य बेटे का क्या होगा
सरोजनीनगर में मजबूत हो रहा कनेक्टिविटी का आधार,
विकास की रफ्तार को मिल रहा नया विस्तार!
सरोजनीनगर में आवागमन को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने की दिशा में लोक निर्माण विभाग द्वारा ₹6.70 करोड़ की लागत से 4 लघु सेतुओं के निर्माण की नई सौगात मिली है।
सरोजनीनगर के विभिन्न क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त पुलों एवं पुलियों के स्थान पर नए सेतु और बॉक्स कल्वर्ट के निर्माण से प्रभावित मार्गों और सेतुओं पर आवागमन की बाधाएं कम होंगी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को अधिक सुगम संपर्क मिलेगा।
सरोजनीनगर के विकास को निरंतर गति देने के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी का हृदय से आभार। इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए सरोजनीनगर परिवार को हार्दिक बधाई।
#RajeshwarForSarojiniNagar
लखनऊ को “City of Scams” बनाने वाले आज LDA समाप्त करने की बात कर रहे हैं!
अखिलेश यादव जी, LDA को समाप्त करने की धमकी देने से आपके शासनकाल की जवाबदेही समाप्त नहीं हो जाएगी। लखनऊ की जनता जानना चाहती है कि सपा सरकार के समय LDA जनहित का नियामक था या प्रभावशाली builders की सुविधा का माध्यम?
अंसल–सुशांत गोल्फ सिटी परियोजना भले ही सपा सरकार से पहले प्रारम्भ हुई हो, लेकिन आपके पांच वर्षों के शासन में उसकी प्रभावी निगरानी क्यों नहीं हुई? LDA की प्रारम्भिक जांच और बैंकों से प्राप्त विवरणों पर आधारित प्रकाशित रिपोर्ट में 3,489 बंधक भूखंडों में से 2,747 की registry होने का आरोप सामने आया है। लगभग 411 एकड़ बंधक भूमि की जांच करनी पड़ी और जून 2025 तक अंसल से संबंधित मामलों की संख्या 224 FIRs तक पहुंचने की खबर थी।
जब कथित रूप से बंधक जमीन बेची जा रही थी, तब LDA, Revenue Department और Registration Department क्या कर रहे थे? Registry रोकने की व्यवस्था क्यों नहीं थी? हजारों homebuyers को अपनी जीवनभर की कमाई, possession, registry और basic amenities के लिए वर्षों तक क्यों भटकना पड़ा? जिम्मेदार अधिकारियों और उनके राजनीतिक संरक्षकों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
JPNIC सपा सरकार की वित्तीय अव्यवस्था का दूसरा स्मारक है। प्रारम्भिक अनुमान से कई गुना बढ़कर लगभग ₹821 करोड़ खर्च होने के बाद भी परियोजना अधूरी छोड़ दी गई। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि सपा सरकार के समय सैकड़ों करोड़ रुपये की इस सार्वजनिक संपत्ति को कथित रूप से मात्र ₹3 करोड़ वार्षिक पर एक निजी agency को सौंपने की योजना बनाए जाने की बात सामने आई है।
यदि यह प्रस्ताव जनहित में था, तो उसके documents, valuation, tender conditions और beneficiary agency का पूरा विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? ₹821 करोड़ की सार्वजनिक संपत्ति को ₹3 करोड़ प्रतिवर्ष पर देने की तैयारी किसके हित में थी—लखनऊ की जनता के या किसी चुनिंदा private group के?
इसके विपरीत वर्तमान व्यवस्था में open global tender के माध्यम से चुने गए operator को शेष ₹200–250 करोड़ का कार्य अपने खर्च पर पूरा करना, ₹25 करोड़ की performance guarantee देना, प्रारम्भिक भुगतान करना तथा संचालन शुरू होने के बाद ₹6 करोड़ वार्षिक—हर वर्ष 5% वृद्धि के साथ—LDA को देना होगा।
गोमती रिवरफ्रंट की भी यही कहानी रही। सरकार द्वारा विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, लगभग ₹167 करोड़ से शुरू बताई गई परियोजना पर करीब ₹1,400 करोड़ खर्च होने के बाद भी कार्य अधूरा रहा। Tendering, कार्य आवंटन और implementation से जुड़ी कथित अनियमितताएं जांच का विषय बनीं। नदी को प्रदूषण और sewage से मुक्त करने के बजाय दिखावटी निर्माण को प्राथमिकता क्यों मिली?
यही था सपा शासन का तथाकथित development model—
पहले घोषणा, फिर कई गुना बढ़ती लागत;
पहले प्रचार, फिर अधूरी परियोजना;
पहले builder को संरक्षण, फिर जनता को मुकदमे;
जनता के पैसे से संपत्ति बनाओ और फिर उसे कौड़ियों के मूल्य पर private hands को सौंपने की तैयारी करो!
इन विफलताओं की कीमत आज भी लखनऊ चुका रहा है। हजारों परिवारों की पूंजी फंसी, EMI और किराया साथ-साथ चला, colonies में सड़क, drainage, sewer और दूसरी सुविधाएं अधूरी रहीं तथा private developers की विफलताएं सुधारने का भार सरकार और जनता पर आ गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की सरकार आज उसी विरासत को सुधार रही है—homebuyers के हितों की रक्षा, बंधक भूखंडों की जांच, FIR एवं कानूनी कार्रवाई तथा वर्षों से अधूरी परियोजनाओं के व्यावहारिक समाधान की दिशा में कार्य हो रहा है।
संस्थाएं खराब नहीं होतीं; भ्रष्ट राजनीति, राजनीतिक हस्तक्षेप और builder–bureaucracy nexus उन्हें कमजोर करते हैं।
अखिलेश जी, आरोप लगाने से पहले उत्तर दीजिए—
बंधक भूखंडों की registries कैसे हुईं?
हजारों homebuyers क्यों ठगे गए?
₹821 करोड़ खर्च होने के बाद भी JPNIC अधूरा क्यों रहा?
उसे मात्र ₹3 करोड़ वार्षिक पर देने की योजना किसके हित में थी?
लगभग ₹1,400 करोड़ खर्च होने के बाद भी गोमती रिवरफ्रंट जांच का विषय क्यों बना?
और जिम्मेदार अधिकारियों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
सपा सरकार ने लखनऊ को सुनियोजित विश्वस्तरीय राजधानी बनाने के बजाय अधूरी परियोजनाओं, विवादित जमीनों, पीड़ित homebuyers और कथित घोटालों का शहर बना दिया।
लखनऊ अब पीछे नहीं लौटेगा—
न गुंडाराज, न भ्रष्टाचार, न builder nexus!
जनता सपा का “City of Scams Model” देख भी चुकी है और भुगत भी चुकी है।
अर्जुनगंज मंडल महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती प्रियंका जी की बेटी के अस्वस्थ होने एवं अस्पताल में भर्ती होने की सूचना पर आज #टीम_राजेश्वर ने अस्पताल पहुंचकर उनका हाल-चाल जाना।
इस दौरान माननीय विधायक डॉ. @RajeshwarS73 जी की ओर से उपचार हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया तथा बिटिया के शीघ्र स्वस्थ होने एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की गई।
यात्री द्वारा पैसे नहीं दिए तो उस पर रेजर से हमला किया। हिजड़ों का आतंक बढ़ता ही जा रहा हे अब ट्रेनों मे अब कोई आम यात्री सुरक्षित नहीं है। हिजड़ों पर ट्रेन में चढ़ने और यात्रियों से पैसे मांगने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाना चाहिए। @RPF_INDIA@RPFCR@rpfwr1@rpfnr_@ErRpf@rpfwcr@RailMinIndia
इनका असली दर्द यही है-“मुस्लिम हूँ,इसलिए ये नहीं मिला,वो नहीं मिला”
हामिद अंसारी साहब सब कुछ मिलने के बावजूद शिकायत खत्म नहीं होती।ज़रा पाकिस्तान और बांग्लादेश की तरफ भी देख लीजिए-दोनों देशों के 10 सबसे बड़े संवैधानिक-सत्ता के पदों पर कितने हिंदू हैं?
भारत में सत्ता से बाहर क्या हुए,RSS,हिंदू और मोदी ही हर परेशानी की वजह बन गए!
मोदी राज में पहला हक़ भारतीय नागरिक का है-धर्म देखकर नहीं नागरिकता देखकर। वह दौर गया जब सत्ता को किसी परिवार या मुस्लिम समुदाय की जागीर समझा जाता था।
20 साल... एक बेकसूर की पूरी जवानी जेल में बर्बाद हो गई और सिस्टम अब भी सोया है?
@India_NHRC तुरंत सरकार को मजबूर करे कि #VishnuTiwari को भारी मुआवज़ा दिया जाए.
जो साल छीने गए वो वापस नहीं आएंगे, पर सम्मान और गुज़र-बसर बहाल सरकार का फर्ज है. न्याय में देरी भी अपराध है..इस दिशा में काम कर रहे किसी वकील भाई से निवेदन है की विष्णु तिवारी की मदद की जाये और सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सामने के सामने इस मामले को उठाये .
@indSupremeCourt@BhaiPreetSingh@barcouncilindia
मड़ाई खेड़ा निवासी श्री बबलू जी के बेटे और बेटी के टेंपो पलटने से गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही #टीम_राजेश्वर ने उनके आवास पहुंचकर बच्चों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
इस दौरान पर माननीय विधायक डॉ. @RajeshwarS73 जी की ओर से परिवार को उपचार हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया तथा दोनों बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दोनों बच्चे जल्द पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने परिवार के बीच मुस्कुराते हुए लौटें।
मातृशक्ति का ऐसा अपमान देश कभी माफ नहीं करेगा!
छात्रों के वास्तविक मुद्दों को सुनने के बजाय राहुल गांधी के मंच से "माँ" शब्द पर ठहाके लगाना बेहद निंदनीय है।
इंदौर के मंच से दिखी यह घटिया सोच और संवेदनहीनता सीधे तौर पर हमारी संस्कृति का अनादर है।
आज डिजिटल युग में बच्चों की अनजाने में हुई एक छोटी-सी गलती भी उनके भविष्य और करियर पर गंभीर असर डाल सकती है। इसलिए हमारा मानना है कि बच्चों को समय रहते कानून और उसके प्रावधानों की सही जानकारी देना बेहद जरूरी है।
हमारा प्रयास है कि इंटरमीडिएट स्तर पर पूरे देश के सभी बोर्डों में कानून की पढ़ाई अनिवार्य हो, ताकि हमारे बच्चे अपने अधिकारों, जिम्मेदारियों और कानून की समझ के साथ आगे बढ़ें और अनजाने में होने वाली गलतियों से अपना भविष्य सुरक्षित रख सकें।
विश्व के सबसे शक्तिशाली राष्ट्र अमेरिका के राष्ट्रपति के परिवार के साथ हों, दुनिया के सबसे महंगे निजी आवास ‘एंटीलिया’ में गणेश पूजा में हों, मोबाइल नेटवर्क से दूर पीलीभीत के जंगलों में कच्चे घरों में रहने वाले वनवासियों के बीच हों अथवा सरोजिनीनगर के किसी गांव की रामडोल यात्रा में—डॉ. राजेश्वर सिंह जी हर स्थान पर समान रूप से प्रसन्न, सहज और विनम्र दिखाई देते हैं।
वैभव हो या वनांचल, महानगर हो या गांव की मिट्टी - सबके प्रति समान सम्मान, संवेदना और आत्मीयता ही उनके बहुआयामी व्यक्तित्व की सबसे बड़ी पहचान है!