@Uppolice@dgpup@bijnorpolice
महोदय जब यूपी में हूटर बैन है तो आज ये बिजनौर से कीरतपुर तक की सड़कों पर हूटर बजाते हुए गाडी से बाहर निकलकर वीडियो बनाने वालों सभी गाड़ियों पर संज्ञान लेकर कार्यवाही करनी चाहिए....
1:~लंका में राम जी = 111 दिन रहे।
2:~लंका में सीताजी = 435 दिन रहीं।
3:~मानस में श्लोक संख्या = 27 है।
4:~मानस में चोपाई संख्या = 4608 है।
5:~मानस में दोहा संख्या = 1074 है।
6:~मानस में सोरठा संख्या = 207 है।
7:~मानस में छन्द संख्या = 86 है।
8:~सुग्रीव में बल था = 10000 हाथियों का।
9:~सीता रानी बनीं = 33वर्ष की उम्र में।
10:~मानस रचना के समय तुलसीदास की उम्र = 77 वर्ष थी।
11:~पुष्पक विमान की चाल = 400 मील/घण्टा थी।
12:~रामादल व रावण दल का युद्ध = 87 दिन चला।
13:~राम रावण युद्ध = 32 दिन चला।
14:~सेतु निर्माण = 5 दिन में हुआ।
15:~नलनील के पिता = विश्वकर्मा जी हैं।
16:~त्रिजटा के पिता = विभीषण हैं।
17:~विश्वामित्र राम को ले गए =10 दिन के लिए।
18:~राम ने रावण को सबसे पहले मारा था = 6 वर्ष की उम्र में।
19:~रावण को जिन्दा किया = सुखेन बेद ने नाभि में अमृत रखकर।
श्री राम के दादा परदादा का नाम क्या था?
नहीं तो जानिये-
1 - ब्रह्मा जी से मरीचि हुए,
2 - मरीचि के पुत्र कश्यप हुए,
3 - कश्यप के पुत्र विवस्वान थे,
4 - विवस्वान के वैवस्वत मनु हुए.वैवस्वत मनु के समय जल प्रलय हुआ था,
5 - वैवस्वतमनु के दस पुत्रों में से एक का नाम इक्ष्वाकु था, इक्ष्वाकु ने अयोध्या को अपनी राजधानी बनाया और इस प्रकार इक्ष्वाकु कुलकी स्थापना की |
6 - इक्ष्वाकु के पुत्र कुक्षि हुए,
7 - कुक्षि के पुत्र का नाम विकुक्षि था,
8 - विकुक्षि के पुत्र बाण हुए,
9 - बाण के पुत्र अनरण्य हुए,
10- अनरण्य से पृथु हुए,
11- पृथु से त्रिशंकु का जन्म हुआ,
12- त्रिशंकु के पुत्र धुंधुमार हुए,
13- धुन्धुमार के पुत्र का नाम युवनाश्व था,
14- युवनाश्व के पुत्र मान्धाता हुए,
15- मान्धाता से सुसन्धि का जन्म हुआ,
16- सुसन्धि के दो पुत्र हुए- ध्रुवसन्धि एवं प्रसेनजित,
17- ध्रुवसन्धि के पुत्र भरत हुए,
18- भरत के पुत्र असित हुए,
19- असित के पुत्र सगर हुए,
20- सगर के पुत्र का नाम असमंज था,
21- असमंज के पुत्र अंशुमान हुए,
22- अंशुमान के पुत्र दिलीप हुए,
23- दिलीप के पुत्र भगीरथ हुए, भागीरथ ने ही गंगा को पृथ्वी पर उतारा था.भागीरथ के पुत्र ककुत्स्थ थे |
24- ककुत्स्थ के पुत्र रघु हुए, रघु के अत्यंत तेजस्वी और पराक्रमी नरेश होने के कारण उनके बाद इस वंश का नाम रघुवंश हो गया, तब से श्री राम के कुल को रघु कुल भी कहा जाता है |
25- रघु के पुत्र प्रवृद्ध हुए,
26- प्रवृद्ध के पुत्र शंखण थे,
27- शंखण के पुत्र सुदर्शन हुए,
28- सुदर्शन के पुत्र का नाम अग्निवर्ण था,
29- अग्निवर्ण के पुत्र शीघ्रग हुए,
30- शीघ्रग के पुत्र मरु हुए,
31- मरु के पुत्र प्रशुश्रुक थे,
32- प्रशुश्रुक के पुत्र अम्बरीष हुए,
33- अम्बरीष के पुत्र का नाम नहुष था,
34- नहुष के पुत्र ययाति हुए,
35- ययाति के पुत्र नाभाग हुए,
36- नाभाग के पुत्र का नाम अज था,
37- अज के पुत्र दशरथ हुए,
38- दशरथ के चार पुत्र राम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न हुए |
इस प्रकार ब्रह्मा की उन्चालिसवी (39) पीढ़ी में श्रीराम का जन्म हुआ | शेयर करे ताकि हर हिंदू इस जानकारी को जाने...see more
@Uppolice@bijnorpolice सर
कीरतपुर होली वाला कुएं पर किसी ने ये वाहन मेरे घर के मेन गेट, आने जाने के एक मात्र रास्ते के ठीक सामने खड़ा कर दिया है; जिसके कारण परेशानी उठानी पड़ रही है कृपया उचित एक्शन लेने का कष्ट करें
भगवान का टेंट मे होना सबको दुखी करता था परंतु....
सोचने वाली बात ये है की इतने साल तक भगवान को टेंट मे रखा किसने ...
और जिसने रखा था आज उनकी हालत रोड पर रहने जैसी हो गई है ..
राजनीती के चक्कर मे कुछ लोगों ने श्री राम से बैर ले लिया. ..
राम बिमुख थल बिस्व भरि रहइ।
सोइ नरकहि परिनाम तजि तहइ॥
अर्थात् – राम से बैर करने वाला जहाँ भी रहे, सारा विश्व उसके लिए नरक ही बन जाता है।
जय श्रीराम 🙏
“Ayurveda is the gift of Dhanvantari — where prevention is the best medicine.”
In Hindu belief, Lord Dhanvantari is considered the divine physician, the God of Ayurveda.
He appeared from the ocean (Samudra Manthan) holding a pot of Amrit (nectar of immortality) — symbolizing health, longevity, and healing.
नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे....
त्वया हिन्दुभूमे सुखवं वर्धितोऽहम् ,..
राष्ट्र-साधना, जनसेवा, त्याग और देशभक्ति की एक शताब्दी की अनवरत यात्रा के जीवंत उदाहरण - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं 🚩
भारत माता की जय 🙏🚩
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बिजनौर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह सैनी के घर पहुंचे उनकी माता को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, शनिवार को धर्मपाल सिंह सैनी की माता भाग्यवती का निधन हुआ था।
भारत के माननीय प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज नागपुर में स्मृति मंदिर परिसर जाकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार और द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरुजी को श्रद्धासुमन अर्पित किये। इस अवसर पर पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी और अ. भा. कार्यकारिणी सदस्य एवं डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति के अध्यक्ष मा. भय्याजी जोशी, केन्द्रीय मन्त्री श्री नितिन गड़करी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फड़नवीस भी उपस्थित थे। माननीय प्रधानमंत्री जी का भय्याजी जोशी ने स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया।
आदिवासियों और अशिक्षितों को ‘हालेलुइया’ का झांसा देकर करिश्मा दिखाने वाले भारत के ईसाई धर्मगुरुओं को चाहिए कि एक साथ जाकर वाटिकन सिटि में जीवन-मरण के बीच जूझ रहे पोप के सिर पर हाथ फेर कर उन्हें ठीक कर दें।
वैसे भी पोप लंबे समय से wheel chair पर हैं और अब अस्पताल में काफ़ी गंभीर अवस्था में भर्ती हैं, उन्हें तत्काल ही ‘हालेलुइया’ रूपी चमत्कार की आवश्यकता है।