🔹अगर अक्सर हमें हाथ और पैरों में झनझनाहट ,खून की कमी/हीमोग्लोबिन की कमी और थकान जैसी चीज हो जाए तो हम ज्यादा ध्यान नहीं देते परंतु हो सकता है कि यह एक सबसे महत्वपूर्ण विटामिन बी12 के कमी के कारण हो I
आज के पोस्ट में हम (part- 1)विटामिन बी12 के वाले कमी से होने वाले लक्षण को देखेंगे अगले पोस्ट (Part-2)में हम इसके उपचार को देखेंगे I
विटामिन बी 12 को "कोबालमीन" भी कहा जाता है, एक आवश्यक पोषक तत्व है जो विभिन्न शारीरिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन, हेल्दी नर्वस सिस्टम के रखरखाव और डीएनए के काम के लिए आवश्यक है. क्योंकि हमारा शरीर खुद विटामिन बी 12 का उत्पादन नहीं कर सकता है,
इसलिए हमें इसे आहार के जरिए प्राप्त करना होता है I
🟡इसके कमी से होने वाले लक्षण -
1.हाथ-पैरों में झनझनाहट और सुन्न पड़ना - विटामिन बी 12 नसों के ऊपरी परत (myelin sheath -( नीचे फोटो में दर्शाया गया ⬇️) के लिए बहुत जरूरी हैI अगर विटामिन बी12 की कमी हो जाए तो यह परत डैमेज हो जाती है और नसों को अच्छी तरह के सिग्नल नहीं मिल पाता , जिससे हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्न पड़ना और जलन की समस्या होती है. समय के साथ यह समस्या काफी ज्यादा बढ़ सकती है. जैसे मांसपेशियों में कमजोरी और संतुलन में कमी I
2.थकान और कमजरी - विटामिन बी 12 की कमी का सबसे कॉमन और शुरुआती संकेत थकान और कमजोरी है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि विटामिन बी 12 लाल रक्त कोशिकाओं( Blood) के उत्पान में काफी अहम भूमिका निभाता है, लाल रक्त कोशिकाएं ही ऑक्सीजन को पूरा शरीर में पहुंचाती हैं. इसकी कमी से अंगों को भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाता , जिससे थकान और कमजोरी का सामना करना पड़ता है I
3.सोचने-समझने की क्षमता कम होना, सर दर्द ,अवसाद,मूड में बदलाव- दिमाग समेत नर्वस सिस्टम को स्वस्थ बनाए रखने के लिए विटामिन बी 12जरूरी माना जाता है. विटामिन बी 12 की कमी से व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता पर काफी बुरा असर पड़ता है. इसकी कमी के कारण ध्यान लगाने में कठिनाई, याददाश्त कमजोर होना आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है I
4.मुंह में होने छाले - विटामिन बी 12 की कमी से मुंह की समस्याएं भी हो सकती हैं जिससे आपके मुंह में छाले, घाव, जीभ में सूजन
और जीभ एक दम सुर्ख लाल ( नीचे फोटो में दर्शाया गया ⬇️)हो सकती है.जीभ में सूजन को ग्लॉसिटिस कहते हैं I
5.त्वचा का पीला पड़ना
विटामिन-बी12 की कमी से त्वचा का रंग पीला या फीका पड़ सकता है। बी12 से जुड़े अनीमिया की वजह से त्वचा का रंग फीका पड़ सकता है I
6. पेट से जुड़ी तकलीफें
बी12 की कमी की वजह से दस्त, मतली, कब्ज़, ब्लोटिंग, गैस और पेट से जुड़ी दूसरी दिक्कतें हो सकती हैं। यह समस्या बड़े और बच्चे दोनों महसूस कर सकते हैं।
ऐसे ही स्वास्थ्य संबंधित जानकारी के लिए फॉलो करें
@drvikas1111 और इस ट्वीट को जनहित में रिट्वीट करें I
Note-यह यह पोस्ट जानकारी मात्र के लिए किसी भी स्वास्थ्य संबंधित समस्या के लिए डॉक्टर से जरूर संपर्क करें I
#HealthForAll #healthylifestyle #healthtips
पंजाब के रोपड़ में वकील बेटे ने बीमार मां की बेरहमी से की पिटाई
◆ नाबालिग पोते ने बिस्तर पर पानी गिराकर पेशाब करने का झूठा इल्जाम लगाया
◆ मां पर अत्याचार करने वाली अंकुर वर्मा की बार की रोपड़ बार एसोसिएशन ने सदस्यता की रद्द
#Punjab | #ropar | #AnkurVerma | Ankur Verma
जिस माँ ने नो महीने हर मुसीबत झेलकर इस संतान को पैदा किया..
जिस माँ की गोद में, उसकी छाती पर, बिस्तर पर इसने बचपन में अनगिनत बार पेशाब किया होगा..
जिस माँ ने इसकी कितनी ही ग़लतियों को हँसकर माफ़ कर दिया होगा.. उस माँ को ये शैतान कैसे पीट रहा है..
ऐसे लोगों को हर जगह से बेदख़ल कर देना चाहिए.. ये समाज में जहां जाएँ वहाँ इन पर लानत पढ़ी जानी चाहिए..
एक माँ के दूध का क़र्ज़ तुम जीते जी अपनी चमड़ी उधेड़ कर उसके क़दमों में रख दो तब भी न चुका पाओगे
@rishike18700609@RailMinIndia@EasternRailway@RPFCR हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया यात्रा विवरण (पीएनआर/यूटीएस नंबर) और मोबाइल नंबर वैकल्पिक रूप से DM के माध्यम से हमारे साथ साझा करें। आप अपनी शिकायत सीधे https://t.co/AmJ5X4ydf8 पर भी शीघ्र निवारण के लिए रजिस्टर कर सकते हैं।
https://t.co/utEzIqB89U
@RailMinIndia@RailwaySeva@EasternRailway@RPFCR
Train no 13024 gaya howrah Express में general coach में आगे तरफ एक महिला बेहोश हो गई हैं । उसे तत्काल primary ट्रीटमेन्ट की जरूरत हैं। कृपया सहायता करे। जल्द से जल्द।
-सहयात्री
@RailMinIndia@RailwaySeva@EasternRailway@RPFCR
Train no 13024 gaya howrah Express में general coach में आगे तरफ एक महिला बेहोश हो गई हैं । उसे तत्काल primary ट्रीटमेन्ट की जरूरत हैं। कृपया सहायता करे। जल्द से जल्द।
-सहयात्री
@kaankit पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में इब्राहिम जादरान ने अपना मैन ऑफ द मैच का अवार्ड उन लोगों को समर्पित किया जिन्हें पाकिस्तान से अफगानिस्तान वापस भेज दिया गया था।"
क्या हैं ये मामला ।
@kaankit सर कृपया हमारा मार्गदर्शन करे।
ये सरकारी कर्मियों का सैलाब है…#पुरानी_पेंशन की माँग के लिए जिस तरह की कर्मचारी एकता, दिल्ली के #रामलीला_मैदान में देखने को मिल रही है, वह इस बात का सबूत है कि 2024 में कोई भी राजनीतिक दल, #OPS के मुद्दे पर सरकारी कर्मियों की नाराजगी मोल लेने का जोखिम नहीं उठाएगा।#Old_pension
अर्थात् ये मान रहे हैं कि ये निजी जीवन में कितने कुंठित हैं कि जिस बच्ची को एक आश्रम के पंडित जी ने अपनी बेटी की तरह बचाया, चिकित्सा कराई, उसके धर्म को इन्होंने ऐसे दिखाया कि हिन्दुओं को गाय की पूजा करना है, पर पीड़िता को नहीं बचाना।
संदीप ने कार्टून के सहारे यह कहा है कि जिस क्षेत्र से बच्ची गुजरी वहाँ सारे लोग हिन्दू ही थे और वो पूजा में व्यस्त थे। एक समाज के तौर पर संवेदनहीनता दिखाने के लिए संदीप चाहता तो एक गली के कई घरों के दरवाजे बंद होता दिखाता, पर उसके भीतर की हिन्दूघृणा हिलोरें मार रही थीं कि इसमें हिन्दुओं को कैसे खींचा जाए।
यह अपनी कला के साथ बलात्कार करने जैसा है कि आपको कार्टून बनाना आता है पर आप सद्भाव की जगह वैमनस्य फैला रहे हैं। चूँकि पंडित जी ने बचाया, तो उचित कार्टून यह रहता कु गलियों में घरों को दरवाजे बंद हो रहे थे और बच्ची को अपना गमछा उतार कर पंडित जी ने करुणा दिखाई।
ऐसी करने में संदीप की उँगलियाँ गल जातीं क्योंकि इससे घृणा तो फैलता ही नहीं जो इसके धंधे का पहला उसूल है।
हमारे पंचायत के प्रधान/मुखिया जी के पिताजी का श्राद्ध भोज हुआ।प्रधान जी ने पूरे पंचायत के लोगों को आमंत्रित किया सिवाय दूसाध और चमार के क्योंकि ये दलित हैं।आप सोचिए कि कितनी हीन भावना हुई होगी इन दलितों को
(भागलपुर,मदारगंज पंचायत)
@Profdilipmandal@sunilkjakhar@abhinav_blogger
हमारे पंचायत के प्रधान/मुखिया जी के पिताजी का श्राद्ध भोज हुआ।प्रधान जी ने पूरे पंचायत के लोगों को आमंत्रित किया सिवाय दूसाध और चमार के क्योंकि ये दलित हैं।आप सोचिए कि कितनी हीन भावना हुई होगी इन दलितों को
(भागलपुर,मदारगंज पंचायत)
@Profdilipmandal@sunilkjakhar@abhinav_blogger
मुझे सारे रिपोर्ट्स भेजिये 9886982522 पे।
हार्ट सर्जरी कई जगहों पर निःशुल्क और आयुष्मान के ज़रिये होता है।
रिपोर्ट उनको दिखा कर बात कर के देखते हैं क्या हो सकता है।
अगर आप अक्सर या कभी-कभी भारतीय रेल की यात्रा करते हैं तो भारतीय रेलवे एवं आपके अधिकार से जुड़ी निम्नांकित जानकारी आपको अवश्य जानना चाहिए,
• रेलवे द्वारा “नो बिल - नो पेमेंट” की नीति लागू हैं। उपरोक्त नीति के तहत विक्रेताओं द्वारा ग्राहकों को बिल देना अनिवार्य हैं। ट्रेन अथवा रेलवे प्लेटफार्म पर यदि कोई विक्रेता आपको बिल देने से इंकार करता है तो आप को उसे बिना पैसे दिये मुफ्त में उपरोक्त सामान ले सकते हैं।
• अगर आपको जल्दबाजी में कहीं जाना हो और टिकट बुक न हो पाए तो सिर्फ प्लैटफॉर्म टिकट के साथ ट्रेन में चढ़ सकते हैं। इसके बाद टीटीई (ट्रेन टिकट इग्जैमनर) के पास जाकर टिकट बनवा लें। सीट खाली होने पर आपको सिर्फ रिजर्व्ड टिकट लेने के लिए पैसे देने पड़ते हैं, लेकिन यह भी ध्यान रखें कि सीट खाली न होने पर अगर आप बैठते हैं तो पेनल्टी वसूली जाएगी।
• सफर के दौरान अगर ट्रेन कोच में में पानी खत्म हो जाए या टॉइलट गंदा हो या ट्रेन में पंखे और लाइट खराब हो या फिर एसी सही से काम न कर रहा हो तो इसकी शिकायत ट्रेन के TTE या रेलवे के अधिकारिक ट्विटर हैंडल पर करें, समस्या का जल्दी ही निवारण होगा।
• अगर ट्रेन अगर 3 घंटे से ज्यादा लेट होती है और इस वजह से आप उसमें सफर नहीं करते या बंद की वजह से, रेल रोको और बाढ़ समेत अन्य दूसरी वजहों से अगर ट्रेन कैंसल हो जाए या ट्रेन को अगर तय रूट पर नहीं, दूसरे रूट पर चलाया जाए और यात्री का स्टेशन उस रूट पर न हो तों इस स्थित में आप कन्फर्म टिकट/ तत्काल टिकट के बदले पूरा रिफंड वापस ले सकते हैं।
• ई-टिकट बुक करने वाले पैसेंजर्स 24 घंटे पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। यह भी ध्यान रहे कि इसे एक बार ही किया जा सकता है। साथ ही, अगर टिकट एसी क्लास का है और रेलवे की वजह से स्लीपर में सफर करना पड़ रहा है तो रिफंड क्लेम कर सकते हैं। अगर एसी कोच में एसी खराब होता है तो रिफंड क्लेम किया जा सकता है।
• आपके नाम से जारी कन्फर्म टिकट पर आपके माता-पिता, भाई, बहन, बेटा, बेटी और आपका जीवनसाथी सफर कर सकता है। इसके लिए आपको टिकट ट्रांसफर कराना होगा। जहां से ट्रेन चलेगी उसी स्टेशन पर आपको 24 घंटे पहले चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर के पास रिक्वेस्ट देनी होगी। यात्री इसका फायदा तभी उठा सकते हैं जब उसके स्टेशन से ही ट्रेन शुरू होती हो या मूल स्टेशन उसके शहर के आसपास ही हो।
• हर ट्रेन में फर्स्ट एड बॉक्स की सुविधा होती है। ऐसे में शारीरिक रूप से कोई भी परेशानी होने पर आप फर्स्ट एड बॉक्स मांग कर सकते हैं। यह बॉक्स आपको टीटीई या ट्रेन में मौजूद रेलवे कर्मचारी से मिल सकता है। यह सर्विस फ्री है।
• अगर आपने ऑनलाइन टिकट लिया हो और आपके पास न टिकट हो और न ही मेसेज तो भी आप सफर कर सकते हैं। आपके पास बस वैलिड आई कार्ड (आधार, पैन कार्ड, डीएल आदि) होना चाहिए और अपनी सीट और बोगी नंबर पता होनी चाहिए।
• अमूमन रिजर्वेशन वाली हर तीन-चार बोगी के लिए एक टीटीई रहता है। अगर बोगी एसी है तो एक अटेंडेंट भी होता है। बोगी में सही सर्विस की जिम्मेदारी उसकी है। अगर वह अपना काम सही ढंग से नहीं कर रहा है तो इसकी शिकायत आप टीटीई से कर सकते हैं। इसी तरह अगर टीटीई आपकी बात नहीं मान रहा है तो उसके पास एक शिकायत पुस्तिका होती है, उसमें आप अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। कई बार टीटीई शिकायत पुस्तिका देने के लिए तैयार नहीं होता। ऐसे में आप अपनी शिकायत आने वाले किसी भी अगले स्टेशन के स्टेशन मास्टर के पास कर सकते हैं। या आप @RailMinIndia को टैग कर ट्वीट कर सकते हैं। यह रेलवे मंत्रालय का ट्विटर हैंडल है। यहां अमूमन सारी मदद मिल जाती है।
#सादर,
एनसीआईबी मुख्यालय
यह जानकर आपको हैरानी होगी कि,
देश का सबसे पुराना पेंडिंग केस असल में उस कोर्ट से भी पुराना है, जिस कोर्ट में उस केस की सुनवाई चल रही हैं। नैशनल जूडिशल डेटा ग्रिड के मुताबिक कलकत्ता हाई कोर्ट का केस नंबर AST/1/1800 देश का सबसे पुराना पेंडिंग केस है। 218 साल पुराना यह केस साल 1800 में रजिस्टर्ड किया गया था। जबकि, कलकत्ता हाईकोर्ट की स्थापना वर्ष 1862 में हुई थी। इस केस में आखिरी सुनवाई 20 नवंबर 2018 को हुई थी।
@ansarimransr@MonuRao_spn@Profdilipmandal क्या देश की सबसे बड़ी पंचायत में ऐसी भाषा एक सांसद को शोभा देती हैं ?
ऐसी भाषा संसद की गरिमा का उल्लंघन नहीं हैं ?
ऐसे सासंद की तुरंत प्रभाव से सदस्यता रद्द करनी चाहिए।