सावधान-
जनहित में ये सूचना।
जुपेडिया बहोत बड़े स्तर पर scam कर रहा है इस लिये इसमे कोई इन्वेस्ट न करें और नही पैसा ज़यादह कमाने के लालच में अपने किसी भी जानकार को भी इन्वेस्ट करने के लिए प्रोत्साहित या बाध्य करें।
https://t.co/GCGlXL55y0
शिक्षा अब आम लोगोँ के बस की बात नही रही, ज़रा सोचिए-जो नही पढ़ पाएंगे वो क्या करेंगे अपनी पेट की भूख को मिटाने के लिए,सिर्फ़ अपने और अपने बच्चों की पेट की भूख को मिटाने के लिए या तो वो अपनी जान दे सकते हैं या किसी की जान ले सकते हैं या अपनी जान को किसी पैसे वालों के हवाले करेंगे।
एजुकेशन सिस्टम तबाह हो चुका है,
सरकारी स्कूल में पढ़ाई का स्तर शून्य है,
प्राइवेट स्कूल में औसत फीस पांच हज़ार रुपए है,
प्राइवेट जॉब में औसत तनख्वाह दस हज़ार रुपए है,
जो गरीब हैं,
वो ही अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ा रहे हैं,
प्राइवेट स्कूल में कक्षा एक की किताबें कॉपी पांच हज़ार से अधिक की क़ीमत में आ रही हैं,
सरकारी स्कूलों को बहुजनों के खिलाफ साजिश के तहत तबाह किया जा रहा है,
जिससे की गरीबों के बच्चे सिर्फ इतना पढ़ सकें कि,
मजदूर ही बने रहें,
@republic
Now understand the power of Public and Social media platforms. Everybody know that who are expending the negativity in our society. Now Indian society rejected the fake information which are providing by the media houses and News channel's.
#NationFirst.
Enough of the negativity.
It’s time to flip the script.
Republic launches the 'Positive Influencer Program'
Create. Collaborate. Change the Narrative.
#RepublicPositiveInfluencer APPLICATIONS OPEN AT 2PM. WATCH THIS SPACE
क्या हम इतना विकसित हो गए हैं कि महज़ कुछ सेकंड में ही 880 टिकट ख़त्म हो गई और कोई watlist भी नही।
ज़रा इसपे नज़र डालें मंत्री जी @AshvaniVaishna4@indianrailway__@IRCTCofficial
क्या ये कोई घोटाला तो नही है?
@AshvaniVaishna4@IRCTCofficial@indianrailway__
I was waiting to book a ticket for 4th June 2025 in गरीब रथ train, and exact @ 8:00 am ticket were showing 880. Once I started booking and reached @payment gateway @8:00:48 second got a notification with REGRET status.
How??
@AshvaniVaishna4@IRCTCofficial@indianrailway__
I was waiting to book a ticket for 4th June 2025 in गरीब रथ train, and exact @ 8:00 am ticket were showing 880. Once I started booking and reached @payment gateway @8:00:48 second got a notification with REGRET status.
How??
@garrywalia_ कांवड़ यात्रा के कारण कई सप्ताह तक सड़कें बंद रहती हैं"
भंडारा में 3 घंटे तक सड़कें जाम रहीं
जागरण ने 5 घंटे तक सड़कें जाम रखीं
तो फिर सरकार सड़कों पर नमाज पढ़ने पर प्रतिबंध क्यों लगा रही है, जिसमें सिर्फ 15 मिनट का समय लगता है?
लानत है ऐसे सिस्टम पर और इस सिस्टम के रखवाले पर। इनको भगवान का भी खौफ नही है?
मार के जाओगे कहाँ, हो सकता है जीते जी ही इस घोर पाप की सजा मिल जाये इन दरिंदों को तब पता चलेगा।
'शव से यौन संबंध पर सजा का प्रावधान नहीं, आरोपी बरी'
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि मौजूदा भारतीय कानून में शव के साथ दुष्कर्म को अपराध की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है. इसलिए, इस आधार पर किसी को सजा नहीं दी जा सकती है. मामला गरियाबंद जिले की नौ वर्षीय एक बच्ची की हत्था और दुष्कर्म से जुड़ा है. उसकी मां ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. ट्रायल कोर्ट ने मुख्य आरोपी नितिन को हत्या और अन्य अपराधों में उम्रकैद की सजा दी है, जबकि सह आरोपी नीलकंठ नागेश को साक्ष्य मिटाने के आरोप में सात साल की सजा सुनाई है. लेकिन शव के साथ दुष्कर्म करने के मामले में एक आरोपी को बरी करने के फैसले को बरकरार रखा और मृत बच्ची की मां कि याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया और कहा कि भारतीय कानून में शव से यौन संबंध पर सजा का कोई प्रावधान नहीं है.
#chhattisgarh | #highcourt | #crime
आप ने बहोत ही साहसिक काम किया है और संविधान के साथ साथ आपने अपने पत्रकारिता की भी लाज सिर्फ रखी नही है बल्कि उनकी क्लास भी लगा दी, मगर ये हुआ क्यों है?
जिनको संविधान जिम्मेदारी दी गई है उनका तो आपने भाषण सुना ही होगा- इलाहाबाद वाले जस्टिस साहब का?
https://t.co/j3ZIOgrVv8
सईद राही साहब की एक ग़ज़ल आज आपकी ख़िदमत में।
ख़ंजर से करो बात न तलवार से पूछो
मैं क़त्ल हुआ कैसे मेरे यार से पूछो
फ़र्ज़ अपना मसीहा ने अदा कर दिया लेकिन
किस तरह कटी रात ये बीमार से पूछो
कुछ भूल हुई है तो सज़ा भी कोई होगी
सब कुछ मैं बता दूँगा ज़रा प्यार से पूछो
जाने कब तक तिरी तस्वीर निगाहों में रही
हो गई रात तिरे अक्स को तकते तकते
मैं ने फिर तेरे तसव्वुर के किसी लम्हे में
तेरी तस्वीर पे लब रख दिए आहिस्ता से!
#परवीन शाकिर
# एक नवजवान शायर आदर्श दुबे साहब की एक ग़ज़ल जो आज के सियासतदानों के साथ जनता को भी एक संदेश है।
हम कहीं भी हों मगर ये छुट्टियाँ रह जाएँगी
फूल सब ले जाएँगे पर पत्तियाँ रह जाएँगी
काम करना हो जो कर लो आज की तारीख़ में
आँख नम हो जाएगी फिर सिसकियाँ रह जाएँगी
# एक नवजवान शायर आदर्श दुबे साहब की एक ग़ज़ल जो आज के सियासतदानों के साथ जनता को भी एक संदेश है।
हम कहीं भी हों मगर ये छुट्टियाँ रह जाएँगी
फूल सब ले जाएँगे पर पत्तियाँ रह जाएँगी
काम करना हो जो कर लो आज की तारीख़ में
आँख नम हो जाएगी फिर सिसकियाँ रह जाएँगी
# ज़ुबैर रिज़वी साहब की एक ग़ज़ल आपकी खिदमत में, उम्मीद है पसंद करेंगे।
मुझे तुम शोहरतों के दरमियाँ गुमनाम लिख देना
जहाँ दरिया मिले बे-आब मेरा नाम लिख देना
ये सारा हिज्र का मौसम ये सारी ख़ाना-वीरानी
इसे ऐ ज़िंदगी मेरे जुनूँ के नाम लिख देना
ख़ामुशी अच्छी नहीं इंकार होना चाहिए
ये तमाशा अब सर-ए-बाज़ार होना चाहिए
अब वही करने लगे दीदार से आगे की बात
जो कभी कहते थे बस दीदार होना चाहिए
झूट बोला है तो क़ाएम भी रहो उस पर 'ज़फ़र'
आदमी को साहब-ए-किरदार होना चाहिए
#ज़फर_इक़बाल#rjferoz
जब भी इस नग़में को सुनता हूँ आँखे नम हो जाती हैं।
और आज आपका इस तरह से जाना हमें बहोत ग़मगीन कर गया है।
पर क्या करें ज़िन्दगी की यही सच्चाई है।
आगाह अपनी मौत से कोई बशर नही
सामान सौ बरस का है पल की ख़बर नही।
https://t.co/oOyNR0X6lR
मैंने अमीन साहब की ही आवाज़ से रेडियो सुनना शुरू किया और ये दौर था 90 का। उनकी अवाज़ और पेशकश ने इस क़दर दीवाना बनाया की अपना भी ठिकाना रेडियो ही बन गया, उनको सुनता और नक़ल करता था, मगर तब ये तो पता भी नही था की मैं इस रेडियो का हिस्सा बनूंगा।
अलविदा #अमीन_साहब