🚩 अभिनेता Rajinikanth का सनातन धर्म को लेकर बयान 🚩
उन्होंने कहा —
“सभी धर्म, चाहे वह ईसाई, इस्लाम या बौद्ध धर्म हो,
उनकी स्थापना करने वाले संस्थापक हैं
या फिर उनके अनुयायियों ने उनकी स्थापना की है।
लेकिन हिंदू धर्म का कोई संस्थापक नहीं है।
यही सनातन है और सनातन का अर्थ है
अनादि, अनंत और शाश्वत।”
🙏 रजनीकांत के इस बयान को लेकर सामाजिक माध्यमों पर व्यापक चर्चा हो रही है।
एजेंडा चलाने वाला इकोसिस्टम एक बार फिर अपनी हरकतों पर उतर आया है आक्रोश भड़काने के लिए जानबूझकर भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत जी की मौखिक टिप्पणियों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है।
उन्होंने तो सिर्फ उन "परजीवियों" को बेनकाब किया था जो फर्जी डिग्री के सहारे कानूनी और मीडिया जैसे सम्मानित पेशों को दूषित कर रहे हैं। उनके खिलाफ झूठा विमर्श (नैरेटिव) गढ़कर देश के युवाओं को गुमराह करने की यह कोशिश अत्यंत निंदनीय और पूरी तरह से असहनीय है।
दो दिन पहले मैंने सेंट स्टीफेंस से सवर्ण हिंदुओं को 5-5 वर्ष की ऐड-हॉक सेवाएँ देने के बाद, इस वर्ष ईसाइयों को लगभग सारे पद देने पर लिखा था। आज हाई कोर्ट ने स्टीफेंस की नियुक्ति पर स्टे लगा दिया है।
शिक्षा विभाग किस नींद में है उसका दूसरा उदाहरण जामिया मिलिया इस्लामिया है। 1000 में से 990 नॉन-टीचिंग स्टाफ मुसलमान हैं। ये एसबी खुल्ला चल रहा है। हम टैक्स का पैसा दिए जा रहे हैं और अल्पसंख्यक के नाम पर हिंदुओं को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
इस पर भी हाई कोर्ट ने पूछा है कि ऐसा क्या जादू है इस समुदाय में?
ये आज के आँसू नहीं, बल्कि पीढ़ियों से सहन किए गए अन्याय और पीड़ा की अभिव्यक्ति हैं। मां वाग्देवी की प्रतिमा को खंडित कर विदेश ले जाया गया तथा अपने ही परिसर में श्रद्धालुओं को पूर्ण पूजा-अधिकार से वंचित रखा गया। यह संघर्ष केवल एक स्थल का नहीं, बल्कि आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सम्मान की पुनर्स्थापना का विषय है।
अयोध्या की तरह भोजशाला में मुस्लिम पक्ष का दावा झूठा साबित होने पर अलग से मस्जिद के लिए ज़मीन देने का क्या LOGIC है ?
ऐसे तो इतनें वर्षों तक हिंदुओं को पूजा के अधिकार से वंचित रखने की क्या भरपाई होगी ?
जिन लोगों ने इरादतन इसकी साज़िश रची उनके खिलाफ़ क्या कोई कार्रवाई होगी ?
Today the Indore High Court has delivered a historic verdict, the Court has granted the Hindu side the right to worship and has recognised the Bhojshala complex as belonging to Raja Bhoj.
Dharm ki jay ho, Adharm ka Naash ho🚩
Jai Maa Vaag Devi🙏🏻
2024 NEET Paper Leak
2026 NEET Paper Leak
UGC Rules Debacle
The Most Incompetent Minister and Ministry of Modi Ji’s Government needs total Overhaul
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प्रधानमंत्री @narendramodi जी,
आपको ये नहीं करना चाहिए। एक लीडर के तौर पर “लीडिंग फ्रॉम द फ्रंट” का आपका भाव हमेशा से देश को मोटीवेट करता आया है लेकिन इसके लिए अपनी सुरक्षा में कमी का निर्णय सही नहीं।
खालिस्तानी, पाकिस्तानी, आतंकी, देश विरोधी.. लंबी लिस्ट है जिनसे आपको खतरा है। सोशल मीडिया पर कुछ चिंदियों के माहौल बनाने से फ़र्क़ नहीं पड़ता, देश को पता है कि ये ग्लोबल संकट का समय है और ऐसे में बिना आपके सुरक्षा में कमी किए भी देश हर बात में साथ खड़ा होगा। होता आया है और होता रहेगा।
इसलिए आपका निर्णय वापस लेना ही देशहित में होगा।
NTA कभी प्रिंटिंग कराने में फेल हुआ, कभी ट्रांसपोर्ट करने में पेपर लीक हुआ, तो कभी पेपर बनाने वाले ने ही लीक कर दिया.
हद तो तब हो गई जब NTA के महानिदेशक छात्रों से कहने लगे कि पेपर लीक हो तो NTA को तुरंत सूचित करें. तो फिर NTA क्या करेगा?
परीक्षा रद्द करेगा? फिर से इम्तिहान की तारीख देगा? CBI को जांच सौंपेगा?
क्या NTA का सिर्फ यही काम रह गया है?
अब बहुत हो चुका. या तो NTA फूलप्रूफ प्रणाली तैयार करे. अगर नहीं कर सकता तो परीक्षा की जिम्मेदारी किसी और को सौंप दी जाए. https://t.co/8oxHgiLa0K
देश के मान-सम्मान की रक्षा के लिए भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम सभी देशवासियों को गौरवान्वित करता है। मां भारती के लिए मर-मिटने का उनका जज्बा हर किसी को प्रेरित करने वाला है।
स्वधर्ममपि चावेक्ष्य न विकम्पितुमर्हसि |
धर्म्याद्धि युद्धाच्छ्रेयोऽन्यत्क्षत्रियस्य न विद्यते ||
ऑपरेशन सिंदूर में भारत को मिली असाधारण विजय हमारे वीर सैनिकों के अद्भुत पराक्रम और देशभक्ति की प्रेरक मिसाल है। उनके अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा पर हर देशवासी को गर्व है।
उदीर्णमनसो योधा वाहनानि च भारत।
यस्यां भवन्ति सेनायां ध्रुवं तस्यां जयं वदेत्।।
#OperationSindoor
टीएमसी की माननीय सांसद महुआ मोइत्रा ने गृह मंत्री अमित शाह को गुंडा कहा था। पश्चिम बंगाल चुनावी रैली के दौरान गृह मंत्री अमित शाह को “एक बार गुंडा, हमेशा गुंडा” कहकर संबोधित किया था।
पहले चरण की वोटिंग के दौरान अमित शाह कोलकत्ता बीजेपी वॉर रूम में डटे रहे थे। अर्थात हर बूथ और सीट पर पैनी नजर थी।
मोटा भाई के स्वैग को देखकर चक दे इंडिया फ़िल्म का डायलॉग याद आया कि, एक टीम में सिर्फ़ एक ही गुंडा होता है और इस टीम का गुंडा मैं हूँ।
अमित शाह बहुत ध्यान केंद्रित व्यक्तित्व है। लक्ष्य से ध्यान भटकने नहीं देते है। 2021 में क्रैक नहीं हुआ था और 2024 में भी तगड़ा झटका लगा। इस बार मौक़ा आख़िरी है तो पूरी तैयारी के साथ रणनीति बनाकर उतरे है और यह चुनाव मोदीजी से ज्यादा अमित शाह का है। साम, दाम, दंड भेद हर नीति में कुशल है।
बीजेपी पश्चिम बंगाल में जीतेगी तो विपक्षी ईवीएम और वोट चोरी का रोना रोयेंगे। लेकिन अमित शाह की मेहनत का विश्लेषण नहीं करेंगे।
कितने फोकस्ड है, गृह मंत्री रहते देश से लाल सलाम का सफाया कर दिया गया है। इसे डेड लाइन में अचीव किया है।
दरअसल, अमित शाह सैद्धांतिक लोकतंत्र से ज्यादा वास्तविक लोकतंत्र समझते है और उसी को फॉलो करने में विश्वास करते है। और इस अंतर को कुछ लोग नैतिकता के माप पर तौलकर अटल-आडवाणी युग को बढ़िया बताते है। जबकि शाह जैसे को तैसा में विश्वास रखते है।
गुंडो से निपटने के लिए गुंडा ही बनना पड़ता है। गांधीगिरी से काम नहीं चलता है।
जिहादी जब फंस जाए तो ....ये प्रेग्नेंट है से लेकर उसकी बीवी तो सुंदर है तक की कहानी.....
जानिए नासिक TCS कांड में जिहादी गैंग के कुकर्मों को धो-पोंछने के लिए क्या तर्क दे रही ‘जमात’, अम्मी-बहन-मौलाना सबको किया एक्टिव ‼️
नासिक TCS कांड में मुस्लिम गैंग को बचाने के लिए नई 'जमात' एक्टिव
नासिक TCS कांड को लेकर पिछले दिनों पूरे देश में हल्ला मचा, लेकिन वामपंथियों की कान में जूं तक नहीं रेंगी ‼️
उन्होंने पहले इस मामले में लंबे समय तक चुप्पी साधे रखी और फिर जब बोले तो सीधा चुस्लिम आरोपितों के बचाव पर उतर आए ‼️
अब स्थिति यह है कि इस मामले को दबाने के लिए एक नई जमात को एक्टिव किया गया है जो इस खबर में नए-नए एंगल लाकर लोगों को भ्रमित कर रही है‼️
कैसे आइए बताते हैं ⁉️
अभी तक मीडिया में आप हिंदू पीड़ितों के साथ हुए अत्याचार की खबरों को पढ़ रहे थे मगर अब इस केस को ऐसा बनाया जा रहा है कि आपके मन में या तो चुस्लिमों आरोपितों की पीड़ित वाली छवि बने या फिर आपको ये लगे कि कहीं हिंदू ही इस मामले को बेवजगह तूल देकर किसी बेचारे को फँसा तो नहीं रहे है ‼️
प्रेग्नेंसी और संवेदना का पुराना खेल: निदा खान और सफूरा जरगर का ‘विक्टिम’ कनेक्शन
नासिक कांड में कथित तौर पर निदा खान को HR हेड कहा जा रहा है, जिसकी भूमिका सबसे संदिग्ध मानी जा रही है‼️
आरोप है कि निदा खान न केवल इस पूरे गिरोह की जानकारी रखती थी, बल्कि जब पीड़ित हिंदू महिलाओं ने उसके पास शिकायतें भेजीं, तो उसने कोई एक्शन लेने के बजाय उन्हें यह कहकर चुप करा दिया कि ‘ऑफिसों में यह सब चलता है ‼️ अब जब पुलिस का शिकंजा कसा, तो निदा खान फरार हो गई और अचानक कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए ‘प्रेग्नेंसी’ का तर्क सामने रख दिया। सोशल मीडिया पर एक विशेष जमात ने तुरंत यह शोर मचाना शुरू कर दिया कि एक ‘गर्भवती महिला’ को पुलिस और मीडिया परेशान कर रहा है‼️
यह ठीक वैसा ही नैरेटिव है जैसा 2020 के दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों के समय देखा गया था। उस वक्त मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल सफूरा जरगर ने भी जेल से बचने के लिए अपनी प्रेग्नेंसी का हवाला दिया था। तब भी लिबरल गिरोह ने छाती पीटते हुए सफूरा को ‘बेचारी छात्रा’ और ‘स्कॉलर’ बताया था, जबकि उस पर UAPA जैसी गंभीर धाराओं के तहत सांप्रदायिक हिंसा भड़काने का आरोप था ‼️
निदा खान हो या सफूरा, ये लोग जानते हैं कि भारतीय समाज में प्रेग्नेंसी एक संवेदनशील विषय है, इसलिए वे अपने अपराधों की गंभीरता को कम करने के लिए इसे ढाल की तरह इस्तेमाल करते हैं ‼️
‘मेरी बहू सुंदर है तो बेटा क्यों भटकेगा ⁉️’: आरोपित की अम्मी का इमोशनल ड्रामा
नासिक TCS कांड के मुख्य आरोपित दानिश शेख की गिरफ्तारी के बाद उसकी अम्मी का एक इंटरव्यू वायरल हो रहा है जिसमें वह फूट-फूटकर रोते हुए अपने बेटे को ‘बेगुनाह’ साबित करने पर तूली है। आरोपित की अम्मी ने तर्क दिया कि उनका बेटा बहुत अच्छा इंसान है और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है‼️
सबसे अजीबोगरीब दलील जो उन्होंने दी, वो यह थी कि ‘मेरी बहू इतनी सुंदर है, मेरा बेटा किसी और के पीछे क्यों जाएगा?’ यह तर्क देकर उन्होंने उन सभी महिलाओं के आरोपों को सिरे से खारिज करने की कोशिश की जिन्होंने दानिश पर गंभीर यौन शोषण और रेप के आरोप लगाए हैं‼️
इस तरह से मुतलमान पूरे परिवार के साथ लव जिहाद के एजेंडे पर काम कर रहा है और मूर्ख हिन्दू जाति के नाम पर लड़ रहा है अरे मूर्खों अगर तुम हिन्दू बने रहे तब तो जाति रहेगी। अब यह मत कहना कि अब तक हिन्दू बने रहे तो आगे भी कोई हमे खत्म नही कर सकता। इसी गलतफहमी में 52 देश भी थे जो आज पूर्णतया इस्लामिक हो चुके हैं ‼️
उन देशों के इतिहास को न देख सको तो भारत के ही राज्य देख लो , कश्मीर हो या कलकत्ता सभी जगह हिन्दू मात्र नाम के बचे हैं‼️
समय रहते चेत जाओ नही तो इतिहास के पन्नो में अपने घमण्ड को समेटे मिलोगे ‼️
Hindus in Hindu Rastra
A student who appeared for the CET examination at the center in Krupanidhi College, Madivala, Bengaluru, says, "I went to the center around 9.40 am. I kept the bag in the room and they didn't allow me because they saw my 'Janeu'. They started telling that you have to remove it. If you don't remove, we can't allow you to write the exam...Around seven students were also asked to remove their Janeu. We had no option so we removed it...I felt very sad. I could not write the CET exam properly.
Lenskart आपकी बिंदी का सम्मान नहीं कर सकता।
इसलिए नहीं कि, वे आपसे नफ़रत करते हैं।
बल्कि इसलिए कि, वे सचमुच ऐसा कर ही नहीं सकते।
चलिए, मैं आपको बताता हूँ कि ऐसा क्यों है.?
Peyush Bansal ने ट्वीट किया:
"हमें गर्व है कि हम भारत में बने हैं, भारतीयों के लिए।"
खूबसूरत लाइन।
लेकिन, एक भयंकर झूठ।
शुरुआत फ़ैक्टरी से करते हैं।
Lenskart का भारत वाला प्लांट 2023 में खुला।
उससे पहले, चीन के साथ एक जॉइंट वेंचर (साझेदारी) था।
वह JV आज भी चल रहा है।
फ़्रेम।
कच्चा माल।
सप्लाई चेन।
सब कुछ चीन से आता है।
भारत वाली फ़ैक्टरी में ज़्यादातर सिर्फ़ असेंबलिंग होती है।
अब ज़रा देखिए कि इस "भारतीय" कंपनी का मालिक कौन है।
Peyush Bansal: 10.28%
Neha Bansal: 7.74%
Amit Chaudhary: 0.98%
Sumeet Kapahi: 0.96%
चारों फ़ाउंडर्स को मिलाकर: 20%।
बाकी 80%?
SoftBank: जापान।
Temasek: सिंगापुर।
ADIA: अबू धाबी।
KKR: न्यूयॉर्क।
Fidelity: बोस्टन।
अब मैं आपको वह बात बताता हूँ जो कोई आपको नहीं बताता।
हर विदेशी निवेशक ESG नियमों का पालन करता है।
कोई भी निवेश करने से पहले।
ESG = Environmental (पर्यावरण), Social (सामाजिक), Governance (शासन)।
यह एक ऐसा स्कोरिंग सिस्टम है जिसका पर्यावरण से कोई लेना-देना नहीं है।
इसे न्यूयॉर्क और एम्स्टर्डम में बनाया गया है।
यही तय करता है कि किसे निवेश मिलेगा।
ESG के अंदर एक और चीज़ छिपी होती है।
जिसे DEI कहते हैं।
Diversity (विविधता), Equity (समानता), Inclusion (समावेश)।
DEI को अमेरिका में डिज़ाइन किया गया था।
इसे अमेरिका के ऐतिहासिक दुखों और समस्याओं के आधार पर बनाया गया था।
अश्वेत अल्पसंख्यक।
लिंग-भेद से जुड़े संघर्ष।
LGBTQ अधिकार।
इसे भारत के लिए कभी डिज़ाइन नहीं किया गया।
यह भारत को समझता ही नहीं है।
DEI इन चीज़ों को "सकारात्मक" (Positive) मानता है:
काम की जगह पर हिजाब = सकारात्मक संकेत।
काम की जगह पर पगड़ी = सकारात्मक संकेत।
और DEI इन चीज़ों को "जोखिम" (Risk) मानता है:
बिंदी = बहुसंख्यक धर्म की निशानी।
तिलक = बहुसंख्यक धर्म।
कलावा = बहुसंख्यक धर्म।
पश्चिमी DEI की सोच के हिसाब से,
बहुसंख्यक वर्ग ही उत्पीड़क (अत्याचारी) होता है।
बहुसंख्यक वर्ग को किसी सुरक्षा की ज़रूरत नहीं होती।
इसलिए, जब Lenskart का HR कोई "ग्रूमिंग पॉलिसी" (पहनावे और रहन-सहन के नियम) बनाता है,
तो वह आपके लिए नहीं लिख रहा होता।
बल्कि वह अपने "औपनिवेशिक आकाओं" (Colonial Masters) के लिए लिख रहा होता है। क्योंकि Lenskart $10 बिलियन के IPO के पीछे भाग रहा है।
क्या उस रकम में आपकी बिंदी का कोई हिस्सा है?
उनका पहला ग्राहक आप नहीं हैं।
उनका पहला ग्राहक SoftBank है।
उनका पहला ग्राहक ADIA है।
उनका पहला ग्राहक Amsterdam की एक ESG एजेंसी है।
आप चश्मे का एक जोड़ा खरीदते हैं।
वे 500 मिलियन डॉलर का निवेश करते हैं।
हिसाब लगाइए कि, Lenskart किसकी सुनता है।
अब सरकार की बात।
क्या आपको लगता है कि उन्हें पता नहीं है?
उन्हें सब कुछ पता है।
हर मंत्रालय यह समझता है कि विदेशी पूंजी
सभ्यतागत पहचान को कैसे मिटा देती है।
SEBI ने DRHP को मंज़ूरी दे दी।
हिंदू पहचान की रक्षा करने वाला एक भी नियम नहीं।
क्योंकि सरकार भी IPO चाहती है।
GST. टैक्स. आर्थिक सुर्खियाँ।
आपका कलावा / कड़ा उस समीकरण में कहीं नहीं है।
यह सिर्फ़ Lenskart की समस्या नहीं है।
यह भारत के हर यूनिकॉर्न की कहानी है।
Swiggy.
Zomato.
Ola.
Meesho.
Zepto.
उनकी capital Index देखें।
ESG रिपोर्ट देखें।
उनके मानव संसाधन फ़ोल्डरों में मौजूद प्रशिक्षण नीतियाँ देखें।
विदेशी पूंजी से 60-80% स्वामित्व वाली हर कंपनी
पश्चिमी मूल्यों की शाखा है।
"भारत में निर्मित" एक नारा है।
"भारतीयों के लिए" एक marketing अभियान है।
नीति दस्तावेज बताता है कि वे किनकी सेवा करते हैं।
आपकी बिंदी।
आपका कलावा।
आपका कड़ा।
आपके 5,000 साल।
आईपीओ के पीछे भागने वाले अरबपतियों के लिए ये सब अप्रासंगिक है।
लेकिन अल्पसंख्यक तुष्टीकरण?
यह एम्स्टर्डम में वाहवाही बटोरता है।
और हम खुद को एक स्वतंत्र राष्ट्र कहते हैं।