पैदा होते ही जब आरक्षण की पंजीरी मिलती हो,बिना प्रतियोगिता पढ़ाई,नौकरी और ऊपर से सभी पार्टियों के दामाद होने का भाव मिले तो बुद्धि का विकास कैसे होगा?इन्हे आगे बढ़ाना है तो इन्हें जातिआरक्षण से मुक्त करो और काबिल बनने दो।आने वाले 10-20साल अपंग मानसिकता के नहीं होंगे #reservation
मंत्री पद जाने के बाद धर्मेंद्र प्रधान जी का जमीर जगा और एक बार सच्चाई उन्होंने कह दी यूजीसी बिल वापस होना चाहिए और आरक्षण भी समाप्त होना चाहिए क्या आप धर्मेंद्र प्रधान जी की बातों से सहमत हैं ?
#highlightseveryonefollowers#followerseveryone
आग मोदी जी ने खुद लगाई है, लोग तो बस आहुति डाल रहे हैं।
कोर्ट ने SC/ST ACT पर एक सही आदेश दिया, आप उसके खिलाफ अध्यादेश ले आये .. क्योंकि आपको बनना था मसीहा और आपने यह काला कानून पहले से भी कठोर कर दिया।
आप "भीम-भीम" करने लगे। लेकिन वो "भीम-भीम" करते आए और आपको "बम्बू" करके चले गए। जो धर्मेंद्र प्रधान उनके लिए UGC ला रहे थे, उन्हें ही हटाने के लिए आ गए।
आप उस बच्चे को जबरदस्ती सिर पर बैठाना चाहते हो, जो आपका है ही नहीं।
आम पिछड़ा, दलित, जो खुद को हिन्दू मानता है(बौद्ध नहीं), वह हिंदुओं का 95% से ज्यादा है। वह अंबेडकर को बस उतना ही मानता है, जितना दूसरी जाति आपके महापुरुष को। वो राम, महादेव और बजरंगबली को ही मानते हैं।
लेकिन आपको लगा कि मैं तो बस एकतरफा कर लूंगा सबको।
जैसे कांग्रेस देश की पार्टी होकर सिर्फ एक धर्म की पार्टी बन रही थी, वैसे ही आप हिन्दुत्व के नाम पर आए और मंडल के चक्कर में फंसकर SC, ST की पार्टी बनकर रह गए। और जैसे कांग्रेस के निशाने पर पूरे हिन्दू थे, आपने सामान्य वर्ग को निशाने पर रख लिया।
मुश्किल से हिन्दुत्व के नाम पर लोग जातियों को भूल रहे थे, साथ रह रहे थे। उनमें ये जाति की आग आपकी सरकार ने लगाई ..
अब बोल दो, ये जॉर्ज सोरोस की साजिश है, ये अमेरिका की साजिश है..
@narendramodi@AmitShah@ajeetbharti@MediaHarshVT@kalisenachief
@BJP4India should note,it is going to lose many a staunch supporter on #reservation.UGC sprinkled salt on the old wounds.Absolute silence of Modi govt over draconian UGC guidelines shows its complicity.Modiji, ask #UGC to withdraw guidelines or get ready for a shock
दिल्ली की जगह-जगह आज जंतर-मंतर बना हुआ है। अभी भी सवर्ण समाज के लाखों लोग दिल्ली में डटे हुए हैं और जगह-जगह आंदोलन जारी है।
हम थकेंगे नहीं, हम रुकेंगे नहीं—संघर्ष हमारा जारी रहेगा।
सारे रीढ़ विहीन नहीं हैं बस कोई ब्राह्मण नेता नहीं दिख रहा चाटने से फुर्सत नहीं मिली होगी कोई बात नहीं दरवाजे पर वोट मांगने तो आओगे ही या ऐसे ही जीत जाओगे और अगर आये तो सर लोहे का और गेंद पीतल की करके आना नेताजी क्योंकि सीजेपी आंदोलन के बाद पता लग चुका है कि जब तक तुम्हारी अम्मा बहिन नहीं न्योतेंगे तब तक तुम्हे होश नहीं आएगा।
सवर्ण समाज के मुद्दे पर सब चुप हैं। वोट देते समय याद रखना ये आप भी।
इनको लगता है वोट तो इन्हें ही मिलेगा , जायेंगे कहां?
इनका ये भ्रम टूटना चाहिए इसबार।
अब चुप मत बैठो घरों से निकलो
दिल्ली में सवर्ण समाज के बच्चे आपके बच्चों के भविष्य की रक्षा के लिए लाठियां खा रहें हैं
उनका मनोबल टूटने ना पाए निकलो सड़कों पर
हिंदू हमेशा विभीषणों से ही पराजित हुआ है ...
ये कथित सवर्ण समाज के नेता हैं, सवर्णों के आंदोलन में फूट डालने के लिए इनका इस्तेमाल किया गया और ये मूर्खो के सरदार उसमें कूद भी पड़े ...वैसे इनका योगी विरोधी होना और दिल्ली में दरबारी बनकर मोदी शाह की चारणवंदना भी यूपी की जनता से छुपा नहीं है ...
उत्तर प्रदेश के सवर्ण भाई बंधुओं अगले चुनाव में इस @brajeshpathakup की जमानत जप्त करवाना तुम्हारा दायित्व बन जाता है, ऐसे पाखण्डी सवर्णों को मात्र समाज से ही नहीं राजनीति से भी खत्म करने की सवर्ण समाज की जिम्मेदारी है
Social Media Corner 22nd August 2026:
आरक्षण विरोधी आंदोलन में शरीक छात्रों /बच्चों के साथ पुलिसिया ज्यादती और तिलचट्टों के हिंसक आंदोलन के समक्ष समर्पण आखिर चल क्या रहा है ? क्या हम जनता को इतना रुष्ट कर देना चाहते हैं कि आगामी चुनाव में जीत प्लेट में रख कर विपक्ष को सौंप दें?
She is absolutely right. If someone has a problem with Brahmins being priests, then no one is forcing them to invite a Brahmin priest into their home.
They are free to perform their own rituals, become priests themselves or invite a priest from their own community. Choice works both ways.
No one is stopping anyone from following their own traditions—so why blame Brahmins for theirs?