@awesh29@Thapar77Thapar I remember my father who as Secretary, Madhyamik Shiksha Board of Rajasthan and afterwards as Additional Director P&S Education used to go to office on bicycle!
Many good wishes and regards to Shree Dwivedi ji!
यह मध्य प्रदेश के खंडवा में तैनात अपर सत्र न्यायाधीश अक्षय कुमार द्विवेदी हैं। यह उन लोगों में से हैं जिन्हें हम सबको प्यार करना चाहिए।
जज साहब ने आलीशान सरकारी बंगला, वीआईपी कार और अन्य सरकारी सुविधाएं लेने से इंकार कर दिया है। वे एक छोटे से कमरे में रहते हैं, अपना खाना खुद बनाते हैं और रोजाना पैदल ही कोर्ट जाते हैं।
जज अक्षय ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को आवेदन देकर अपनी सैलरी आधी करने की मांग भी की है। निजी संपत्ति के नाम पर उनके पास सिर्फ अपनी मां द्वारा दिया गया एक मोबाइल फोन है। उन्होंने आजीवन अविवाहित रहने का फैसला किया है। तबादले पर उन्होंने विभाग से कहा है कि उन्हें देश में कहीं भी भेजा जाए, वे न्यूनतम सरकारी सुविधाएं ही लेंगे।
बचपन में अपनी मां को संपत्ति विवाद के दौरान अदालत के चक्कर लगाते देखकर उन्होंने जज बनने का निर्णय लिया था। इसी कारण वे अपनी अदालत में आने वाले मुकदमों, खासकर जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों का निपटारा बेहद तेजी से करते हैं ताकि आम लोगों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
सलाम जज साहब
भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के रचयिता, महान स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। 🙏🏻🇮🇳
पिंगली वेंकैया जी का नाम भारतीय इतिहास में सुवर्णाक्षरों में अंकित है। उन्होंने जो तिरंगा डिज़ाइन किया, वह केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता और स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक है। अनेक वर्षों के अथक शोध और समर्पण के बाद उन्होंने राष्ट्रध्वज का वह स्वरूप तैयार किया जो आज प्रत्येक भारतीय के हृदय में गर्व और देशभक्ति की भावना जागृत करता है।
तिरंगे के इस महान शिल्पकार को उनकी पुण्यतिथि पर शत-शत नमन। उनका योगदान तब तक अमर रहेगा जब तक यह तिरंगा आकाश में लहराता रहेगा। 🙏🏻🇮🇳
#पिंगली_वेंकैया
#PingaliVenkayya
🚨 BREAKING: Gita Press, Gorakhpur, has announced its FIRST-EVER trilingual edition of the Bhagavad Gita, featuring Sanskrit, Hindi, and English in one volume.
=> It is aimed at young readers and those unfamiliar with the Devanagari script 👌
नगर नियोजन के अधिकारी और इंजीनियर्स फ्लड वाटर और ड्रेनेज का फर्क नहीं समझते फ्लड वाटर के मार्ग में यदि अवरोध न हों तो पानी सीधे जलाशयों की ओर बहता है जबकि ड्रेनेज सिस्टम में योजनाबद्ध तरीके से ट्रीटमेंट प्लांट्स में पहुंचाया जाता है ! अनियोजित निर्माण को ध्वस्त करना ही उपाय है
शहर दर शहर बरसात से बाढ का आलम पसरा दिख रहा है वजह सभी जगह एक ही है भू माफिया और विकास संस्थाओं का भ्रष्ट गठजोड़ जो पानी के प्राकृतिक बहाव के रास्तों में अवरोध पैदा करते हैं सौ भू खंडों वाली आवासीय
योजनाओं में बिना पेय जल और ड्रेनेज सिस्टम के प्लॉट्स लोगों को दे दिए जाते हैं !
एक होटल में एक आदमी दाल रोटी खा रहा था, अच्छे परिवार का बुज़ुर्ग था, खाने के बाद जब बिल देने की बारी आई तो वो बोला की उसका बटुआ घर रह गया है, और वो थोड़ी देर में आकर बिल चूका जाएगा,
काउंटर पर बैठे होटल के मालिक जो सरदार जी थे ने कहा "कोई बात नहीं, जब पैसे आ जाएं तो दे जाना" और वो वहां से चला गया,बेयरा ने जब ये देखा तो उसने काउंटर पे बैठे सरदार जी को बताया कि ये आदमी पहले भी दो तीन होटलों में ऐसा कर चुका है, और ये पैसे कभी नहीं भरेगा,
इसपर होटल के मालिक ने कहा " वो सिर्फ दाल रोटी खाकर गया है, कोई बटर चिकन या कोफ्ते पनीर खाकर नहीं गया, उसने अय्याशी करने के लिए नहीं, सिर्फ अपनी भूख मिटाने के लिए खाना खाया है, वो इसे एक होटल नहीं गुरुद्वारा समझकर आया था,और हम सिख लोग लंगर के पैसे नहीं लेते....Read News
MAJOR C B DWIVEDI
Sena Medal
315 FIELD #IndianArmy
with his wife and daughters before #KargilWar.
Wife and daughters with his portrait now.
Homage to Maj Dwivedi on his balidan diwas today.
#FreedomisnotFree a few pay #CostofWar.
सीकर, राजस्थान के वीर सपूत लांस हवलदार सुरेश कुमार गेनन जी के सर्वोच्च बलिदान का समाचार अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। राष्ट्र सेवा एवं सुरक्षा में उनका अतुलनीय योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को इस कठिन घड़ी में संबल व धैर्य प्रदान करें। मेरी गहन संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं।
ॐ शांति
उमर ख़ालिद और शर्जील ख़ालिद की रिहाई की माँग के बाद अब “ग्रेटर निकोबार प्रोजेक्ट” पर हमला
पाकिस्तान के झंडे पहले ही लहराये जा चुके हैं, अब चीन की दलाली शुरू
अब तो ये लोग धर्मेंद्र प्रधान का नाम भी नहीं लेते 😎
With our domestic help away, I stepped in to do a small part of what they handle every single day. This morning, I escorted our four cows out of the shed to the grazing area, tying each one with a long rope that gives them enough freedom to move around and graze. By the time I had finished, sweat was pouring down my face! The weather was certainly humid, but that wasn't the only reason.
The experience once again reminded me of the sheer effort that goes into tending to these gentle angels on a daily basis. Cleaning them, sanitising the shed, feeding them, ensuring they have enough water, milking them, and recognising when one of them is unwell and needs treatment. It is hard, physical work that demands commitment, patience and genuine care.
It also brought back memories of my years in uniform. One of the reasons most military officers remain deeply appreciative of the physical labour put in by our soldiers is that, during training and in the early years after commissioning, we do exactly what they do. We dig trenches, stand sentry duty, carry heavy loads, endure long marches and happily participate in demanding physical competitions. There is no better way to understand the dignity of labour than by experiencing it yourself.
That lesson stays with you for life. Whether one is leading a team, serving under someone, or is, like me, a happily retired vela, there is a special respect for every individual who quietly does the hard work that keeps the world moving.
केजरीवाल अपने मूर्खतापूर्ण बयानों में आईबी का नाम लेकर सरकार को घेरने का प्रयास करते हैं उन्होंने कहा कि राममंदिर के निर्माण से लेकर विभिन्न अवसरों पर आईबी ने प्रधानमंत्री को 12 रिपोर्ट भेजी पर प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं किया की यदि केजरीवाल ग़लत हैं तो उन पर कार्रवाई क्यों नहीं