नाटक : जोंक
लेखक : उपेन्द्रनाथ अश्क
परिकल्पना एवं निर्देशन : लाडली कुमारी
दिनांक : 30 अक्टूबर 2023
समय : संध्या 6:30 बजे
स्थान : कालिदास रंगालय, गांधी मैदान, पटना
आप सभी सादर आमंत्रित हैं...
OBC लड़ाका वर्ग है। मोदी सरकार अच्छे से जान लें अगर बीजेपी ने देश की 60 फ़ीसदी ओबीसी आबादी का हक़ खाने का दुःसाहस किया तो #OBC इनकी ईंट से ईंट बजा देगा।
हमारी दशकों से माँग रही है कि महिला आरक्षण 33% नहीं बल्कि 50% हो और इसे तुरंत लागू किया जाए तथा इसमें SC/ST, OBC तथा अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षण रहे। #WomenReservation
अय्यंकाली एक दूरदर्शी समाज सुधारक और नेता थे जिन्होंने त्रावणकोर में उत्पीड़ित लोगों के अधिकारों और सम्मान के लिए लड़ाई लड़ी। उन्होंने जाति व्यवस्था को चुनौती दी और सामाजिक न्याय, शिक्षा और श्रम सुधारों के लिए काम किया। आज, हम उनकी विरासत को याद करते हैं और केरल के इतिहास में उनके योगदान का सम्मान करते हैं।
उन्होंने साधु जन परिपालन संघम (गरीबों की सुरक्षा के लिए सोसायटी) की स्थापना की, जिसने वंचितों के लिए शिक्षा का प्रचार किया और उनके नागरिक अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी।
उन्होंने 1893 में विल्लुवंडी यात्रा (बैलगाड़ी मार्च) का नेतृत्व किया, जिसने सार्वजनिक सड़कों का उपयोग करने वाले दलितों पर प्रतिबंध को चुनौती दी।
उन्होंने 1896 में चलियार दंगे में, जिसमें उच्च जाति के जमींदारों द्वारा दलित कृषि श्रमिकों के शोषण और उनके साथ जातिगत भेदभाव का जमकर विरोध किया ।
उन्होंने 1915 में कल्लुमला समाराम (आभूषण आंदोलन) शुरू किया, जिसमें दलित महिलाओं को ऊपरी वस्त्र और आभूषण पहनने के अधिकार की मांग की गई। वे 1910 में श्री मूलम पॉपुलर असेंबली (श्री मूलम प्रजा सभा) के पहले दलित सदस्य बने, जो त्रावणकोर की विधान परिषद थी। उन्होंने पुलायार समुदाय का प्रतिनिधित्व किया और उनके कल्याण से संबंधित मुद्दे जीवनपर्यंत उठाए।
मानवाधिकार के प्रचलन में आने से पहले ही वह मानवाधिकार चैंपियन थे। ऐसे महामानव को उनके जन्म वार्षिकी पर शत शत नमन और अभिनंदन।
#अय्यंकाली
#Ayyankali
#28August2023
हमारे पुरखे लगभग तीन हज़ार साल पहले पक्की ईंट की बनी इन सुंदर इमारतों में रहते थे। सीधी सड़कें। स्वीमिंग पूल। बड़े बड़े स्तूप। अनाज के बड़े गोदाम।
लेकिन एजेंडाबाज इतिहासकार बताते हैं कि वे सभी लोग एक साथ ईंट से घर बनाना भूल गए। पक्की ईंट बनाना भी भूल गए। सारे लोग एक साथ।
फिर वैदिक काल आया और वे सभी लोग घास फूस की झोपड़ी में रहने लगे! 😁
किसको $£€# बना रहे हैं ये लोग।
इतिहास में ज़बरदस्ती वैदिक काल को फ़िट करने के चक्कर में इतिहास को उल्टा घुमा दिया।
कोई वैदिक काल था ही नहीं।
दुनिया में इतिहास की घड़ी सिर्फ इस एक मामले में उल्टी दिशा में घुमाई गई
नाटक : गांठ
कहानी : रामधारी सिंह दिवाकर
नाटक रूपांतरण : विवेक कुमार
निर्देशक : सुमन कुमार
प्रस्तुति : कला जागरण, पटना
दिनांक : 14 अगस्त 2023
समय : शाम 06:45 बजे
स्थान : कालिदास रंगालय, गांधी मैदान, पटना
सौजन्य : संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली
(प्रवेश निःशुल्क)
प्रमुख विचारक, लेखक और सामाजिक बदलाव के पथिक प्रो. हरी नरके नहीं रहे। बाबा साहब की सचित्र जीवनी के लेखक और महात्मा फुले रचनावली के हिंदी और इंगलिश अनुवाद के संपादक प्रो. नरके सावित्री बाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में शिक्षक थे। जय भीम तथा नमन।
बिहार के आम-आवाम के आकांक्षा के अनुरूप जातीय जनगणना पर माननीय पटना उच्च न्यायालय का न्याय निर्णय समाजिक न्याय के योद्धा आदरणीय लालू प्रसाद जी,बिहार विकास के शिल्पकार माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी एवं युवा आदर्श माननीय उप मुख्यमंत्री श्री तेजस्वी प्रसाद यादव जी तथा महागठबंधन के संकल्प एवम् समर्पण की जीत है।
इस न्याय निर्णय से छद्म राष्ट्रवादी,षड्यंत्रकारी,
सांप्रदायिक शक्तियां एवम् नफ़रतवादी चेहरा मुरझाया हुआ है।
देशहित में इस परिवर्तनकारी मुद्दे पर क्रांति की भूमि बिहार संपूर्ण भारतवासियों से निर्णायक व ऐतिहासिक समर्थन की अपेक्षा करती है।
जय भीम ! जय बिहार!
@laluprasadrjd@NitishKumar@yadavtejashwi
"हम हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं।
यह गरीबों के लिए फैसला है। इससे उनके लिए दरवाजे खुलेंगे। उनकी आर्थिक स्थिति का पता चलेगा जिसके आधार पर सरकार योजनाओं का मसौदा तैयार कर विकास के द्वार खोलेगी।
हम CM @NitishKumar और @yadavtejashwi का उनकी मेहनत के लिए धन्यवाद करते हैं।"
जाति आधारित जनगणना के पक्ष में पटना उच्च न्यायालय का फैसला पूरे महागठबंधन परिवार एवं विशेष तौर से मा0 मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी एवं मा0 उपमुख्यमंत्री श्री तेजस्वी प्र0 यादव जी के संयुक्त एवं समर्पित प्रयास का फलाफल है तथा आम जनों के व्यापक हित में स्वागत योग्य है।
Meet Usher 🤝
★★★★★ 'The most thrillingly playful and hilarious new musical to hit London in years. Spectacular.' Evening Standard
A @StrangeLoopLDN is playing at the @BarbicanCentre until 9 September.
मणिपुर में दो आदिवासी महिलाओं के साथ हुई क्रूरतापूर्ण दरिंदगी के खिलाफ राज्य के आदिवासी बारिश में भीगते हुए पीड़िताओं को न्याय के लिए मार्च निकाल रहे है। राज्य में तात्कालिक शांति के लिए बीरेन सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग कर रहे है। क्या सरकार सुनेगी?
गठबंधनों(NDA V/S INDIA) पर मेरे बोलने की बारी कल है. आज दोनों के शीर्ष नेताओं को ध्यान से सुना. फिलवक्त, सिर्फ़ इतना ही कह सकता हूं कि 2024 की सियासी जंग किसी के लिए भी आसान नहीं होगी. लेकिन बहुत सारी बातें अगले चार-पाँच महीने के घटनाक्रम से तय होंगी!