संदेह नहीं लोकतंत्र कि हत्या है…..ये आप जैसे पत्रकारिता करने वाले लोग जब सच लिखने की क्षमता नहीं रख पा रहे है।
आज के समय में देश में मीडिया पत्रकार सिर्फ़ दो भागो में बट गया है।
एक चाटने वाला
एक भौंकने वाला
न्यूट्रल तो बचा ही नहीं
भाजपा ने चंडीगढ़ में भी मेयर बना लिया। भाजपा को 16 मत मिले। कांग्रेस प्रत्याशी को 12 मत मिले, लेकिन सबसे चौंकाने वाला रहा कि, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पार्षदों के 8 मत रद्द कर दिए गए। 35 पार्षदों के अलावा 1 मत भाजपा सांसद किरन खेर का था। भाजपा के सभी मत सही पड़े। इस तरह से सिर्फ विपक्षियों के मतों को रद्द करना लोकतंत्र में संदेह पैदा करता है #ChandigarhMayorElection
काँग्रेस, अतीक अहमद को लेकर बहुत CONFUSED है …
प्रयागराज, वार्ड नंबर 43 से पार्षद प्रत्याशी कांग्रेस नेता राजकुमार रज्जू भैया ने राज्य के पूर्व CM मुलायम सिंह यादव की तुलना एक माफिया, बलात्कारी, लुटेरे से कर दी।
जिनका गुरु देश के प्रधान मंत्री को डंडे से पिटवाना चाहता हो उनके चमचों के लिए राज्य के मुख्यमंत्री सिर्फ गुंडा बदमाश ही होंगे !!!
@Anupmishra07 जिस शहर में हुटर बजने पे रास्ता ख़ाली हो जाता था, बड़े बड़े जज कुर्सी छोड़ देते थे गवाह नहीं मिलते थे, जिस ज़मीन पे ऊँगली दिखा दे घर दिखा दे वो उसका हो जाए।
वही इलाक़े और उसी घर में कान पे सटा के खोपड़ी छितरा देना मतलब कोई बहुत पीड़ित ही रहा होगा।
तुम भौश्री ये बताओ उमेश पाल और उसके साथ यूपी पुलिस के दो गनर क्या थे बे……..
अतिक का पूरा खानदान हत्यारा है।
और जीवन पे पहली बार उसे हत्या का मतलब समझ में आया है….दर्द होता क्या है पहली बार समझ आया है।
एक गरीब परिवार के बेटे का प्रधानमंत्री बनना कांग्रेस पचा नहीं पा रही है, इसलिए बार-बार श्री @narendramodi जी पर निजी हमले कर रही हैं।
मोदी जी के जिन दिवंगत पिता का राजनीति से कोई संबंध नहीं था, उनके लिए भी अपमानजनक शब्द इस्तेमाल करना कांग्रेस की बौखलाहट और चरित्र को दिखाता हैं।
हृदय द्रवित कर देने वाली घटना हुई….प्रशासन शासन सब ज़िम्मेदार है इसके…..कोई दलित परिवार होता तो ताता लग गया होता.. सिर्फ़ गैरबीजेपी शासित राज्य के ही ग़लत काम दिखते है क्या भैया @shalabhmani कुछ कहने में शर्म आ रही है क्या?
कानपुर देहात में दीक्षित परिवार को बारा जिला पंचायत सदस्य कृष्णा गौतम खुले आम गालियां दे रही हैं।
बगल में राज्यमंत्री 'प्रतिभा शुक्ला' खड़ी हैं।
देख लो ब्राह्मणों, आंसुओं का जश्न मनाओ! कैसे-कैसों को सत्ता में बैठा दिया है😡😡
@Santoshpandemla@kanpurdehatpol@yadavakhilesh जानकारी लेके लिखिए अगर इतने हितैषी है विप्र समाज के तो, कृष्ण गोपाल दीक्षित जी ज़िंदा है और वो ख़ुद को आग के हवाले नहीं किए है ये एक संयोजित हत्या है प्रशासन की
अडाणी…हिंदुस्तान नहीं हैं।हिंदुस्तान के सवा अरब में से अडानी एक हैं।अडानी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना,हिंदुस्तान पर सवाल उठाना नहीं है।
प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को राष्ट्रवाद का चोला पहनाना धूर्तता है।
Goron se India ki tarakki bardaasht nahi hoti. The hitjob on India’s market looks like a well planned conspiracy. Koshish kitni bhi kar lein but as always, Bharat aur majboot hi nikalkar ubhrega.