राँची में हजारों दलित और आदिवासी बच्चे परीक्षा धांधली के ख़िलाफ़ सड़कों पर हैं,
>लेकिन वहाँ पर फाइव स्टार होटल नहीं हैं,
>वहाँ पर भाजपा सरकार नहीं है
>वहाँ पर अच्छे रेस्टोरेंट नहीं है
>वहाँ पर आदिवासी और दलित बच्चे नहीं है
इसलिए कॉकरोच पार्टी के लोग वहाँ छात्रों की आवाज उठाने नहीं पहुँच सकते
299.175/300😐
JSSC PGT में इतना न लाने के बाद नहीं हुआ क्योंकि दीदी के पास पैसा नहीं था। थू है साला आईसी सिस्टम पे!
झारखण्ड में कुछ अलग लेवल लका फ्रॉड चल रहा है.
परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर राँची में जारी छात्रों का प्रदर्शन… तादाद भी बड़ी है… राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने कई अधिकारियों का तबादला कर मामला काबू में करने की कोशिश की है लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों ने 6 अगस्त वो विधानसभा मार्च करने का ऐलान किया है
There is now evidence from the medico-legal case report that it was not just plastic pellets but the significantly more dangerous metal pellets that were used against students on July 20th by the Home Ministry-controlled CRPF.
There must be a discussion in Parliament on this subject. Amit Shah must provide Parliament with an accounting of his actions on July 20th.
वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष संजय नगायच के गृह जिला पन्ना में लापरवाही के कारण सड़ रहा अनाज. बता दें नगायच थोड़े दिन पहले जीतू पटवारी के वेयरहाउस को नोटिस थमाकर सुर्खियों में आये थे...!
Days after the CJP called off its agitation at Jantar Mantar, protesters continued to be summoned by the Delhi Police until Thursday (July 30) afternoon to explain their presence at the protest site, according to Rishav Ranjan, a member of the Congress party’s legal cell who has been involved in providing legal aid.
“Many girls are getting calls from right-wing influencers asking why they joined the protest. Their names are part of a list, which is being circulated by these handles. They are being harassed and threatened. There is clear evidence online. This needs serious action by the State,” he said, adding that the Supreme Court will be informed about such incidents.
https://t.co/pJIOhxC1Xk
किसान भोपाल को घेरे बैठे हैं; किसान चाँद नहीं मांग रहे, किसान केवल मोदी सरकार द्वारा घोषित मूंग की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मांग रहे हैं।
जिस देश का प्रधान मंत्री हर भाषण में "MSP थी, MSP है और MSP रहेगी" की कसम खाता हो, उस देश में किसानों को MSP क्यों नहीं मिलती ??
हितेश लखानी नाम के एक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ डॉक्यूमेंटेशन प्रक्रिया के लिए कलेक्टरेट कार्यालय, इंदौर (मध्य प्रदेश) गए थे। उन्होंने लगभग 1.5 घंटे इंतज़ार किया।
जब उन्होंने विनम्रता से पूछा कि अभी और कितना समय लगेगा, तो उन्हें नज़रअंदाज़ कर दिया गया, जबकि स्टाफ का एक सदस्य इंस्टाग्राम स्क्रॉल करने में व्यस्त था।
इसके बाद हितेश लखानी नाम के उस व्यक्ति ने वही सवाल पूछने के लिए दूसरे अधिकारी के पास गए। इससे पहले कि वे अपनी बात पूरी कर पाते, एक महिला पुलिस अधिकारी उनके पास आई और बोली:
"चुपचाप बैठ जा, बक-बक मत कर। एक थप्पड़ मारूँगी, कुछ नहीं कर पाएगा।"
हितेश लखानी न तो चिल्ला रहे थे और न ही कोई हंगामा कर रहे थे। वे केवल धैर्यपूर्वक इंतज़ार करने के बाद जानकारी पूछ रहे थे।
सम्मान इस बात पर निर्भर नहीं होना चाहिए कि आप कौन हैं या कहाँ हैं। हर नागरिक के साथ गरिमा और सम्मान से व्यवहार किया जाना चाहिए।
यह वीडियो इसलिए साझा किया जा रहा है क्योंकि चुप्पी ऐसे व्यवहार को जारी रहने देती है।
उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी इस मामले की जाँच करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि किसी और को ऐसा अनुभव न झेलना पड़े।
@indorecollector@cmmadhyapradesh@Drmohanyadav51@IDA_indore@advpushyamitra
“ना किसी से भीख मांग रहे
हम अपना हक़ मांग रहे…”
ये प्रदर्शन है राजस्थान का
राजस्थान के जालौर जिले में एक शासकीय स्कूल में शिक्षक की कमी से परेशान छात्राओं ने स्कूल में तालाबंद करने के बाद रोड जाम की भी धमकी दी। अभी समझाया बुझा कर इनको उठाया गया है।
कैसे बने मेरा देश महान?
कैसे हो सामाजिक न्याय की बात?
जब तक भ्रष्टाचार पर तगड़ा प्रहार नहीं होगा, तब तक न विकास संभव है, न न्याय।
हमें सिंगापुर जैसे देशों से सीखते हुए समझना पड़ेगा कि भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस ही राष्ट्र को आगे लेकर जाएगा।
अगर अब भी हमने भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखाई, तो आज से 20 साल बाद हम दुनिया के कई और देशों से पीछे हो चुके होंगे।
भ्रष्टाचार सिर्फ पैसा नहीं खा रहा, यह देश का भविष्य, युवाओं के सपने, किसानों की मेहनत और गरीब का हक भी खा रहा है।
Under the Malicious Practices Act of 1933 in Germany (Verordnung zur Abwehr heimtückischer Diskreditierung der nationalen Regierung), it was a crime to criticise the government, including "gossiping" or "making fun" of officials.
@AjitSinghRathi इन साहब के मंत्रालय में जीतने घोटाले हो रहे हैं वो भी किसी दिन आगे आयेंगे। हद है हर एक रोड, पूल, अंडरपास सब का यही हाल हो रहा है। ठीक से एक बारिश भी नहीं झेल पा रही।
Meeting between TEAM BHARAT and Ministy of Petroleum and Natural Gas is still on.
Meeting started at 12.50 pm.
This is currently on at the Ministry at Kartavya Bhavan!!
Our Demands that we are putting forward are:
*E10 Petrol must be available for E10 compliant vehicles.
*Reduce the price of E0 (pure petrol) & ensure it is available on all petrol pumps.
*Give a 20%discount on E20 Fuel.
*Put all documents of E20Fuel policy in public domain.
*Shri Nitin Gadkari ji is in Conflict of Interest with regards to the Ethanol blending policy & this must be addressed
@OGTeamBharat