@JharkhandCMO@HemantSorenJMM धन्यवाद मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी हमारी jssc cgl के मुद्दे को गंभीरता से लेने के लिए, आज हमारी नियुक्ति विपक्षी पार्टी चुनावी फायदा लेने केलिए भेट चढ़ने का कोशिश किया परंतु अपने उसे विफल किया और मुझे पूर्ण विश्वास है पुनः आप इसी ऐतिहासिक मैदान में cgl की नियुक्ति पत्र देंगे।
@JmmJharkhand भाजपा का स्तर इतना गिर गया है कि इनको अब कुछ कोचिंग माफियाओं का सहारा लेना पड़ रहा है,ये अब सफल ओर विफल छात्रों के बीच राजनीति कर रहे क्योंकि भाजपा कोविफल छात्रों की संख्या ज्यादा दिख रही,सरकारी काम की रुकावट की चिंता नहीं jssc cgl सुचारू रूप से सफल कराने धन्यवाद @HemantSorenJMM
@VinodPandeyJMM विपक्ष के पास झारखंड में कोई मुद्दा नहीं रहा इनकी मानसिकता बता रही है कि इनकी सोच कितनी छोटी है ये क्या झारखंड को आगे लेकर जाएंगे हमे @HemantSorenJMM के कार्यशैली पे विश्वास है jssc cgl में सफल छात्रों को ज्वाइनिंग अवश्य देंगे और झारखंड के 96% छात्रों को न्याय देंगे।
प्रेस बयान :
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बाबूलाल मरांडी के आरोप बेतुके, बिना प्रमाण के और राजनीतिक नौटंकीबाजी का हिस्सा :
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा लगाये गये आरोप बेतुका, तथ्यहीन और राजनीतिक साजिश का हिस्सा। भाजपा हर मामले में अपनी राजनीति चमकाने और झारखंड की व्यवस्था पर अविश्वास पैदा करने के लिए झूठ की खेती करती है, जबकि सरकार पारदर्शी जांच के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा के कुछ नेता चाहते थे कि यह पूरा मामला झारखंड में किसी तरह राजनीतिक उथल-पुथल का कारण बने, लेकिन उनकी साजिश नहीं चली। अब वही लोग उत्तर प्रदेश भागकर अपने अकाओं की शरण में जाकर मनगढ़ंत कहानी गढ़ रहे हैं, ताकि झारखंड की पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया को बदनाम किया जा सके। भाजपा मामले को हाईजैक कर राजनीतिक रोटी सेकना चाहती है। परीक्षा की जांच राज्य की एजेंसियां बारीकी से कर रही हैं।
मरांडी जी झूठ बोलने से पहले तथ्यों की जांच कर लें। “मरांडी जी यह बताएं कि उनके पास कौन-सा ‘पक्का सबूत’ है कि किसी पूर्व अधिकारी ने मोटी रकम ली या कोई साक्ष्य नष्ट कराया? सिर्फ ‘हमें सूत्रों से सूचना मिली’ जैसे जुमलों से वे युवाओं के गुस्से को भुनाना चाहते हैं।‘ नेता आखिर क्यूं पत्रकारों की तरह सूत्रों के हवाले से बयान देने लगा है? यह बड़ा सवाल है। जिस नेता की बात में दम नहीं उसका नेतृत्व प्रभावशाली नहीं हो सकता !
सीआईडी पर सवाल उठाना झारखंड की संस्थाओं का अपमान। जांच टीम में फेरबदल सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन, भाजपा हर सरकारी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़कर यह दिखाना चाहती है कि झारखंड की एजेंसियां सक्षम नहीं हैं। असल में भाजपा को झारखंड की संस्थाओं पर भरोसा ही नहीं। यदि भाजपा को इतनी चिंता है तो पहले यूपी व अन्य भाजपा शासित राज्यों के पेपर लीक पर जवाब दें। भाजपा के शासन वाले राज्यों—उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान में पेपर लीक की घटनाएं फैक्टरी की तरह चल रही हैं। मरांडी जी पहले अपने घरों में लगी आग बुझाएं, फिर झारखंड को सीख देने आएं।
@JmmJharkhand
@1618_chandan@HemantSorenJMM महोदय, आप छात्रों के हित में बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। कृपया इसी प्रकार आगे भी युवाओं का भविष्य संवारने में अपना योगदान देते रहें। महोदय, कोचिंग माफिया का उद्देश्य वर्षों से बच्चों के करियर को नुकसान पहुँचाना रहा है।
@amarbauri जिस इंसान को हर गुप्त चीजें पहले से पता होती है, उसे CID के द्वारा नोटिस दिया जाना सराहनीय कदम है, कहीं असली किंगपिन यही तो नहीं। झुठी अफवाह फैला कर JSSC CGL को बाधित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
@amarbauri कोचिंग माफिया का रिश्ता बीजेपी से ऐसा कि चोट इन्हें लगती है, दर्द कोई और महसूस करता है! मतलब दाल में काला नहीं — पूरी दाल ही काली है। साफ़ दिख रहा है कि एक सोची-समझी साज़िश के तहत JSSC CGL को बदनाम किया गया, ताकि झारखंड सरकार की छवि को नुकसान पहुँचे।
@KunalSarangi
@iamnktiwari@HemantSorenJMM@SudeshMahtoAJSU सर इस से बड़ा श्रद्धांजलि बिनोद बिहारी महतो शिबू सोरेन, भगवान बिरसा मुंडा के लिए ओर क्या हो सकता है मूलवासी आदिवासी का 96% चयन, पर इसे एक गिरोह के द्वारा हमारी नियुकी को बाधित कर हमारे मेहनत की रोटी मुंह से छीन ने का काम किया है।आप जनप्रतिनिधि से अनुरोध है हमारी आवाज बने
@DilipRa_ @HemantSorenJMM@JmmJharkhand@JharkhandCMO ईमानदारी और पारदर्शी परीक्षा सम्पूर्ण करने को में मुख्यमंत्री को आभार व्यक्त करता हूं बस कुछ षडयंत्र इसे लटकने के मकसद से कम कर रहे मुझे पूर्ण बिस्वास है ज्वाइनिंग करा कर उनके मानसुबे पर पानी फिरेगा।
कुछ लोगों को योद्धा बनने का बहुत शौक है। अगर इतना ही जोश था, तो कोर्ट में केस करने की बजाय बाहर ही मामला निपटा लेते।
फालतू में कभी रात 2 बजे, कभी 3 बजे जगकर ट्वीट करके माहौल बनाने से क्या हासिल होगा? 🤷
शांति से कोर्ट में ही JSSC CGL का मामला सुलझा लिया जाता तो बेहतर होता। लेकिन असल मक़सद समस्या सुलझाना नहीं है, बल्कि नेता बनने का शौक पूरा करना है—दूसरों को नीचे दिखाकर अपना नाम चमकाना है।
अगर मेरी बातों से किसी को बुरा लगे, तो इसमें मैं कुछ नहीं कर सकता।
आपका अपना,
पेंगुइन भाई 🐧
@1618_chandan
@prachiminz19
@DilipRa_
@atharv75532@Binaypandey000@for1932
@kumarpankajaso
@kum52439277@jkias370
झारखण्ड की शिक्षा यात्रा में आज का दिन ऐतिहासिक!
आज झारखण्ड विधानसभा से राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाले तीन महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया गया-
📘 झारखण्ड राज्य विधविद्यालय विधेयक 2025
📘 झारखण्ड व्यावसायिक शिक्षण संस्थान (शुल्क विनियमन) विधेयक 2025
📘 झारखण्ड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2025
ये विधेयक सुनिश्चित करेंगे कि हमारे बच्चों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और किफ़ायती शिक्षा मिले, चाहे वह विद्यालय हो, व्यावसायिक संस्थान हो या फिर कोचिंग सेंटर।
यह ऐतिहासिक पहल शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाएगी, शोषण पर अंकुश लगाएगी और हर वर्ग के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के अवसर प्रदान करेगी।
इस ऐतिहासिक अवसर पर पूरे झारखण्डवासियों को हार्दिक बधाई।
माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जी के दूरदर्शी नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में यह क़दम बेहतर, मज़बूत और समावेशी शिक्षा की नींव रखेगा, जो आने वाले समय में झारखण्ड को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
@HemantSorenJMM@JmmJharkhand
📢📢JSSC CGL एक चुनावी मुद्दा 📢📢
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✍️✍️ आईए कुछ तथ्यों और सबूतों के माध्यम से समझने का प्रयास करते हैं कैसे झारखण्डी छात्रों के Emotion का Use इस परीक्षा के माध्यम से किया गया और इसे चुनावी मुद्दा बनाकर किसी एक विशेष पार्टी को फायदा पहुंचाने का प्रयास किया गया।✍️✍️
👉1. क्या यहाँ के कुछ Coaching इंस्टीट्यूट द्वारा ये दावा किया गया था कि इस सरकार के कार्यकाल में JSSC CGL की परीक्षा ली गई तो सारी सीट 30-35 में बेच दी जाएगी???
👉2. क्या August 2024 में इसी Coaching इंस्टीट्यूट द्वारा CM आवास को घेरने का प्रयास किया गया JSSC CGL Exam करवाने को लेकर, और फिर उसी शाम छात्रों द्वारा शपथ दिलाई गई कि इस सरकार को उखाड़ फेंकना है ।।।
👉3. फिर जब JSSC द्वारा परीक्षा तिथि घोषित की गई तो 21 सितंबर और 22 सितंबर को तो इसी कुछ इंस्टीट्यूट द्वारा फिर ये दावा किया गया कि परीक्षा निर्धारित तिथी पर नहीं ली जाएगी।।(JPSC का हवाला देकर)
🤔🤔🤔 भाई तुम चाहते क्या थे??🤔🤔🤔
👉4. जब ये परीक्षा अपने तय समय पर ली जाने लगी तो फिर एक ASO के माध्यम से छात्रों को परीक्षा से ठीक एक दिन पहले ये कहकर उन्हें भ्रमित किया गया कि सारी सीटों को बेच दिया गया है । ( इसी अपवाह के कारण अनेकों Deserving छात्रों का परीक्षा में काफी खराब प्रदर्शन रहा )
👉5. सरकार और आयोग के पहल से जब यह परीक्षा पूरे स्वच्छ तरीके से आयोजित किया गया तो फिर इन्हीं लोगों द्वारा ये दावा किया गया कि परीक्षा से पूर्व प्रश्न पत्र Social Media पर Viral थे।
फिर यहां के छात्रों के Emotion और भीड़ का प्रयोग करके पूरे झारखण्ड में आंदोलन किया गया और सरकार और आयोग पर दबाव बनाया गया परीक्षा रद्द करने को लेकर।। (बिना कोई ठोस सबूत के)
👉6. जब ये षड्यंत्रकारी अपने-अपने मंसूबे को हासिल नहीं कर पाए तो इस परीक्षा को रद्द करवाने हेतु BJP के घोषणापत्र में डलवा दी गई।
और पूरे चुनाव प्रचार में छात्रों से अपील करने लगे कि BJP के पक्ष में Voting करें।
✍️✍️आगे और भी कई कहानियां हैं जिसे लिखने लगें तो पूरी किताब तैयार हो जाएगी।
🎤🎤 फिर भी कुछ लोगों को ये लगता है कि येलोग छात्रों की हित के लिए काम कर रहें हैं तो मैं यही कहूंगा कि BRAIN WASHED।।।।
बाकी आपकी मर्जी चूंकि मामला न्यायालय में है तो न्याय अब वहीं से होगा और बहुत जल्द होगा।।
@AgRajivRanjan@JairamTiger@JbkssArmy@JharkhandCMO @Jlkmranchi @HemantSorenJMM@JmmJharkhand@kunalpratap86@prakashpoddarjh@KiAawaz95273
आज कोचिंग संस्थान शिक्षा के पवित्र मंदिर नहीं रह गए हैं, बल्कि वे शोषण के विशाल कारखानों में तब्दील हो चुके हैं। खासकर झारखंड जैसे राज्यों में, जहाँ हजारों आदिवासी, गरीब और पिछड़े समुदाय के बच्चे उच्च शिक्षा के सपनों को साकार करने शहरों की ओर रुख करते हैं, ये संस्थान उनके और उनके परिवार के सपनों को चूर-चूर करके मुनाफा कमाने का एक घिनौना धंधा चला रहे हैं। ये संस्थान झूठे वादों, आकर्षक विज्ञापनों और मनमोहक ब्रोशर के जाल बिछाकर छात्रों और उनके अभिभावकों को फँसाते हैं और उनसे मोटी रकम ऐंठ लेते हैं। दाखिले के समय ये संस्थान इतना आकर्षक प्रचार और ब्रेनवॉशिंग करते हैं कि पढ़े-लिखे और समझदार माता-पिता भी इनके झांसे में आ जाते हैं। छात्रों को सफलता की गारंटी, उच्च पदों पर नौकरी, एक सुनहरा भविष्य और एक आलीशान जीवनशैली का लालच देकर उनसे लाखों रुपये वसूल लिए जाते हैं, लेकिन हकीकत में उन्हें न तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलती है और न ही वादा किया गया भविष्य