We sincerely request @DFS_India and @FinMinIndia to reconsider the decision to privatise IDBI Bank and explore its merger another Public Sector Bank in IDBI Bank.
IDBI Bank’s profits should serve the public interest, strengthen public sector banking, and contribute to the nation’s economic development—not lead to the loss of a valuable national asset.
#SaveIDBIBank
@ashwani_mahajan@RahulGandhi@ProfCong@samajwadiparty@RBI@narendramodi@businessline@bsindia
#RahulNahiRukega
#SupremeCourt
बीजेपी वाले देश के लिए सफेद चादर का कफ़न लेकर आए हैं।
जब शांतिपूर्ण आवाज़ों को दबाया जाता है, तो संविधान और लोकतंत्र भी आहत होते हैं।
सोनम वांगचुक जैसे लोगों की आवाज़ दबाना, देश की आत्मा को दबाना है।
Peak Dictatorship Happening At Safdarjung Hospital By Govt
Sonam sir’s wife is not allowed to take her phone inside hospital room. His medical reports are not shared with the family. No personal lawyers or doctors are allowed to meet
श्री सोनम वांगचुक जी को ‘बल-प्रयोग’ करके, ज़बरदस्ती उनके आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय समाचार है। आज सुबह घटी ये घटना थोड़ी ही देर में पूरे देश और संपूर्ण विश्व में फैल चुकी है। सारी दुनिया और देशभर में श्री सोनम वांगचुक जी को लेकर गहरी चिंता है और भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ आक्रोश भी। जो लोग सादी वर्दी में इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए धोखे से अचानक घुसे थे, उनकी पहचान सार्वजनिक की जाए।
ये हमारी पुरज़ोर माँग है कि श्री सोनम वांगचुक जी की चिकित्सा ‘न्यायिक निगरानी’ में हो क्योंकि श्री सोनम वांगचुक जी का जीवन मानवता, पर्यावरण-संरक्षण, लोकतांत्रिक मूल्यों, युवा ऊर्जा की प्रेरणा, साइंस और इनोवेशन के लिए अनमोल है।
हमारे देश की जनता व समस्त विश्व इस समय भाजपा सरकार को संदेह और सवाल भरी संदिग्ध नज़र से देख रहा है। दमनकारी राजनीति करनेवाली भाजपा सरकार की इस अवांछनीय कार्रवाई ने इंटरनेशनल लेवल पर हमारे देश की मानवीय और डेमोक्रेटिक इमेज को बेहद धूमिल और खंडित करने का काम किया है।
भाजपा ने न कभी गांधी जी में विश्वास किया, न कभी उनके गांधीवादी तौर-तरीक़ों में।
भाजपा की नकारात्मक विचारधारा ही ‘विवाद’ की है; संवाद की नहीं।
भाजपा निराशा का पर्याय बन चुकी है।
भाजपा सरकार नहीं, अहंकार है!
भाजपा की सोच दरारवादी है, इसीलिए जहाँ भी एकता, सौहार्द और एकजुटता होती है, भाजपा डरकर प्रतिक्रियावादी बनकर आंदोलनों को तितर-बितर कर देती है लेकिन भाजपा भूल गयी है कि आज की नई पीढ़ी ‘डिजिटल यूनिटी’ के माध्यम से वैचारिक क्रांति लाने में सक्षम है. ऐसा हुआ है, हो रहा है और होगा भी…
@Wangchuk66
जब सत्ता मौन हो जाए तब सत्य की आवाज़ संघर्ष बन जाती है।
सोनम वांगचुक का शांतिपूर्ण आंदोलन हमें याद दिलाता है कि शिक्षा, पर्यावरण और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए किया गया संघर्ष केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का संघर्ष है। 🇮🇳
Do you think every coach and captain should get a full four-year term to prepare a team for the next World Cup, rather than changing leadership frequently? @JioHotstar#Cricket
@JioHotstar Question: If we're not playing on spin-friendly pitches, why are we selecting four spinners instead of an extra middle-order batter? #Cricket#INDvsENG
दिल्लीवालों के हक़ का पानी के लिए जल मंत्री @AtishiAAP जी का ‘पानी सत्याग्रह’ आज चौथे दिन भी जारी है।
इस दौरान दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्रियों ने अनशन स्थल पर ही एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न की।
#PaaniSatyagrah4thDay
उप्र में भाजपा सरकार ने ‘पुलिस व्यवस्था’ के प्रति लापरवाही भरा नज़रिया अपना रखा है, जिसकी वजह से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। एक-के-बाद-एक कार्यवाहक डीजीपी के बाद अब कुछ ‘पुलिस सेवाओं की आउटसोर्सिंग’ पर विचार किया जा रहा है। ठेके पर पुलिस होगी तो, न ही उसकी कोई जवाबदेही होगी, न ही गोपनीय और संवेदनशील सूचनाओं को बाहर जाने से रोका जा सकेगा। भाजपा सरकार जवाब दे कि जब पुलिस का अपना भर्ती बोर्ड है तो बाक़ायदा सीधी स्थायी नियुक्ति से सरकार भाग क्यों रही है?
पुलिस सेवा में भर्ती के इच्छुक युवाओं की ये आशंका है कि इसके पीछे आउटसोर्सिंग का माध्यम बननेवाली कंपनियों से ‘काम के बदले पैसा’ लेने की योजना हो सकती है क्योंकि सरकारी विभाग से तो इस तरह पिछले दरवाज़े से ‘पैसा वसूली’ संभव नहीं है। अपने आरोप के आधार के रूप में वो कोरोना वैक्सीन बनानेवाली प्राइवेट कंपनी का उदाहरण दे रहे हैं, जिसे भाजपा ने नियम विरूद्ध जाते हुए, वैक्सीन बनानेवाली एक सरकारी कंपनी के होते हुए भी, वैक्सीन बनाने का ठेका दिया और उससे चंदा वसूली की।
पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक से आक्रोशित युवाओं में इस तरह की ‘पुलिस सेवा की आउटसोर्सिंग’ की ख़बर से और भी उबाल आ गया है। आउटसोर्सिंग का ये विचार तत्काल त्यागा जाए और उप्र के युवाओं को नियमित, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सीधी नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से नौकरी दी जाए।
भाजपा कहीं किसी दिन ‘सरकार’ ही आउटसोर्स न कर दे।
#पुलिस_भर्ती
#UPP_REEXAM
उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर के स्तर पर आउटसोर्सिंग के जरिये भर्तियों पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में जिलों के अधिकारियों को पत्र भेजा गया था जो कि सोशल मीडिया पर वायरल है। भाजपा सरकार ने अग्निपथ स्कीम लाकर हमारी सेना और युवाओं का भविष्य दोनों कमजोर किया। अब यूपी पुलिस में यही खेल करने का प्रयास चल रहा है। भाजपा की सरकारें देश की हर एक संस्था को बेहतर बनाने की जगह उन्हें कमजोर करने का काम कर रही हैं।
प्रदेश पुलिस की तरफ से जो सफाई पेश की गई है, वह समझ से परे है। एक के बाद एक पेपर लीक, अग्निवीर, लाखों खाली पद और अब पुलिस भर्ती में आउटसोर्सिंग की खबरों से प्रदेश के करोड़ों युवा आक्रोशित हैं। भाजपा को सामने आकर इस बारे में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।