वाराणसी स्थित BHU के प्रतिष्ठित एवं पद्मश्री सम्मानित वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. टीके लाहिरी जी के साथ ICU में कथित दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना बेहद निंदनीय, शर्मनाक और चिंताजनक है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय राय (@kashikirai) जी के निर्देश पर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे (@raghvendralyc) जी ने BHU पहुंचकर डॉ. लाहिरी जी के स्वास्थ्य का हाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
85 वर्षीय पद्मश्री सम्मानित चिकित्सक, जिन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा, चिकित्सा और मरीजों की सेवा में समर्पित कर दिया, उनके साथ ऐसा व्यवहार न सिर्फ एक व्यक्ति का अपमान है, बल्कि चिकित्सा और शिक्षा जगत की गरिमा पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। काशी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का संसदीय क्षेत्र है और यहां केंद्र व प्रदेश की डबल इंजन सरकार है। इसके बावजूद BHU जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के ICU में भर्ती एक वरिष्ठ चिकित्सक की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित न हो पाना सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के दावों की पोल खोलता है।
कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। BHU जैसे संस्थान में अनुशासन, संवेदनशीलता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी इस मामले पर पूरी तरह नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर शासन-प्रशासन के समक्ष इसे मजबूती से उठाएगी।
मौके पर महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंचल शर्मा जी, रोहित दुबे जी, प्रिंस चौबे जी एवं आयुष पटेल जी उपस्थित रहे।
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र भी शामिल हैं।
मेरी अपील है कि NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दल हर संभव प्रयास करके हर एक छात्र तक पहुँचें, घायलों को तुरंत सर्वोत्तम संभव इलाज मिले, ताकि किसी को भी बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए।
कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। इस मुश्किल घड़ी में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं।
छात्रों का जीवन पहले ही संघर्षों से भरा था - अब हालात जानलेवा हैं। कॉलेज या विश्वविद्यालय में अच्छे हॉस्टल न होने के कारण छात्र PG में एक छत के नीचे 40-40 की संख्या में, अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं।
हर छात्र की जान कीमती है और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए।
दिल्ली विश्वविद्यालय, साउथ कैंपस के पास बिल्डिंग ढहने समाचार झकझोरने वाला है। बड़ी संख्या में लोग मलबे में फंसे हैं जिनमें कई छात्र भी हैं।
सभी की कुशलता की कामना करती हूं। ईश्वर सबको सुरक्षित रखें। प्रशासन से अपील करती हूं कि राहत एवं बचाव कार्य तेज किया जाए ताकि हर पीड़ित तक समय से मदद पहुंच सके।
NSUI और कांग्रेस के साथी मौके पर यथासंभव मदद कर रहे हैं। हमारी संवेदनाएं सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं।
सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई?
इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीज़ें माँगी थीं - शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही।
एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई।
ये अपराधी नहीं थे। ये ग़रीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे - किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे।
गोली के घाव भर जाएंगे - पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है?
प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?
महाराष्ट्र में हजारों छात्र सड़कों पर हैं, शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलनरत हैं - इसकी वजह सिर्फ एक परीक्षा या भर्ती नहीं, पूरे सिस्टम से टूट चुका भरोसा है।
चाहे वो केंद्र की हो या राज्य की, BJP सरकार से हर छात्र त्रस्त है। पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियां, शिक्षा की असहनीय लागत, हॉस्टल में अमानवीय हालात, ज़हर जैसा खाना, DBT में धोखाधड़ी...
...और अब MPSC जैसी संवैधानिक संस्था पर कब्ज़ा कर उसकी विश्वसनीयता बर्बाद कर दी है।
अपने सफल भविष्य के लिए छात्रों की हर मांग जायज़ है। सरकार उनकी आवाज़ सुनकर तुरंत कार्रवाई करे - वरना न्याय मिलने तक ये छात्रों की गूंज बढ़ती ही जाएगी।
#ChhatronKiGoonj
गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं जिनका नाम किसी ने नहीं सुना - लेकिन 4300 करोड़ का चंदा मिला!
इन पार्टियों ने बहुत ही कम मौकों पर चुनाव लड़ा है, या उनपर खर्च किया है।
ये हजारों करोड़ आए कहां से? चला कौन रहा है इन्हें? और पैसा गया कहां?
क्या चुनाव आयोग जांच करेगा - या फिर यहां भी पहले एफिडेविट मांगेगा? या फिर कानून ही बदल देगा, ताकि ये डेटा भी छिपाया जा सके?
#VoteChori
भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर सभी गुरुजनों को हार्दिक शुभकामनाएं। अपने ज्ञान, सेवा और समर्पण से आप छात्रों का भविष्य संवारते हैं और देश की आने वाली पीढ़ियों को दिशा देते हैं - आपका योगदान अमूल्य है।
आज भारत की शिक्षा व्यवस्था हमारे सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। हमें मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी है, जहां हर छात्र को समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और एक उज्ज्वल भविष्य मिले।
Teachers shape minds, nurture values and build the foundations of our nation’s future.
On #TeachersDay, we celebrate every teacher whose knowledge, patience and dedication inspire generations.
We also pay homage to Former President of India, Dr S. Radhakrishnan, an eminent philosopher, teacher and statesman whose wisdom remains timeless and forever inspiring.
Following RG’s unequivocal support to the victim, the AICC Law Department ensured the deployment of 6 counsels, led by Rishav Ranjan, to secure justice for Neeshu Azad.
Our legal team also drafted and ensured the filing of a separate complaint concerning the vile rape threats she has received over the last few days.
After detailed deliberations, Delhi Police has assured:
• Addition of appropriate provisions relating to attempt to murder & the SC/ST Act
• Arrest of Swatantra Bhardwaj within 72 hours
• A separate FIR against those responsible for the online abuse, harassment & threats
These are assurances by the police but they must now translate into prompt, demonstrable action.
Rape threats, intimidation and targeted online abuse against a woman cannot be trivialised as mere “social media incidents”. When they threaten her safety, dignity and liberty, the law must respond with its full force.
We will remain vigilant until every assurance is honoured in letter and spirit.
“हम आदिवासी हैं, RSS-BJP हमें वनवासी बनाना चाहते हैं।”
नासिक और महाराष्ट्र के आदिवासी छात्रों की लड़ाई सिर्फ़ शिक्षा, रोज़गार, हॉस्टल और खाने की नहीं - अपने वजूद और आदिवासी अस्मिता की भी है।
इन साहसी छात्रों से मिलकर खुशी हुई, जिन्होंने महाराष्ट्र सरकार के सामने डटकर अपने हक़ की आवाज़ उठाई और जीत हासिल की।
छात्रों से वादा किया है - उनके अधिकारों की हर लड़ाई में कांग्रेस और मैं उनके साथ खड़े हैं।
#ChhatronKiGoonj
सभी देशवासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे, यही मंगलकामना है।
#HappyJanmashtami
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
बिहार के उन छात्रों और युवाओं से मिला, जिन्होंने सिर्फ परीक्षा व्यवस्था में धांधली के खिलाफ आवाज़ उठाने पर भयंकर पुलिस बर्बरता झेली।
पुलिस की लाठियों, AK-47 और पिस्तौल से चली गोली ने कई छात्रों को घायल कर दिया। सेना में जाकर देश की सेवा करने की ख्वाहिश रखने वाले एक युवा का पैर AK-47 से गोली मारकर तोड़ दिया - साथ ही उनकी जिंदगी का सपना भी।
ये युवा सिर्फ निष्पक्ष अवसर, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और अपने अधिकार मांग रहे थे। ऐसी मांग पर लाठियां और गोलियां चलाने की क्या जरूरत थी?
और इतनी बड़ी बर्बरता की जिम्मेदारी सिर्फ कुछ छोटे अधिकारियों पर डालकर सरकार बच नहीं सकती। यह कार्रवाई या तो ऊपर के आदेश का नतीजा है या फिर सत्ता की घोर नाकामी।
बिहार सरकार कुछ भी कर ले मैं इन युवाओं के साथ खड़ा हूं। इनकी हर संभव मदद करने को तैयार हूं।
BJP याद रखे - युवाओं की आवाज़ दबाने वाली हर सत्ता को एक दिन जनता के सामने जवाब देना पड़ता है। वह दिन अब दूर नहीं है।
#ChhatronKiGoonj
हल्द्वानी की घटना सीधे तौर पर छुआछूत (Untouchability) का मामला है।
हल्द्वानी में शुद्धिकरण करके दलितों को संदेश दिया गया कि हम श्रेष्ठ हैं और वे नीची जाति के हैं, इसलिए Purification किया गया।
बाबासाहेब डॉ अंबेडकर जी ने वर्षों पहले महाड़ आंदोलन किया था, क्योंकि तब दलितों को जातिगत भेदभाव के कारण पानी पीने और उसके इस्तेमाल से वंचित रखा जाता था।
इसी को देखते हुए, डॉ अंबेडकर जी ने संविधान में आर्टिकल 17 शामिल किया, ताकि untouchability को ख़त्म किया जा सके।
BJP सरकार की आंखों के सामने हल्द्वानी में शुद्धिकरण की घटना हुई और उसमें कोई action नहीं लिया गया तो सोचिए देश के बाकी हिस्से में क्या होता होगा।
हल्द्वानी में हुए शुद्धिकरण के शर्मनाक मामले पर मोदी-शाह दोनों चुप क्यों बैठे हैं?
चाहे राम मंदिर में 'चढ़ावा चोरी' की घटना हो या दलितों और महिलाओं पर अत्याचार का मामला हो- ये दोनों किसी भी बुरी घटना पर कभी कुछ नहीं बोलते।
What happened in Haldwani - the public "Shuddhikaran" of our Hon’ble President, Shri @kharge - is not a partisan issue. It is a question of human dignity.
Anyone who respects that dignity should demand justice, and an FIR should be filed, without hesitation.
As Rahul ji has said, we will ensure that an FIR is filed. That is not in question.
What remains in question is the BJP's stance: will it uphold Dalit dignity, or undermine it?
Shri Mallikarjun Kharge ji has written to JP Nadda ji, reminding him of his commitment, on the floor of the House, that action would be taken against those who performed the Shuddhikaran.