हमास के हमले से सारी दुनिया दुखी है। स्वाभाविक भी है। हमला बर्बर है।
लेकिन काश 2008 से अब तक इज़रायल द्वारा मारे गए 150,000 फ़िलिस्तीनी (जिनमें 33000 बच्चे थे) लोगों पर इसका एकाध प्रतिशत दुख भी दिखा होता तो आज स्थितियाँ ऐसी नहीं बनतीं।
इज़राइल के पाप और उसमें पश्चिमी जगत की साझेदारी को स्वीकार किए बिना उस इलाक़े में शांति नहीं हो सकती।
दुर्भाग्य से एक झूठा - जुमलेबाज -आज हमारा प्रधानमंत्री है.
खुद को ऊँचा उठाने के लिए और कितना नीचे गिरोगे मोदी जी ??
#DrManmohanSingh को देश का सलाम 🇮🇳🙏
गुजरात के सेलंबा में बजरंग दल की शौर्य यात्रा में से मुसलमानों पर पत्थर फेंकनेवाले हिंदू दंगाइयों का वीडियो बनाकर शौर्य यात्रा के दंगाइयों की पोल खोलनेवाली मुस्लिम बहन के घर पर रात 12:30 बजे पहुँची पुलिस ने घर का दरवाज़ा तौड़कर घर में घुसने की बात कही? पुलिस ने वह फ़ोन भी माँगा जिस फ़ोन में वीडियो बनाई गई! पुलिस ख़ुद फ़ोन से डाटा डिलीट कर सुबूत मिटा कर लिपापोती करने में लगी है?
ये शर्मनाक है कि नरेंद्र मोदी राजस्थान आकर कम्युनल भाषण देते है
वो कन्हैयालाल की हत्या की बात करते है पर 2 दिन पहले हुई इकबाल की हत्या की बात नहीं करते
वो ये नहीं बताते यूपी में एक मुस्लिम के मरने पर जनाजे की नमाज पढ़ने वालों पर FIR हो जाती है
गुजरात चुनाव से पहले 11 दोषियों को रिहा कर दिया गया था
मध्यप्रदेश में आदिवासी पर उनकी पार्टी का नेता पेशाब कर देता है
उनका एक MP महिला पहलवानों से यौनशोषण का आरोपी है
चूल्हा मिट्टी का
मिट्टी तालाब की
तालाब ठाकुर का
भूख रोटी की
रोटी बाजरे की
बाजरा खेत का
खेत ठाकुर का
बैल ठाकुर का
हल ठाकुर का
हल की मूठ पर हथेली अपनी
फसल ठाकुर की
कुआं ठाकुर का
पानी ठाकुर का
खेत-खलिहान ठाकुर के
गली-मुहल्ले ठाकुर के
फिर अपना क्या?
गांव?
शहर?
देश?
मनोज झा की ज़ुबान से निकली ओमप्रकाश वाल्मीकि की कविता से लोगों की भावनाएँ क्यों आहत हो रही हैं ?
जातीय श्रेष्ठता में आकंठ डूबे लोगों की ही भावनाएँ आहत हो सकती है. वरना ये सदियों का सच है
“I firmly believe that the behavior that will happen here in Parliament will determine who behaves to sit here and who behaves to sit there” : Prime Minister @narendramodi
Meanwhile BJP MP @rameshbidhuri 👇
‘उग्रवादी, कटुआ, भड़वा, मुल्ला आतंकवादी !
इस तरह की गालियाँ देश की लोकसभा में BJP सांसद रमेश बिधुड़ी दे रहे है मुस्लिम सांसद दानिश अली को !
ये गालियाँ पूरे मुस्लिम समाज को दी जा रही है !
और पीछे बैठे दो बीजेपी के पूर्व मंत्री ज़ोरों से हंस रहे है!
इससे ज़्यादा और शर्मनाक बात क्या हो सकती है।
सोचिए अगर ऐसी भाषा का उपयोग किसी मुस्लिम सांसद ने किया होता तो अब तक उसका क्या से क्या हो जाता।
क्या #RSS की शाखाओं और @narendramodi जी की प्रयोगशाला में यही सिखाया जाता है? आपका कैडर जब एक चुने हुए सांसद को भरी संसद में आतंकवादी, उग्रवादी, मुल्ले…जैसे शब्दों से अपमानित करने में कोई कसर नहीं छोड़ता तो वो आम मुसलमानों के साथ क्या करता होगा? यह सोच कर भी रूह काँप जाती है।