पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने एक पॉडकास्ट में कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री रही मायावती जी ने हमे पूरी तरह से फ्री हैंड दे रखा था और आदेश दिया कि अपराधी कोई भी हो मंत्री हो विधायक हो मेरा या पराया हो किसी को बख़्शाना नहीं है।
ऐसे ही नहीं थोड़ी न बसपा की सरकार में क़ानून व्यवस्था एक दम चुस्त थी क़ानून द्वारा क़ानून का राज चलता था और इसलिए ही आज भी लोग बसपा के लॉ एंड ऑर्डर याद करते हैं।
प्रदेश की जनता को फिर से बसपा की सरकार बनाना चाहिए और मायावती जी सीएम की कुर्सी पर बिठाना चाहिए तभी प्रदेश में महिला सुरक्षा की बात होगी तभी कानून का राज स्थापित होगा।
यूपी की राजधानी लखनऊ के पड़ोसी ज़िला हरदोई में एक सरकारी अधिकारी शाहाबाद के एसडीएम श्री सुशील मिश्रा पर सरकारी निरीक्षण के दौरान दबंगों द्वारा ईंट व पत्थर आदि से किया गया जानलेवा हमला तथा उसमें उनके घायल होकर इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती होने की ख़बर है, जो दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं बल्कि अति-चिन्ताजनक भी है। ऐसी घटनाओं की रोकथाम ज़रूरी है ताकि सरकारी कार्यों में कथित भ्रष्टाचार के साथ-साथ प्रदेश को अराजक तत्वों से बचाया जा सके। सरकार व्यापक जनहित के मद्देनज़र, इस ओर ज़रूर समुचित ध्यान दे।
अपनी जान पर खेलकर डूबती लड़की को बचाने वाले सिपाही को मिलेगा 1000 का कैश इनाम, कमिश्नर करेंगे सम्मानित
जान जोखिम में डालकर एक लड़की की जिंदगी बचाने वाले रिक्रूट सिपाही दीपक सोलंकी को आगरा पुलिस कमिश्नर की ओर से एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा. फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में तालाब में डूब रही लड़की को बचाने के लिए दीपक ने बिना देर किए वर्दी में ही पानी में छलांग लगा दी थी. उनके इसी साहस और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए पुलिस विभाग ने उन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया है.
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#UttarPradesh #UPPolice #Agra
देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर के एक होटल में आज हुआ भीषण अग्निकाण्ड अति-दुर्भाग्यपूर्ण तथा इसमें काफी लोगों की हुई मौत तथा कई लोगों के घायल होने की भी घटना अत्यन्त ही दुखद। सभी पीड़ित परिवार वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदना।
ऐसी दुखद घटनाओं की रोकथाम पर केन्द्र व दिल्ली सरकार को ज़रूर विशेष ध्यान देना चाहिये ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृति ना हो सके।
यूपी के जिला मेरठ की सरधना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चिरोड़ी की लगभग 17 वर्षीय बेटी एंव राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का पाल की बदमाशों द्वारा की गई हत्या की खबर अत्यंत दुःखद एंव चिंताजनक है। यह घटना समाज को झकझोर देने वाली है। सरकार इस जघन्य अपराध में शामिल सभी दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करे, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके तथा भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृति न हो।
यू.पी. के जिला गाजियाबाद में खोड़ा के एक नौजवान युवक सूर्या चौहान की हुई हत्या की घटना अति दुखद व चिन्ताजनक। इस प्रकार की आयदिन हो रही घटनाओं की रोकथाम के लिए शासन व प्रशासन को सही कदम उठाने की जरूरत है। साथ ही इस घटना में शामिल अपराधियों की पहचान करके उन्हें कानूनी सजा जरूर दी जाए।
इसके साथ ही चुनाव का समय जैसे-जैसे नज़दीक आता जाएगा ऐसी घटनाओं के व्यापक दुष्परिणाम होंगे। अतः सरकार पूरी तरह सतर्क रहे।
गिरफ्तारी तक रिपोस्ट न रुके✊🚨
महोदय उक्त अभियुक्त का "नाम सूर्यमणि S/O प्रसाद शुक्ला" जो "गांव मिश्रौलिए इटवा" के निवासी है !!
इसके द्वारा "बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी" भारतीय संविधान" व SC समुदाय के चमार जाति पर अभद्र/आपत्तिजनक टिप्पणी कर वीडियो प्रसारित किया गया जो बेहद निन्दनीय कृत्य है,जिसके कारण लोगों में आक्रोश की भावना बढ़ती जा रही है !!
इस तरह का कृत्य न की महापुरुषों के सम्मान। के साथ खिलवाड़ है,बल्कि सामाजिक माहौल को खराब कर दंगे करवाने जैसा है !!
@digbasti जी तत्काल मामले को संज्ञान में लेकर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर गिरफ्तारी करे जिससे सामाजिक शाहौर्द बना रहे !!
Requesting to:- @siddharthnagpol@Uppolice@AdgGkr@digbasti Arrest Him ASAP 🖐️😡
हवस के पुजारी।
यूपी के सहरानपुर में विजय पंडित नामक पुजारी मंदिर
परिसर में खेल रही 10 साल की दलित बच्ची से खेड़खानी कर रहा था। डरी-सहमी बच्ची की चीख सुनकर लोगों ने पुजारी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
बस इसी बात से ब्राह्मण समाज आहत है कि भला ब्राह्मण पुजारी को पुलिस गिरफ्तार कैसे कर सकती है। ज्ञात हो कि ग्रामीण एवं बच्ची के परिजन आरोपी को लेकर देहात कोतवाली पहुंचे थे। पुलिस ने मामले की जांच की और सत्यता के आधार पर आरोपी विजय पंडित के खिलाफ POCSO Act, SC-ST Act एवं BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
लेकिन ब्राह्मणों की पीड़ा देखिए। ये लोग बच्ची के साथ छेड़खानी करने वाले पुजारी के समर्थन में हनुमान चालीसा एवं राम-राम का पाठ कर रहे हैं। इन्हें आज भी लगता है कि ऐसे घटिया एवं वीभत्स कृत्य में भी इनके राम और हनुमान इनका साथ देंगे।
ये जातिवादी एवं स्त्रीद्वेषी ब्राह्मण आज भी इस आश्चर्य में हैं कि क्या एक ब्राह्मण किसी नन्ही बच्ची के साथ भी छेड़खानी नहीं कर सकता? वह भी तब जब बच्ची दलित समुदाय से हो? भला एक दलित की इतनी हिम्मत कैसे हो गई कि वह ब्राह्मणों को बच्चियों के साथ छेड़खानी करने से रोके? इन्हें आज भी लगता है कि ब्राह्मणों के अपराध की सजा अमृत पिलाकर दी जानी चाहिए। यह देखकर मनु महाराज बहुत प्रसन्न होंगे एवं देवलोक से पुष्पवर्षा होगी।
आपने "हवस का पुजारी" बहुत सुना होगा। आज देख भी लीजिए। हवस के पुजारी सिर्फ वे नहीं हैं जो बच्चियों एवं महिलाओं के साथ दुष्कर्म अथवा छेड़खानी करते हैं, बल्कि हवस के पुजारी वे भी हैं जो ऐसे दरिंदों को संस्कारी ब्राह्मण बताकर उनके समर्थन में हनुमान चालीसा, राम नाम का जाप आदि करते हैं। ऐसे ही लोग POCSO Act एवं SC-ST Act के खिलाफ जहर उगलते होंगे।
अभी कुछ ही महीने पहले आपने इन्हें पूर्व भाजपा विधायक रेप आरोपी कुलदीप सेंगर के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए देखा होगा। सरकार एवं प्रशासन को चाहिए कि सहारनपुर में जातीय उन्माद पैदा करने वाले एवं पुलिस के काम में बाधा उत्पन्न करने वाले ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जो नेक ब्राह्मण होगा, वो बच्चियों के साथ छेड़खानी करने वाले "हवस के पुजारी" के समर्थन में कभी भी खड़ा नहीं होगा। ऐसे लोग धर्म, मंदिर एवं समाज के नाम पर कलंक हैं।
10 वर्ष की महादलित बच्च्ची की रोने की आवाज सुनकर भीड़ इकट्ठा हो गयी, देखा पुजारी अश्लील हरकत कर रहा है। भीड़ ने पुजारी को पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने बेहतरीन तरीके से जाँच करके पुजारी को हिरासत में ले लिया। ।।
इसके विरोध में पहली बार मंदिरों के कपाट बंद अथार्त हड़ताल हो रही है।
क्या कभी सुना कि ऐसा कंही मस्जिद, गुरुद्वारा, सिनेनागा(यहूदी), बुद्ध विहार, गिरजाघर में विरोध के रूप में बन्द किया गया हो?
लेकिन सहरानपुर में यह अजीब विरोध हो रहा है। इससे बेइज्जती किसकी हो रही है?
ईद अल अज़हा, अर्थात् आम बोलचाल की ज़ुबान में बक़रीद पर्व की दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीय मुस्लिम भाई-बहनों व उनके परिवार वालों को दिली मुबारकबाद तथा उनके साथ-साथ समस्त देशवासियों के ख़ुश व ख़ुशहाल ज़िन्दगी की शुभकामनायें।
सभी पर्व व त्योहार आदि पूरी शान्ति, आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ गुज़रे तो यह देश व जनहित में हमेशा बेहतर, ताकि देश-प्रदेश के विकास व यहाँ के लोगों की तरक़्क़ी पर पूरी ऊर्जा, शक्ति व संसाधन लग सके, जैसाकि बी.एस.पी. की यहाँ यूपी में रही चारों सरकारों में हमेशा से सभी सरकारों में दुर्लभ रही ’’क़ानून द्वारा क़ानून का राज’’ के तहत् पूरी तरह से सर्वसमाज-हितैषी ’सर्वजन हिताय व सर्वजव सुखाय’ की बेहतरीन सरकार रही।
दलित लड़की का रेप।
एमपी के मऊगंज मोहम्मद साकिर हुसैन नामक हैवान
ने एक दलित युवती के साथ दुष्कर्म किया, मारपीट की एवं जातिगत गालियां देते हुए मुंह न खोलने की धमकी दी।
इस घटना पर सेक्युलर जमात के मुंह पर ताला क्यों लगा हुआ है? दलित बेटियों की पीड़ा पर सब गूंगे हो जाते हैं।
बहनजी ने विपक्ष पर वार नही किया।
अब तो खुश हो न। या फिर अभी भी कोई समस्या है। बता देना, मतलब कुछ और कमी रह गयी हो तो दिमाग मे मत रखना, बाहर निकाल देना।
☺️😊😊
बहनजी कोई निर्णय अचानक नही लेती, लेकिन जो निर्णय लेना होता है उंसकी घोषणा अचानक करती है। क्योंकि निर्णय से किस प्रकार से अटैक होने की संभावना है, इसपर पूरा रिसर्च करती है।
2019 सपा से गठबंधन के समय भी बहनजी ने अंतिम समय तक घोषणा न करने का निर्णय लिया, लेकिन अति उत्साह में अखिलेश यादव ने पहले ही घोषणा कर दी जिससे भाजपा को काफी समय मिल गया, अपनी नई योजनाएं बनाने का। जिसका नुकसान सपा बसपा को उठाना पड़ा।
विकास कुमार जाटव
दलित महिला पर भयावह हमला!
अयोध्या में रमेश यादव और रंजीत यादव नामक जातिवादी गुर्गों ने जबरन जमीन कब्जाने की नीयत से दलित समुदाय की एक लाचार महिला पर जानलेवा हमला किया।
यहां के सांसद अवधेश प्रसाद स्वयं दलित हैं, लेकिन न तो उन्होंने एक शब्द बोला और न अखिलेश यादव ने।
क्या यही है आपका PDA? पीड़ित महिला फूलझरा देवी इस संबंध में पहले भी थाना और SDM को शिकायत दे चुकी हैं, लेकिन विपक्षियों के दबाव के चलते स्थानीय पुलिस प्रशासन ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
नतीजतन, रमेश यादव और रंजीत यादव ने जातिसूचक गालियां देते हुए दलित महिला पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। वह किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भाग सकी, वरना ये गुंडे उसकी हत्या भी कर सकते थे। हालांकि, इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है।
BJP के राज में जब कोई दलित न्याय मांगने जाता है, तो स्थानीय पुलिस प्रशासन उनके साथ हो रहे अन्याय पर कोई कार्रवाई नहीं करता। ऐसा लगता है मानो वे इस बात का इंतजार कर रहे हों कि जब तक दलित के साथ कोई बड़ा अत्याचार न हो जाए, तब तक कोई कार्रवाई न की जाए।
साथ ही, दिन-रात दलितों को बरगलाने के लिए PDA का नारा देने वाले अखिलेश यादव बताएं कि आखिर वे अपने समाज में जागरूकता लाने के लिए कब काम करेंगे? दलितों पर दमन और अत्याचार के मामलों में उनके सजातीय PDA वाले ही अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आते हैं। मामला जब दलित का हो, तो सारी पार्टियां एक जैसी दिखाई देती हैं। दलित समुदाय आज भी इन सबके लिए अछूत बना हुआ है। प्रशासन से हमारी मांग है कि इस मामले में सभी जातिवादी गुंडों पर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।