बिहार में फर्जी डिग्री वाले 3035 सरकारी शिक्षक बर्खास्त, वसूली जाएग�� सैलरी, 1830 पर FIR दर्ज! इस्तीफों की बाढ़
बिहार के शिक्षा विभाग ने फर्जीवाड़ा करके सरकारी सिस्टम में घुसे बैठे शिक्षकों पर अब तक का सबसे बड़ा हंटर चलाया है. विभाग ने बड़ा फैसला ले��े हुए 3,035 सरकारी शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की तैयारी पूरी कर ली है. सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले इन फर्जी शिक्षकों पर सरकार का गुस्सा यहीं नहीं थमा, अब इन सभी से अब तक उठाए गए वेतन और मानदेय की सूद (ब्याज) समेत वसूली भी की जाएगी.
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@sarviind गलत रेट हैं ये, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इससे कहीं अधिक रेट हैं,यहां कांस्टेबल के 28- 35 लाख में शादी हो रही है,भले कुछ न हो , सिर्फ नौकरी हो।
अभी एक ARTO की शादी हु���, डेढ़ करोड़ खर्चा आया।
@Bsp4u आपकी बात को मान लेगी भाजपा तो फिर व्यापारिक खून का मतलब ही क्या?
उनको तो आपदा में अवसर जैसी सोच की पार्टी है।सिर्फ इनकम चाहिए।
पार्टी की संपत्ति 2014 से अब देख लीजिए, चरित्र समझ आ जायेगा।
@akhileshsharma1 2027 में भाजपा दोगुनी ताकत से स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाएगी,और 1 साल का नुकसान भी निकालेगी।
हमारी पोस्ट को save कर लो।और जुलाई 2027 में बात कर लेना।
@RajatSharmaLive आप के अंदर आत्मा ही नहीं,तो आत्मा के सम्मान के लिए कैसे लड़ोगे?
आत्मसम्मान के लिए वो ज्ञान देता या लड़ता है, जिसमें आत्मा हो,और उसके सम्मान की फिक्र।
आप अपने चैनल पर कितना जनता का दर्द दिखाते हो?आत्मा कहां है,फिर सम्मान की बात क्यों?
@bstvlive ये महाघोटाला है,और ऐसी चीज पकड़ी है,जो मूल आवश्यकता की है।
अगला धाबा पानी पर होगा।
ये लिख लीजिए।
भोजन,शिक्षा,बिजलीपानी,चिकित्सा ये 5 चीज बेसिक नीड्स हैं,अब व्यापारियों की नज़र भोजन,पानी,बिजली पर है। शिक्षा, चिकत्सा पहले से ही व्यापारिक हो चुकी है
@bstvlive ये महाघोटाला है,और ऐसी चीज पकड़ी है,जो मूल आवश्यकत��� की है।
अगला धाबा पानी पर होगा।
ये लिख लीजिए।
भोजन,शिक्षा,बिजली,पानी,चिकित्सा ये 5 चीज बेसिक नीड्स हैं, अब व्यापारियों की नज़र भोजन,पानी,बिजली पर है। चिकित्सा और शिक्षा को पहले ही व्यापारिक रूप दिया जा चुका है।
@JagranNews भाजपा की लूट में तो जगह है।
कांग्रेस 70 साल में न खाई होगी,उतना बीजेपी 10 साल में कमा कर बैठी है।
देश की जनता को अपनी औकात 10 साल बाद पता चलेगी। जब 2.50 लाख वाला घर भी नहीं रहेगा।आर्थिक केंद्रीकरण बहुत घातक होगा देश के लिए।
@DainikBhaskar प्रीपेड स्मार्ट मीटर की घरेलू उपभोक्ताओं के लिए जरूरत ही क्या है?
यदि उनको बकाया फंसने का डर है,तो एक निश्चित राशि और समय निर्धारित दिन के बाद बिजली काट दें।
हर व्यक्ति को पता है कि उसकी खपत कितनी है,लेकिन बिल बेहतशा बढ़ा लूट कर रहे हैं।महाघोटाला है ये बिजली कंपनियों का।
@myogioffice प्रीपेड मीटर ने आम जनता को हालत इतनी खराब कर दी है कि बस जनता सिर्फ बिजली के लिए ही कमा पा रही है।
2 किलो वॉट पर पहले जो खर्चा 500-700/माह था,वो ��ीधा 3-4000 तक जा रहा है।और फिर बजली काट देना।