@Tandavpatel@SushantBSinha@narendramodi उन्होंने नहीं बनाया ये तो सरदार पटेल थे जिन्होंने निजाम हैदराबाद को पैजामे में मूतने को मजबूर कर दिया था। नेहरू ने कश्मीर को अपनी मुट्ठी में दबा लिया तो ऐसा नासूर दे गये कि अभी तक चालीस हजार जवान मारे जा चुके हैं और आगे भी कितने मरते रहेंगे उसकी कोई गिनती नहीं है। यदि कश्मीर भी
@epanchjanya यह प्रक्रिया पूरे देश में चलानी पड़ेगी अन्यथा धर्म के नाम पर ऐसी हत्याएँ होती ही रहेंगी। जैसे भी बने उनके मंसूबों पर लगाम लगानी ही होगी, क्योंकि इस मजहब में यही एक बहुत बड़ी बुराई है कि यह सारी दुनिया के दूसरे धर्म के लोगों को मार डालना चाहता है। यह ऐसी इजाजत देता है
@SaddaBharat जैसा आप कह रहे हैं वैसा बिल्कुल भी नहीं है लोग बात का बतंगड़ बना देते हैं। कभी किसी बात को लेकर भले कुछ हुआ होगा लेकिन इतना अधिक मनमुटाव नहीं है।
@GSmaurya17@SushantBSinha@grok दीदी ला रही हैं सीटें दीदी सरकार बनाने जा रही हैं यह तो तीन बार से हो ही रहा है यह कोई नई बात नहीं है यदि कुछ नया होने जा रहा हो तो बताओ वरना पीसे को दोबारा पीसने का क्या मतलब? सुशान्त जी ने आपसे आपका ख़ुद का ओपिनियन माँगा है उसे आप बता सकते हैं।
@Ritika_r8 आखिर धैर्य का बाँध टूट ही गया। छुप-छुपकर कब तक मिलते रहते घरवाले और बाहर वाले दोनों नाक़ में दम किए हुए थे तो उन्होंने सोचा कि जब प्यार किया तो डरना क्या? खुलकर खेला जाए, यह आग कब तक दबाए रखें अब धू-धू करके जलने दो। बम-बम कर दिया मास्टर साहब ने।
@AshrafFem आपने कैसे जाना कि हमलावर हिन्दू गुण्डे थे। जब जाँच हो रही है तो आप चुप तो रह सकते हैं। आपसे जब पूँछा जाए तो जो कुछ आपने देखा हो वही सच-सच बतायें। मुझे तो मालूम ही है कि मुसलमानों पर हुए किसी भी हमले का गुनहगार तो हिन्दू ही होगा ना। नाम आयेगा हमारा ये कहानी फिर सही।
@khansameer_0011 पूरी दुनिया में यदि कोई सबसे ज्यादा कमीनी क़ौम है तो वह मुसलमान हैं, जो अपनी चचेरी बहनों तक को नहीं छोड़ते बाकायदे उनसे शादी करते हैं वो हिन्दुओं की लड़कियों को कभी बख्शेंगे भला। हिन्दुओं की ईदी कैसे हुई? इस ईद से उन्हें क्या लेना-देना जो उनसे ईदी माँग रही हैं।
@saccha_bhakt7@janardanspeaks बहुत ही घटिया विचार हैं। मैं ब्राह्मण हूँ इसलिए नहीं कहता हूँ,क्योंकि सारा दोष केवल ब्राह्मणों के सिर पर मढ़ देना कहाँ का न्याय है?ब्राह्मणों के त्याग और बलिदान को भी देखिए, उनके ज्ञान का सम्मान उन्हें कभी नहीं मिला फिर भी वे राष्ट्रसेवा में कभी पीछे नहीं रहे,तब वो गुनाहगार हैं?
@janardanspeaks कुछ लोग सत्ता को साधे रहकर सन्तुलन बनाए रखते हैं।वो न भाजपा के हैं और ना ही किसी दूसरे पार्टी के।रजत शर्मा को अभी तक ऐसा ही देखा गया है कि वे खुलकर हिन्दुत्व की लाइन को सपोर्ट नहीं करते।वो आपकी अदालत में तीखे सवाल सभी से करते हैं वो चाहे काँग्रेसी हो, भाजपाई हो या फिर कम्युनिस्ट।
@janardanspeaks भाई बहुत अच्छे,थोड़े में बहुत कुछ कह गए।जब भी कोई आतंकवादी मरता है तो तुरन्त उसका धर्म बताने वाले राँड़-रोवन करने लगते हैं तब पता चलता है कि मरने वाले का धर्म इस्लाम है।वैसे दुनिया में चाहे जो कुछ होता रहे इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।बाँग्लादेश में भी हिन्दू मारे गए मगर सब चुप रहे
@janardanspeaks अरे बल्ले बल्ले कर दिया चीफ जस्टिस साहब ने बस पूछो मत मजा आ गया। अब सवर्णों को एक सुरक्षा कवच मिल जाएगा, बिना किसी कारण झूठे केस में फँसने से सवर्ण बच जायेंगे।
@Gobhiji3काँग्रेस ने मोदी को खून के आँसू रुलाये क्योंकि सत्ता की चासनी में हमेशा डूबी रहने वाली काँग्रेस को दिल्ली की गद्दी पर एक चायवाला बैठे यह बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं था और ना है।काँग्रेस की यही नीति रही है उसे तो लालबहादुर शास्त्री भी मंजूर नहीं थे तभी तो उन्हें भी ऊपर पहुँच
@Gobhiji3 काँग्रेस ने मोदी को खून के आँसू रुलाये क्योंकि सत्ता की चासनी में हमेशा डूबी रहने वाली काँग्रेस को दिल्ली की गद्दी पर एक चायवाला बैठे यह बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं था और ना है। काँग्रेस की यही नीति रही है उसे तो लालबहादुर शास्त्री भी मंजूर नहीं थे तभी तो उन्हें भी ऊपर पहुँचा दिया
@singh_kikki किसी भी बीमार महिला को लेडी डॉक्टर के पास ही लेकर जाना चाहिए।आप क्यों किसी पुरुष वो भी एक मुस्लिम डॉक्टर के पास लेकर गईं?कोई महिला मरीज के साथ गईं हो या पुरुष जब डॉक्टर कहे कि आप बाहर बैठो तो भी आपको मरीज के साथ अन्दर जाना चाहिए जहाँ वह डॉ. और महिला अकेले ना रह सकें।
@singh_kikki किसी भी बीमार महिला को लेडी डॉक्टर के पास ही लेकर जाना चाहिए। आप क्यों किसी पुरुष वो भी एक मुस्लिम डॉक्टर के पास लेकर गईं? कोई महिला मरीज के साथ गईं हो या पुरुष जब डॉक्टर कहे कि आप बाहर बैठो तो भी आपको मरीज के साथ अन्दर जाना चाहिए जहाँ वह डॉ. और महिला मरीज अकेले ना रह सकें।
@lakhan_var@ocjain4 सच्चाई थी तो खाली क्यों खड़ा था बिना किसी प्रूफ के।दोनों हाथ खाली थे।विपक्ष कभी इतना कमजोर नहीं रहा जितना आज था।आप केवल बातें करते हैं विद प्रूफ क्यों नहीं आते।तैयारी से आयेंगे नहीं और कहते हैं कि मोदी डर गए थे।डर नहीं गए थे चट्टान की तरह मजबूत होकर जमे हुए थे आप कुछ नहीं कर सकते
@dinssm59@ocjain4 बहुत खुश होने की जरूरत नहीं है, राहुल गाँधी को हमने भी सुना है संसद में भी नियमों के तहत बात होती है। स्पीकर ओम बिरला जी ने कहा कि व्यक्तिगत आरोप आप लिखित में दीजिए तो हिम्मत नहीं हुई गधे की। पूरा विपक्ष शर्मसार हुआ कि विपक्ष का लीडर आज कितना असहाय खड़ा था बिना किसी प्रूफ के।