आप क्या समझते हैं कि अदिति यादव , आम लडक़ी है ! उसकी शक्ल, आंख , नाक , कान सब अखिलेश यादव से मिलते जुलते है, अदिति बिल्कुल अपने पिता जैसी दिखती है ! अपनी मां डिंपल यादव के लिए चुनाव प्रचार कर चुकी है ! GenZ में भी NEXT Genretion है।
इस दुष्प्रचार से उस पर या उसके परिवार पर कोई असर नही पड़ेगा, वो पोलिटिकल अवेयर लड़की है,आजकल थोड़ी सक्रिय दिखाई दी थी तो विरोधियों की कुछ सांसे उखड़ गई ! यह है बहुत नीच हरकत ! मगर यह Character assisition नया नही है। अदिति पर कोई फर्क नही पड़ेगा। विपक्ष के नेता इसके लिए मनोवैज्ञानिक रूप से तैयार रहते हैं।
क्योंकि वो जानते हैं कि राहुल गांधी को पप्पू कहकर , उनकी मां सोनिया गांधी को इटालियन कहकर, उनके खराब फ़ोटो बनाकर वायरल कर, नेहरू जी के झूठे फ़ोटो बनाकर दुष्प्रचार कर , अखिलेश यादव को टोंटी चोर बताकर ,प्रवक्ताओं तक से टीवी चैनल पर कहलाकर यह सब होता रहा है।
मगर बच्चों को इसके बीच घसीटना घटिया तो है ही नीचता की परकाष्ठा है ! अदिति यादव में योग्यता है ! वो अखिलेश यादव का 'फीमेल वर्जन' है ! मनोबल तोड़ने की कोशिश हो रही है ! अदिति के बढ़ते कदम किसी को परेशान कर रहे हैं, 2027 में उनके चुनाव प्रचार में निकलने और युवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को रोकने की साजिश हो रही है। इस साजिश की जड़ तक जाकर कार्रवाई होनी ही चाहिए।
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#aditiyadav
किसी विधान सभा क्षेत्र की मतदाता सूची यानी Electoral Roll (known as Voter List in common parlance ) अनेक भागों (Parts) में विभाजित होती है। मतदाता सूची के एक भाग में दर्ज समस्त मतदाताओं को मतदान करने के लिए एक ही मतदेय स्थल ( Polling Station) पर आना होता है । निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा मतदाता सूची के एक भाग को अनेक अनुभागों (Section) में विभाजित किया जाना होता है । एक पृथक अनुभाग उस भौगोलिक क्षेत्र हेतु बनाया जाता है जिसको पृथक से साफ़-साफ़ चिन्हित किया जा सके। उदाहरण के तौर पर - एक गली में स्थित मकानों में रहने वाले मतदाताओं का नाम मतदाता सूची के किसी भाग के एक ही अनुभाग में दर्ज होना चाहिए। एक मतदेय स्थल पर दर्ज मतदाताओं की संख्या भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानक संख्या से अधिक होने पर मानक संख्या से अधिक मतदाताओं को दूसरे मतदेय स्थल पर स्थानांतरित किया जाता है। पूर्वकाल में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी यानी ERO द्वारा मतदाता सूची के भागों को सही ढंग से अनुभागों में विभाजित नहीं करने के कारण मतदेय स्थलों का सम्भाजन (Rationalization) करते समय ( अर्थात मतदाताओं के नामों को एक मतदेय स्थल से दूसरे मतदेय स्थल पर स्थानांतरित करते समय) बहुधा एक ही परिवार के मतदाताओं के नाम अलग-अलग मतदेय स्थलों पर स्थानांतरित कर दिए गए। एक ही इमारत में रहने वाले मतदाताओं के नाम अलग-अलग मतदेय स्थलों पर स्थानांतरित कर दिए गए। एक ही गली में रहने वाले मतदाताओं के नाम अलग-अलग मतदेय स्थलों पर स्थानांतरित कर दिए गए। इस प्रकार स्थानांतरित किए गए मतदाताओं को इस बात की जानकारी निर्वाचन में मतदान के दिन ही हो पाती है और उन्हें मतदान के दिन अपने सही मतदेय स्थल पर पहुँचने में अनावश्यक परेशानी होती है। ऐसी त्रुटि इसलिए होती है क्योंकि ERO द्वारा मतदाता सूची के भागों को सही ढंग से अनुभागों में बाँटा नहीं जाता है। उत्तर प्रदेश में स्थित विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में अनेक भागों में आज के समय केवल एक ही अनुभाग विद्यमान् है जो सही नहीं है ।उत्तर प्रदेश की मतदाता सूचियों में दशकों से विद्यमान् इस गंभीर कमी को समयबद्ध तरीक़े से ठीक करने के निर्देश उत्तर प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs ) को और सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (EROs) को दे दिए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी गोरखपुर द्वारा इस संबंध में जिस प्रकार त्वरित ढंग से कार्रवाई प्रारंभ की गई है उसी प्रकार प्रदेश के अन्य सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को शीघ्रता से यह कार्य बिना कोई विलंब किए आरंभ कर देना चाहिए। ऐसा विश्वास है कि अपने ज़िले के मतदाताओं को मतदान के दिन होने वाली अनावश्यक असुविधा से बचाने के प्रति संवेदनशील DEOs द्वारा यह कार्य शीघ्रता से पूर्ण करा लिया जाएगा। @samajwadiparty@BJP4UP@INCUttarPradesh@bspindia@AamAadmiParty@cpimspeak@ApnaDalOfficial@ECISVEEP
RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन जी ने की 'केजरीवाल मॉडल' की तारीफ 🙌💯
"दिल्ली सरकार से सीखना चाहिए,
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के स्कूल बेहतर किए और अब सरकारी स्कूल के Results, Private स्कूलों के बराबर हैं।"
इसी 'काम की राजनीति' से तानाशाह डरता है 🔥💯
इलाहबाद हाईकोर्ट ने यूपी में गुंडा एक्ट के दुरुपयोग पर चिंता जताई है. कोर्ट ने कहा कई अधिकारी इस एक्ट में मिली शक्तियों का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 31अक्टूबर तक गुंडा एक्ट की गाइडलाइंस जारी करने का आदेश दिया है. इसके साथ ही अदालत ने कहा कि गुंडा एक्ट की कार्यवाही में पूरे प्रदेश में एकरूपता का सभी जिलों के डीएम (DM) कड़ाई से पालन करें.