चिकित्सक ही आमरण अनशन पर चले जाएं और स्वयं की तबीयत खराब होती रहे तो आप सोच सकते है उस राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था किस तरीके से चरमरा जाएगी
सरकार से मांग है अपनी हठधर्मिता छोड़ते हुए चिकित्सकों की मांग पर त्वरित विचार करें।.
#justicetoMedicalOfficer#MO_Seat_Increase_4500
"अगर चिकित्सक ही आमरण अनशन पर चले जाएं और उनकी स्वयं की तबीयत लगातार खराब होती रहे तो आप अंदाजा लगा सकते हैं उस राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था किस तरीके से चरमरा जाएगी"
सरकार से मांग है की आम नागरिको के लिये अपनी हठधर्मिता छोड़ते हुए चिकित्सकों की मांग पर त्वरित विचार करें।
एक तरफ सरकार राइट टू हेल्थ बिल ला रही है और डॉक्टरो की बात सुनने और उनकी राय लेने की बात कर रही है, पर वहीं डॉक्टर जब मिलने जाते है तब उनकी बात नहीं सुनी जाती और ना उनकी मांगों पर गौर किया जाता है ऐसा व्यवहार कब तक चलेगा
@1stIndiaNews@ashokgehlot51@plmeenaINC@zeerajasthan_
@ashokgehlot51 जी हम आपके राइट टू हेल्थ बिल का स्वागत करते हैं लेकिन असली मायने में राइट टू हेल्थ बिल का फायदा जनता को तभी मिलेगा जब हर गांव ढाणी में डॉक्टर पहुंचेगा ये तभी संभव है जब चिकित्सा अधिकारी भर्ती 2022 में पद बढ़ाए जाएंगे।
@1stIndiaNews@ml_vikas
अलवर में सरकारी हॉस्पिटलो में डॉक्टरो की कमी को पूरा करने कि लिए गाँव वाले धरने पर ! #गाँव में जाने के लिए डॉक्टर #तैयार है!! आखिरकार सरकार चाहती क्या है?
बेरोजगार डॉक्टर्स सरकारी नौकरी के लिए स्वास्थ्य भवन जयपुर के सामने पिछले 4 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं उनकी तबियत नाज़ुक बनी हुई है ,इनके बारे में कोई सोचेगा, पीएचसी ,सीएचसी बनाने से कुछ नहीं होता उन पर डॉक्टर्स भी चाहिए ,सभी पीएचसी सीएचसी पर डॉक्टर्स की पोस्ट्स खाली पड़ी है
सच है, विपत्ति जब आती है,
कायर को ही दहलाती है,
सूरमा नहीं विचलित होते,
क्षण एक नहीं धीरज खोते,
विघ्नों को गले लगाते हैं,
काँटों में राह बनाते हैं।
- रामधारी सिंह दिनकर
5 डिग्री तापमान में हेलमेट लगाए हुए और फर्श पे नींद के साथ आमरण अनशन को अंजाम देते प्रदेश के युवा चिकित्सक।