The Wire Special Correspondent @IRFANfromSlums, who was detained while reporting at Jantar Mantar, was released at night after several hours in detention
राजनीति के गलियारों के साथ-साथ, न्यायालय के गलियारों में भी हम कदम बढ़ा चुके हैं। विधायिका का अनुभव तो है, कार्यपालिका की कार्यशैली का भी अनुभव है। विधायिका एवं कार्यपालिका के बीच की कश्मकश में फंसी जनता के लिए अब न्याय की गुहार भी लगाऊँगी।
जनता जनार्दन पर किए गए हर अन्याय एवं प्रताड़ना के ख़िलाफ़ पहले भी आवाज़ उठाती थी और अब क़ानूनी लड़ाई भी लड़ूँगी।
आपकी अम्बा आपलोगों के आशीर्वाद से AIBE की परीक्षा पास कर गई है ।
ये रितिका चोपड़ा हैं।इंडियन एक्सप्रेस की शानदार पत्रकार। जिन्होंने ज्ञानेश कुमार की पोल खोल दी।
रितिका चोपड़ा ने मीडिया नाम की मरती हुई संस्था को ज़िंदा कर दिया है।
इनके सम्मान में दो शब्द तो लिख दीजिए प्लीज़।
न्यूज 24 से दबाव में इस्तीफा देने वाली ईमानदार पत्रकार गरिमा सिंह ने वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ज़बरदस्त रिपोर्टिंग करते हुए आइना दिखाया ,
गरिमा सिंह तुम भारत क़ी गरिमा हो , सलाम है आप को ऐसी पत्रकारिता के लिये ,
सरकार ने शपथ पत्र में JSSC-CGLपरीक्षा रद्द करने के समर्थन में दिए ये 10 मुख्य हवाले.
1. पूरी परीक्षा प्रक्रिया दूषित होने का दावा- सरकार ने कहा कि CGL परीक्षा की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो चुकी थी, इसलिए निष्पक्ष तरीके से सफल और गड़बड़ी के जरिए सफल अभ्यर्थियों को अलग करना मुश्किल है।
2. सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला - सरकार ने कहा कि ऐसी स्थिति में सुप्रीम कोर्ट के तय सिद्धांतों के आधार पर पूरी परीक्षा रद्द की जा सकती है।
3. वानशिखा बनाम केंद्र सरकार मामले का उल्लेख- शपथ पत्र में सुप्रीम कोर्ट के इस मामले में दिए गए उस सिद्धांत का हवाला दिया गया है, जिसमें परीक्षा की पूरी प्रक्रिया दूषित होने पर परीक्षा रद्द करने की बात कही गई है।
4. CID जांच के निष्कर्षों का आधार — सरकार ने कहा कि CID जांच में सामने आए तथ्यों से परीक्षा प्रक्रिया के बड़े स्तर पर प्रभावित होने की जानकारी मिली है।
5. ICN टेक्नोलॉजी की भूमिका पर सवाल - परीक्षा के गोपनीय काम, जैसे प्रश्नपत्रों की छपाई और केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ICN टेक्नोलॉजी को दी गई थी। सरकार ने एजेंसी की भूमिका में गंभीर अनियमितताओं की बात कही है।
6. 28 लोगों की गिरफ्तारी और 265 को नोटिस- सरकार के अनुसार मामले में ICN टेक्नोलॉजी के CEO सोमांश प्रकाश समेत 28 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि जांच के दौरान 265 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।
7. पैसे लेकर सवालों के जवाब रटाने का आरोप- शपथ पत्र में कहा गया कि पैसे लेकर अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले सवालों के जवाब रटाए गए थे।
8. कई राज्यों और शहरों में गड़बड़ी का उल्लेख- जांच में नेपाल के अलावा आसनसोल, कोलकाता, बिहार, झरिया और बोकारो के अलग-अलग केंद्रों पर अभ्यर्थियों को जवाब रटाए जाने की जानकारी मिलने का दावा किया गया है।
9. पैसों के लेन-देन के सबूत और नेपाल के 10 सफल अभ्यर्थी- सरकार ने कहा कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों और एजेंसी से जुड़े लोगों के बीच पैसों के लेन-देन के सबूत मिले हैं। नेपाल में जवाब रटाए गए 28 अभ्यर्थियों में से 10 के CGL में सफल होने का भी उल्लेख किया गया है।
10. नियुक्ति पत्र में CID जांच का उल्लेख - सफल अभ्यर्थियों को दिए गए नियुक्ति पत्र में पहले ही स्पष्ट किया गया था कि उनकी नियुक्ति CID जांच के परिणाम से प्रभावित होगी। बाद में जांच के आधार पर पूरी प्रक्रिया दूषित पाए जाने के बाद कैबिनेट ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।
झारखंड की बेटी सुनिता ने खेल में गोल्ड मेडल जीता, देश का नाम रोशन किया। लेकिन आज वही खिलाड़ी स्टेडियम में झाड़ू लगाने को मजबूर हैं। यह देखकर सच में बहुत दुख होता है।
इस पोस्ट को इतना शेयर कीजिए कि यह बात सुनिता तक जरूर पहुँचे।
#Sunita#Jharkhand#JharkhandKiBeti#WomenInSports #IndianAthlete #SportsIndia
झारखंड सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री मेरे बड़े भाई सुदिव्य कुमार जी के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। उनका यूं अचानक चले जाना मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से एक गहरी और अपूरणीय क्षति है। दो माह पहले ही उनसे सुखद मुलाकात हुई थी। आज उनकी स्मृतियां मन को बेहद व्यथित कर रही हैं। विनम्र श्रद्धांजलि।
@kumarsudivya@HemantSorenJMM@JmmJharkhand@JMMKalpanaSoren
JSSC- CGL मामले की जाँच कर रही CID ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में संलिप्त दो मुख्य आरोपियों, सोमेश प्रकाश और राहुल को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों आरोपी वेबएल कंपनी में परीक्षा प्रक्रिया के तकनीकी और प्रबंधकीय कार्यों से जुड़ी एजेंसी ‘वेबेल’ के लिए काम देखते थे.
मोदी जी ! देख रहे है आप क्या हाल बना दिया है आपने देश का। शर्म आ रही है ये वीडियो देखकर।
एक छह साल के बच्चे को आपकी पुलिस प्रताड़ित कर रही है सिर्फ इसलिए कि उसने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की माँग वाला पोस्टर पकड़ा रखा था।
बेहद शर्मनाक है ये। बेहद शर्मनाक।
FRO और ACF भर्ती परीक्षा को रद्द करने का सरकार का फैसला बरकरार रहेगा, अगली सुनवाई 24 सितंबर को
सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में JPSC की FRO और ACF भर्ती परीक्षा मामले में अहम सुनवाई हुई। फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर और असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट भर्ती परीक्षा मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार को काउंटर एफिडेविट दायर करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तिथि निर्धारित की गई है। गौरतलब है कि इन दोनों परीक्षाओं में फिलहाल नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है।
कल बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत हेहल स्थित मां छिन्नमस्तीके सीमेंट एंड इस्पात फैक्ट्री के टरबाइन क्षेत्र में furnace blast के कारण 23-24 उम्र के 3 इंजीनियरों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई और एक इंजीनियर के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है।
उक्त घटना की सूचना पाकर मैं स्वयं घटना स्थल पर पहुंची तथा मृतकों एवं घायलों के परिवारजनों से मुलाकात कर, जिला प्रशासन एवं कंपनी प्रबंधन के शीर्ष लोगो से मैंने ख़ुद बातचीत की और मृतकों के परिजनों को 51 लाख रुपए मुआवजा एवं घायलों के परिजनों को 30 लाख मुआवज़ा सुनिश्चित करवाई। तत्पश्चात घायलों के और बेहतर इलाज के लिए मैंने स्वयं उचित व्यवस्था हेतु पहल की ।
रामगढ़ के उपायुक्त महोदय ने भी इस बात की पुष्टि की है कि यदि कंपनी प्रबंधन तय मुआवजा की राशि परिजनों को उपलब्ध नहीं कराती है तब तक कंपनी बंद रहेगा और उसको चालू नहीं होने दिया जाएगा।
वार्ता समाप्त होने व सब कुछ तय होने के बाद पीड़ित पक्षों को BJP पार्टी द्वारा ये कहकर बुलाया गया कि तय मुआवजा की राशि से अधिक मुआवज़ा BJP पार्टी के वर्तमान विधायक दिलाएँगे, इसके बाद पीड़ित पक्ष भी BJP के बातों का भरोसा कर लिए।
वार्ता एवं अन्य सभी प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद मैं कुछ देर रुकी रही उसके बाद निकल गई तत्पश्चात जानकारी में यह आया है कि पीड़ित पक्ष को मुआवजा के नाम पर मात्र 30 लाख रुपए की राशि दी गई जबकि कंपनी शुरू से इसी राशि को देने के लिए तैयार थी, हमारे प्रयास एवं लगातार दबाव के बाद कंपनी प्रबंधन को 30 लाख के बजाय 51 लाख प्रति मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने की लिए विवश कर दिया गया था।
मृतकों एवम घायलों के परिवारजनों के साथ BJP पार्टी एवम कंपनी प्रबंधन के मिलीभगत से की गई धोखाधड़ी से मुझे बेहद दुख पहुँचा है। मानवीय एवं राजनैतिक संवेदनशीलता नाम की कोई भी चीज़ BJP पार्टी में है कि नहीं ये मुझे पता नहीं, लेकिन यह तो बिल्कुल स्पष्ट है कि स्थानीय विधायक में तो बिल्कुल ही नहीं है।