दिनेश त्रिवेदी होंगे बांग्लादेश में भारत के नए उच्चायुक्त
डिप्लोमैट की जगह राजनीतिक चेहरे को मोदी सरकार ने दिया मौका
यह फैसला सिर्फ एक नियुक्ति नहीं बल्कि भारत की कूटनीतिक रणनीति में बदलाव का संकेत भी माना जा रहा है। आमतौर पर वि��ेश मंत्रालय ऐसे पदों पर भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारियों को भेजता है, लेकिन इस बार सरकार ने एक अनुभवी राजनीतिक नेता पर भरोसा जताया है। नरेंद्र मोदी सरकार का मानना है कि त्रिवेदी जैसे अनुभवी नेता बांग्लादेश जैसे संवेदनशील पड़ोसी देश में रिश्तों को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं।
दिनेश त्रिवेदी पहले UPA सरकार में रेल मंत्री और स्वास्थ्य राज्य मंत्री रह चुके हैं और लंबे समय तक अखिल भारतीय त��णमूल कॉन्ग्रेस से जुड़े रहे। साल 2021 में उन्होंने पार्टी छोड़कर BJP जॉइन की थी।
यह नियुक्ति भारत और बांग्लादेश के रिश्ते हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद सुधार के दौर में हैं। भारत अब अपने पड़ोसी देशों में मजबूत और प्रभावशाली प्रतिनिधि भेज रहा है, ताकि ��ूटनीतिक मामलों को ज्यादा सीधे और प्रभावी तरीके से संभाला जा सके। त्रिवेदी का अनुभव और राजनीतिक समझ आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
103 मंजिल पर खड़े हैं कांच के भरोसे नहीं भगवान के भरोसे - अनिरुद्धचार्य
चल फिर 103 मंजिल से नीचे कूद कर दिखा बिना पैराशूट के भगवान के भरोसे भगवान तुझे बचा लेंगे बाबा चिलगोजा,
फिर हम मानेंगे।
फ़्रांसीसी राष्ट्रपति दिन की तमाम मीटिंग्स के बाद अब मुंबई के CST रेलवे स्टेशन घूमने निकले है।
भारत और इन देशों के नेताओं में ये एक मूलभूत फर्क है-
ये दुनिया पर राज करने के बावजूद आज अपने लोकतंत्र में सामान्य नागरिक की तरह रहना पसंद करते है।
पर भारत का छोटे से छोटा नेता भी बाद सामान्यता ही पसंद नहीं करता, दिखावेपन पर ही प��रा फोकस है।
उन्होंने सामंतवाद का दिखावा त्याग दिया, हमारे वाले उसे ढोने में ही लगे हुए है।
गौतम गंभीर हमेशा से पाकिस्तान के ख़िलाफ़ चढ़कर रहते थे
कोच बनने के बाद टीम में भी वही माहौल बना दिया है🔥
कप्तान सूर्यकुमार यादव का आग उगलता बयान सुनो
- ये BCCI नहीं बल्कि टीम का फैसला था कि मोहसिन नकवी के खून से सने हाथों से Asia Cup ट्रॉफी नही�� लेंगे
कप्तान साहब🔥
आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को स्वदेशी इंटरनेट ब्राउजर जोहो से जुड़ने की घोषणा की। उन्हो���ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स से एक वीडियो पोस्ट करके ये जानकारी दी।
वैष्णव ने लिखा कि मैं अब जोहो पर शिफ्ट हो रहा हूं। यह हमारा अपना स्वदेशी प्लेटफार्म है, जहां दस्तावेज, स्प्रेडशीट और प्रेजेंटेशन बनाए जा सकते हैं। जोहो के संस्थापक श्रीधर वेंबू ने वैष्णव का आभार व्यक्त किया और कहा कि इससे हमारे इंजीनियरों को प्रोत्साहन मिलेगा, जो पिछले दो दशकों से दिन-रात एक करके उस उत्पाद को ��ैयार करने में जुटे थे।
#Zoho #AshwiniVaishnaw
भारत का Gen Z आधी रात 12 बजे से ही लाइन में लग गया था।
दोपहर तक लाइन में लगने के बाद iPhone मिलने शुरू हो गए हैं। इनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं है। इन साहब ने तो दो-दो ख���रीदी है। बहुत ख़ुश हैं।
राहुल गाँधी को लगता है कि उनके कहने पर ये #GenZ क्रांति करेगी।