मोदीवतनमुसलमान क्या होता है मोहतरमा !
क्या बतायेंगी आप ?
यह किसी के बाप का अकेले का वतन नहीं है कि पाँच दस बरस के लिए सत्ता की कुर्सी पर बैठ जाओ तो वतन तुम्हारे अकेले का हो जायेगा!
भारत और इण्डिया संवैधानिक नाम हैं !
आर्यावर्त और हिन्दुस्तान जैसे नामों पर भी अभी पूर्ण सहमति नहीं बनी है और आप जैसी बिगड़ी हुई पत्रकार महोदया अच्छे भले देश का नाम "मोदीवतन" या "मोदिस���तान" क्यों कहना चाह रहीं हैं ?
क्या "भारत" नाम अच्छा नहीं लगता या फिर "इंडिया" कहने से TRP न मिलती ?
और एक बात
मोदीवतनमुसलमान ही क्यों मोदीवतनहिन्दू ओर मोदीवतनदलितबहुजन क्यों नहीं ?
रोजी रोटी हक की बातो पर बातें क्यों नहीं मुद्दों को ऐसे क्यों टाइटल देती हो कि लगे हिन्दू मुस्लिम डिवाइड हैं अलग अलग मुद्दे हैं इनके!
रोजी रोटी रोजगार शिक्षा स्वास्थ के अधिकार पर चर्चा न तो तुम्हारे आका करते हैं न ही तुम मोहतरमा !
सुधर जाओ! अभी बहुत कुछ बिगड़ना बाकी बचा सको तो बचा लो !
बाकी मीडिया को तो लोग गोदी और भाड़ मीडिया कहने ही लगे हैं ! है कि नहीं !
जब 2024 के चुनाव का इतिहास लिखा जाएगा..तो दर्ज किया जाएगा..कि सत्ता से डरे हुए उत्तर भारत के विपक्ष ने..वोटिंग से 14 दिन पहले तक कोई इंडीवीजुअल चुनावी रैली नहीं की..जब 2024 के चुनाव का इतिहास लिखा जाएगा..तो लिखा जाएगा की एक-दो पार्टियों को छोड़कर बाकी सभी पार्टियां सत���ता धारी पार्टी की बी टीम की भूमिका में दिखाई दे रही थीं...
जब 2024 के चुनाव का इतिहास लिखा जाएगा..तो लिखा जाएगा..कि 2024 के चुनाव में जो पार्टियां विपक्ष में थीं..उनमें एक दो को छोड़कर साभी डरपोक और कामचोर थीं...2024 के चुनाव का इतिहास जब लिखा जाएगा..तो दर्ज किया जाएगा..कि गांव गरीब मजदूरों की बात करने वाली पार्टियों ने लगभग 60 प्रतिशत उस जनता को..जो सत्ताधारी पार्टी को वोट नहीं देना चाहती थी..उसके सामने से विकल्प खत्म कर दिए थे...
जब 2024 के चुनाव का इतिहास लिखा जाएगा तो..उसमें दर्ज किया जाएगा कि उत्तर भारत के सब��े ज्यादा लोकसभा सीटों वाले राज्य का विपक्ष..धुआंधार चुनाव प्रचार के समय..एक ही सीट पर रोज टिकट काटकर नए कैंडीडेट को देता था..जब 2024 के चुनाव का इतिहास लिखा जाएगा तो दर्ज किया जाएगा कि देश के सबसे महत्वपूर्ण चुनाव में...एक दो पार्टियों को छोड़कर विपक्ष कन्फ्यूज था..2024 के चुनाव का जब इतिहास लिखा जाएगा तो उसमें लिखा जाएगा कि 2024 चुनाव से पहले एक दो पार्टियों को छोड़कर सबने अपना स्वाभिमान सत्ता के आगे ग���रवी रख दिया था..
चुनाव सिर्फ पैसे से लड़ा जाता है ऐसा नहीं है..चुनाव हौसले और हिम्मत से भी लड़ा जाता है...गांव में जाने के लिए..लोगों से मिलने के लिए...समाज में विचारण के लिए...पैसों के जहाज पर ही बैठकर जाया जा सकता हो..ऐसा नहीं है...आज की तारीख का सच ये है कि विपक्ष से ज्यादा सत्ता पक्ष को आईना देश के स्वतंत्र पत्रकार दिखा रहे हैं..चुनाव से 14 दिन पहले एक दो संघर्षरत पार्टियों को छोड़कर बाकी संपूर्ण उत्तर भारत के विपक्ष को प्रज्ञा मिश्रा की तरफ से श्रद्धांजलि...ईश्वर अकस्मात मृ��्यु को प्राप्त हुए विपक्ष की आत्मा को शांति दे..
सूचित हो-
6800 दलित पिछड़े वर्ग के लोग भी अपनी पीड़ा सुनाने अयोध्या जाएंगे और अपने आप को को समर्पित कर देंगे
मुख्यमंत्री योगी जी से मिले न���याय को भी ये बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी हमसे छीन रहे हैं। कोर्ट में हमारे खिलाफ एफिडेविट दिया है।
#69000_शिक्षक_भर्ती_आरक्षण_घोटाला
@upgrp_grp @AshwiniVaishnaw@RailMinIndia@CPRONCR@PMOIndia@RPFCR@spgrpallahabad बहुत दुर्भाग्य है कि इतनी महत्वपूर्ण रेल में एक भी जीआरपी का स्कॉर्ट या कोई भी टीटी नहीं आया।
रेल में यात्रियों व सामान की सुरक्षा में कितना खिलवाड़ हो रहा है, ये आज मुझे पहली बार महसूस हुआ।एक साथ बोगी में दो दो चोरियाँ।ख़ैर जब काम पब्लिसिटी से चल रहा है तो काम की क्या ज़रूरत?
@AshwiniVaishnaw@RailMinIndia@CPRONCR@PMOIndia @upgrp_grp @RPFCR sir I am travelling in train no 22614 Shraddha exp from Ayodhya ct & my bag theft near Varanasi station . Rs 40000/- theft in my bag but after complaint from GRP no-one attend me .my complaint no. 2024010400817.
@basicshiksha_up NEP के तहत विभाग आगे की योजनाए बना रहा अत्यंत हर्ष की बात है, NEP की पहली कसौटी समस्त स���जित पदों परनियमित अध्यापकों की नियुक्ति ��ै, NEP मे कहीं भी सन्विदा का प्रावधान नहीं है, उम्मीद करते हैं NEP का अक्षरसह पालन होगा 😊
नाम बदलने से मूल स्वभाव नहीं बदल जाता ये ज्ञान वो इंसान दे रहा है, जिसने
इलाहाबाद को प्रयागराज
फैजाबाद को अयोध्या
मुगलसराय रेलवे स्टेशन को पंडित दीनदयाल उपाध्याय
तेलिया अफगान को तेलिया शुक्ला
मुंडेरा बाज़ार को चौरा चोरी
बदलकर कर दिया। और ख़ुद भी बदलकर योगी आदित्यनाथ बन गए।
कोई भी जाति धर्म संप्रदाय इस नीच हरकत को सही नहीं कह सकता अगर कोई इस अमानवीय कुकृत्य को सही ठहयाये तो वह खुद गलत है और कहीं न कहीं उसे भी इस घटना का हिस्सेदार ही मानना क्या गलत होगा?!!@BhimArmyChief @KotwalMeena @Vndnason @SushmaMMaurya