दिल्ली पुलिस ने कुछ बताया कि सादे लिबास में ये लोग कौन हैं? किसके भरोसे लाठी लेकर पुलिस के साथ चल रहे थे? इनमें से कई लोग लाठी चलाते दिखे हैं। जहाँ पर हज़ारों जवान वर्दी में थे वहाँ बिना वर्दी वाले कौन लोग हैं? इस पर किसी अख़बार के क्राइम रिपोर्टर ने कुछ लिखा है? लिख सकेगा ?
उप्र में अपराध की पराकाष्ठा हो गयी है और अपराधियों के हौसले बुलंद है। जब पुलिस के सुरक्षा घेरे के बीच सरेआम गोलीबारी करके किसीकी हत्या की जा सकती है तो आम जनता की सुरक्षा का क्या। इससे जनता के बीच भय का वातावरण बन रहा है, ऐसा लगता है कुछ लोग जानबूझकर ऐसा वातावरण बना रहे हैं।