तमाशा बना कर रख दिया है इनलोगों ने सरकारी नौकरी का। छात्र दिन रात घर में बैठ कर पढ़ते रहे और इनलोगों ने सभी सीटों का सौदा कर दिया ।। लानत है ऐसी सरकार और ऐसे सिस्टम पर।।
@RahulGandhi@INCIndia
लोकसभा 27 जुलाई तक स्थगित कर दी गई है।
जनता के टैक्स से चल रही संसद में अब तक न किसी मुद्दे पर चर्चा हुई और न ही कोई बहस।
टैक्स का पैसा उड़ाया जा रहा है, मस्त कैंटीन में 5 रुपए की रोटी तोड़ रहे हैं।
छात्र लाठी खा रहे हैं, माँ बाप का कमाया पैसा सांसद लोग लोकसभा की कैंटीन में खा रहे हैं।
>राजस्थान SI भर्ती 2021 में 13 से 15 सितंबर 2021 को हुई थी,
>शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने चुपचाप शिक्षा मंत्रालय छोड़ने का फैसला कर लिया,
>कारण पोर्टफोलियो में फेरबदल का दिया गया,
>पूरे प्रदेश में पेपर लीक का हल्ला था,
>अशोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा मानने को राजी नहीं थे कि परीक्षा लीक हुई,
>फिर भर्ती हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट से होकर गुजरी और भर्ती कैंसिल हो गयी,
>बच्चों की लगी लगाई नौकरियां गयीं
>नेताओं के खास लोगों को नौकरियाँ मिली
>अशोक गहलोत के PSO का तो सीधे नाम था,
>अब इन नेताओं की वजहों से 2026 सितंबर में दोबारा परीक्षा देनी है,
>आप उन छात्रों का सोचिये जिनको 5 साल बाद दोबारा परीक्षा देनी होगी,
>जिनकी उम्र तब 25 होगी अब वो 30 के हो गए,
>लेकिन नेताओं को कोई सजा नहीं मिली
कम से कम कोई ऐसी मांग तो होनी चाहिए जिसे लेकर लोग गंभीरता से इस @JmmJharkhand पार्टी को ले।
समझ नहीं आता किस मुँह से ये मांग की जा रही है। धर्मेंद्र प्रधान ने दोबारा परीक्षा करवाई, परिणाम भी घोषित हो गया और छात्रों का दाखिला भी शुरू हो चुका है।
हेमंत सोरेन @HemantSorenJMM के लिए सबसे बड़ी चुनौती विपक्ष नहीं, बल्कि उनका अपना आईटी सेल बनता जा रहा है।
JSSC-CGL की परीक्षा में भारी गड़बड़ी हुई है। यही वजह है कि माननीय हाई कोर्ट ने जांच जारी रखने का आदेश दिया है।
आप सबको याद है न कि कारवाई के दौरान हेमंत सोरेन के करीबी के यहां से CGL परीक्षा के कई एडमिट कार्ड मिले थे।
परीक्षा लेने वाली एजेंसी TDPL का मार्केटिंग मैनेजर भी पास होकर अधिकारी बन गया और उसके भैया भाभी भी...
गजब की धांधली हो रही है झारखंड में। कुनाल भाई का संघर्ष बेकार नहीं जाएगा। देश की मीडिया एक नजर इधर भी दौड़ाए।
@aajtak@ABPNews@News18India@ZeeNews@ExamsFighters
नौकरियों की खरीद बिक्री हुई है। जेपीएससी की परीक्षा संचालन एजेंसी का मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी खुद सीजीएल परीक्षा से सरकारी नौकरी में आ गया, उसके भाई अक्षय तिवारी और भाई की पत्नी की भी बहाली हो गई। अक्षय 14वीं जेपीएससी पीटी में भी पास हुआ था।
जेपीएससी के चेयरमैन के विदेश दौरे पर हुए खर्च का मामला भी जांच के दायरे में है।
युवाओं की नौकरी, करियर के उम्मीदों के विक्रेताओं के साथ क्या सलूक होना चाहिए?
पत्रकार: "सर, लेकिन पूरे परिवार का एक साथ CGL में चयन कैसे हो गया?"
SIT अधिकारी*: "देखिए, पूरा परिवार एक-दूसरे से ही 'धन उगाही' कर रहा था! भाई ने पत्नी को ठगा, पत्नी ने पति को ठगा... और इस 'धन उगाही' के चक्कर में गलती से सबने OMR पर एक ही ऑप्शन गोल कर दिया! इसमें JSSC की क्या गलती?"
@HemantSorenJMM@AdityaPdSahu@yourBabulal@BJP4Jharkhand@narendramodi
नैतिकता और जवाबदेही के आधार पर मुख्यमंत्री साहब को इस्तीफा देकर उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए था पूरे देश के सामने क्योंकि जितनी भी नियुक्ति हुई है उसमें बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है ये बात तो सत्य है लाखों सपनों को बेचा गया है इतना भ्रष्ट सिस्टम तो पूरे देश में नहीं होगा।
ख़बर आपतक शायद नहीं पहुँची होगी कि नैतिकता के आधार पर ज़िम्मेदारी लेते हुए जेपीएससी के अध्यक्ष ने अपना इस्तीफ़ा दे दिया है। वो भी बिना किसी हो हल्ला मचाए बिना!
जाँच ज़ारी है और दोषियों पर कार्यवाही शुरू हो गई है।
ये झारखंड है यहाँ एकाउंटेबिलिटी होल्ड करते है!
अगर NEET जैसी परीक्षा में अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की जा सकती है, तो झारखंड में JSSC CGL, JPSC, PGT, Junior Engineer जैसी भर्ती परीक्षाओं में लगातार उठे गंभीर सवालों की नैतिक जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
जिस शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में करोड़ों छात्रों का भविष्य बार-बार संकट में पड़ा हो, उसे पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
लगातार पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितताएँ और शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं ने देश के युवाओं का भरोसा तोड़ दिया है।
आज विपक्ष एकजुट होकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने के लिए मोदी सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है।
📍 नई दिल्ली
#PaperLeak #ChhatronKiGoonj #StudentsVoice #YouthJustice #ShikshaBachao #RemoveDharmendraPradhan
@RahulGandhi
झारखंड में कैसे होगा जब यहां सभी सीटों का सौदा हो चुका है। कल ही एक प्रखंड कल्याण पदाधिकार महोदय पकड़ाए हैं जिन्होंने सेटिंग कर के रैंक 2 हासिल किया था और सिर्फ JPSC नहीं JSSC के द्वारा भी जितनी बहाली हुई है सभी संदेह के घेरे में है ।
हेलो @RahulGandhi जी,
एक प्रोटेस्ट अगर झारखंड में हो जाता तो, थोड़ा बच्चों को सपोर्ट मिल जाता,
या फिर झारखंड के बच्चे आपके बच्चे नहीं हैं?
या फिर वहां आपके गठबंधन की सरकार तो इस वजह से वहां प्रदर्शन नहीं करोगे।
जब भर्ती प्रक्रियाओं पर बार-बार सवाल उठें, तो सिर्फ जांच की घोषणा नहीं, जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
झारखंड के युवाओं की मेहनत, समय और भविष्य किसी की मनमानी की कीमत नहीं बन सकता। सच सामने आए, दोषी बचना नहीं चाहिए—चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
सूत्रों से सूचना है कि JSSC के कुछ Staffs के रिश्तेदार,भाई और पत्नी का भी चयन JSSC CGL में हुआ है।।ये भी एक गंभीर जांच का विषय है।। सलेक्शन होना कोई बड़ी बात नहीं पर सूत्र बताते है कि इन लोगो ने कुछ जानकारियों को छिपाया है और इनका चयन संदिग्ध है।।मुझे पता है इन बातों पर यकीन करना मुश्किल होगा बिल्कुल उसी तरह जैसे आज से 5 महीने पहले अभय तिवारी प्रकरण पर कोई विश्वास नहीं करता था और आज तिवारी का सच सामने है।।माननीय मुख्यमंत्री से इसकी जांच होनी चाहिए ये मांग करता हु।।।
@aajtak@akhileshsi1@HemantSorenJMM@yourBabulal@RahulGandhi
#Sacksudhir
#jssccgl
@DipikaPS@INCIndia@INCJharkhand_ झारखंड में आपके ही गठबंधन सरकार के द्वारा LDC की बहाली आई फिर उसको घसीटकर 2026 तक लाया गया और कार्मिक ने अधियाचना वापस ले ली और ये एक बार नहीं तीसरी बार है उस पर तो आपके मुंह से एक शब्द नहीं निकला झारखंडी युवाओं के जीवन को तबाह कर दिया आपके ही सरकार ने उसकी सुध कौन लेगा?
@priyankagandhi प्रियंका जी आपकी गठबंधन सरकार है झारखंड में जो 2022 में निकली हुई भर्ती को घसीटकर 2026 तक लाती है और अंत में रद्द कर देती है लाखों युवाओं के सपनों को उनकी मेहनत को कुचल देती है और आपके मंत्री और विधायक एक शब्द नहीं बोलते, चुनिंदा विषयों पर राजनीति बंद कीजिए।। जोहार झारखंड।
झारखंड में पिछले 6 साल में परीक्षा पर से छात्रों का विश्वास उठ गया है क्यूंकि यहाँ नौकरिया सरेआम बेची जा रही है । शासन , प्रशासन सब मिल कर नौकरियों को सौदा कर रहे है जिसमे राजनीतिक दल के दलाल भी मालामाल हो रहे है और बेचारे ग़रीब बच्चे के सपनों को कुचला जा रहा है ।NEET में भी पेपर लीक हुआ मगर जैसे ही गड़बड़ी पता चला सरकार ने पेपर को रद्द किया हालाकि पेपर लीक होना हर सरकार की नाकामी का प्रतीक है मगर झारखंड में तो अधिकारी लोग दलाल पाल कर रखा है जिसका काम होता है कैंडिडेट लाना और पैसा वसूलना ।
@HemantSorenJMM@yourBabulal@dasraghubar@amarbauri@narendramodi@kunalpratap86@BikerGirlkancha@ajaysahspeaks@pratulshahdeo
छात्रों की गूंज की बात हो रही है, लेकिन झारखंड के युवाओं की ख़ामोशी में दबी आहें कौन सुनेगा?
2022 में भर्ती निकली, इंतज़ार करवाया गया, उम्र निकलवाई गई और फिर विज्ञापन वापस ले लिया गया।
युवाओं के सपनों पर चोट करके उनके दर्द की राजनीति अच्छी नहीं लगती।
जोहार रहेगा।।🙏🙏
छात्रों की मानसिक स्थिति को समझना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन लगातार हो रहे पेपर लीक ने लाखों युवाओं के भविष्य और उनके परिवारों की मेहनत की कमाई को दांव पर लगा दिया है। अब छात्र अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठा रहे हैं और कांग्रेस इस लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
आदरणीय राहुल गांधी जी के नेतृत्व में चल रहा ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग का अभियान है। हम सड़क से लेकर संसद तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी एवं भरोसेमंद बनाने की मांग कर रहे हैं।
देश का भविष्य उसके युवा हैं। उनके सपनों और मेहनत के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। छात्रों की इस न्यायपूर्ण लड़ाई में कांग्रेस हर कदम पर उनके साथ है।
@RahulGandhi
पेपर लीक पर सवाल जायज़ है। किंतु झारखंड में आपकी ही गठबंधन सरकार द्वारा 2022 कि भर्ती को 2026 तक घसीटकर रद्द कर देना किस श्रेणी का न्याय है??
जोहार झारखंड।।🙏🙏