दिल्ली: यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर SSP द्वारा थप्पड़ बरसाए जाने पर कहा, "ये SSP नहीं है, SSP की वर्दी में ये गुंडा है और दलितों से नफरत करता है। जो बहन-बेटियां वहां न्याय के लिए प्रदर्शन कर रही थीं, उनको थप्पड़ जड़े और जिस रवि गौतम को हिरासत में लिया, उस वैन का कुंडी खोलकर उसके ऊपर टूट पड़ा, ऐसा लगा जैसे उसको मार देगा। इतनी नफरत उसके अंदर कूट-कूट कर भरी है। मुझे लगता है कि पुलिस प्रशासन में ऐसे अधिकारी नहीं होने चाहिए। ऐसे लोगों को SSP नहीं बनाया जाना चाहिए। जिस व्यक्ति के अंदर कानून की कोई इज्जत ना हो, जो संविधान की कदर ना करता हो, जिसका व्यवहार गुंडों जैसा हो, जिसका व्यवहार समाज में आतंक पैदा करने वाला हो। जो खुले आम मुस्लिमों को भी धमकी देता हो कि अगर आप रोड पर नमाज पढ़ते पाए गए ईद के मौके पर, तो आपको गिरफ्तार करके, मुकदमा बनाकर,आपका जो पासपोर्ट है उसको रद्द करवा दिया जाएगा...अभी कांवड़ के लिए रोड बंद होगा तो आप उनके पैर भी दबाएंगे। आप किसी एक धर्म के नहीं हैं..."
(Source: IANS)
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लगातार सोनम वांगचुक सर की तबियत बिगड़ रही है,
पर सोई हुई सरकार को कोई मतलब नहीं है,
क्या ये लोग नहीं चाहते कि देश की शिक्षा व्यवस्था सही हो,
आप अपना समर्थन कमेंट के माध्यम से ज़रूर करिए।
मुर्गी मारकर खाओगे तो चिकन पार्टी,
बकरा मारकर खाओगे तो मटन पार्टी,
और अगर युवाओं के सपनों और भविष्य को कुचलोगे,
तो लोग उसे "भारतीय जनता पार्टी" कहेंगे।
मातंग समाजातून आलेल्या या ताईंनी आरक्षण उपवर्गीकरण संदर्भात वेगळी भूमिका मांडली म्हणून त्यांना वाळीत टाकण्याची भाषा करण्यात आली.
'तुम्ही काय मला वाळीत टाकता, मीच तुम्हाला वाळीत टाकते' असं म्हणत या ताईंनी धम्मदीक्षा घेण्याची घोषणा केली.
या बहिणीच्या वैचारिक धैर्याला सलाम!
पुणे पालिकेचा नालायकपणा बघा!
एकीकडे ज्यांची पालखी आली आहे ते संत तुकाराम महाराज आणि संत ज्ञानेश्वर महाराज यांचेच फोटो हटवून स्वतःचे फोटो लावून भाजप नेते स्वतःला संत दाखवत आहे, दुसरीकडे सरकारी शौचालयात परप्रांतीय भैय्ये बसवून वारकऱ्यांकडून १० रु, २० रु लुटमार सुरू आहे.
गंजपेठ📍
एक पॉस्को के अपराधी विनय पंडित के समर्थन में ब्राह्मणों ने SP कार्यालय को घेरकर प्रदर्शन किया था, उनको हाथ तक नहीं लगा पाए थे क्योंकि ब्राह्मण पूजनीय है,
एक दलित बेटी की जघन्य हत्या के बाद 2 महीने तक न्याय नहीं मिला तो दलित वर्ग प्रदर्शन कर रहा था उनके ऊपर लाठी चार्ज किया गया, मुकदमे दर्ज़ किए, प्रिजन वैन में मारा क्योंकि दलित थे,
सरकार और पुलिस दोहरा रवैया अपना रही है, यह बेहद खतरनाक पुलिसिया दमन है, शर्मनाक।
सोनम वांगचुक सर की तबियत बिगड़ती जा रही है🤯
जागो भारत के लोगों ये तुम्हारे लिए लड़ रहे है, 😳
अब नहीं जागे तो सब खो दोगे!😱🙏
इस्तीफा मिलने तक यही बैठे रहेंगे 😳
Looking at such great personality in this condition makes me wonder, are we even worthy of calling ourselves A Democracy?
What does Modi want to prove by turning a blind eye on us?
I just hope Sonam sir stays safe🙏🙏
"जंतर मंतर पर छात्रों को बारिश से बचाने के लिए अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस के सामने पैरों में पड़कर तिरपाल लगाने की गुहार लगानी पड़ी।
इससे ज़्यादा शर्मनाक और क्या होगा।"
Delhi Police is not allowing us to bring in tarpaulins.
It rained all night, and we need them to protect the students who have been on a hunger strike for the past 12 days from the rain.
For the last three days, we have been struggling to get the tarpaulins inside the protest site.
गावचा पाटील मातंग व्यक्तिचं तोंड बघितल्याशिवाय गावाच्या बाहेर पडत नव्हता.
त्याच गावच्या पाटलाने मातंग समाजातील महिलेची गोळ्या झाडून हत्या केलीय.
कुठं गेलाय विष्णु कसबे?
या संतापजनक घटनेचा जाहीर निषेध!
दोषींवर लवकरात लवकर कठोर कारवाई झाली पाहीजे.
@Dev_Fadnavis
दलित बेटी की हत्या हुई है उसके लिए संवैधानिक तरीके से न्याय माँगना कोई अपराध नहीं है SSP मेरठ द्वारा रवि गौतम को हिरासत में लेकर मारपीट करने का अधिकार संविधान ने नहीं दिया है !
संविधान द्वारा दी गई ताकत का थोड़ा सा इस्तेमाल धर्म व लोगों की आस्था को सीडी बनाकर सत्ता पर कब्ज़ा करने व धार्मिक स्थलों को ATM की तरह प्रयोग करने वाले चढ़ावा चोरों पर भी कर लीजिए !
जय संविधान !