उत्तराखंड में सरकारी महिला पोस्ट मास्टर की दबंगई देखिए. डाक समय पर न पहुँचने की शिकायत पर वो महिला होने की धमकी दे रही है. @DmPithoragarh@ukcmo इस पर संज्ञान ले और जो भी दोषी हो उसके खिलाफ सख़्त एक्शन लें.
"जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो PM को बोलना पड़ता है, लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं..."
◆ LoP राहुल गांधी ने कहा
@RahulGandhi | Rahul Gandhi | @narendramodi | Narendra Modi
देश में एनर्जी क्राइसिस आ गया है
मोदी जी ने लोगो से अपील भी की है कि-
~कम पेट्रोल डीजल खरीदो
~सोना मत खरीदो
~खाने के तेल में पॉम ऑयल कम करो
लेकिन मोदी जी ये नहीं कहा कि -
~सांसदों की सैलरी 1 साल तक 20% कम मिलेगी
~सांसद, विधायकों की गाड़ियों का ईंधन एक साल तक नहीं मिलेगा
~सांसदों को विदेश यात्रा फ्री नहीं मिलेगी
~सांसदों को मोबाइल भत्ता नहीं मिलेगा
~ सांसदों को 50000 यूनिट बिजली फ्री नहीं मिलेगी
~सांसदों को टोल टैक्स देना पड़ेगा
~सांसदों को फ्री आवास नहीं मिलेगा, किराया देना पड़ेगा।
ऐसा क्यों?
सारी कुर्बानी जनता ही दे।
देश में पेट्रोल डीजल के वैश्विक संकट को देखते हुए मोदी ने देशवासियों से कम डीजल पेट्रोल उपयोग करने की अपील की है।
इस संकट को ध्यान में रखते हुए खुद मोदी जी ने गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में सिर्फ 2900 सरकारी बसें बुलवाई थी।
चाहते तो 10000 बसें बुलवा सकते थे।
पेट्रोल डीजल और सोना कम खरीदने की अपील से पहले आपको ये सब करना था -
1- आप कोई भी रैली नहीं करते
2- सभी राज्यों के मुख्यमंत्री विधायक को रैली के लिए नहीं बुलाते
3- सांसदों के फ्री विदेश यात्रा में रोक लगा देते
4- गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन वर्चुअल करते, 3000 बसे नहीं बुलवाते
5- जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन वर्चुअल करते
6- विधायकों सांसदों को फ्री पानी बिजली सब बंद करते
7- सुधीर चौधरी का 14 करोड़ वाला पैकेज बंद करते
8- चुनाव में फ्रीबीज का वादा न करते
9-मुख्यमंत्रियों को हेलिकॉप्टर में उड़ने पर प्रतिबंध लगाते।
लेकिन नहीं, आप सोचते हैं कि बस जनता ही सारी कुर्बानी दे, नेता मौज काटें।
>नाम जस्टिस यशवंत वर्मा
>पहले दिल्ली हाईकोर्ट ,अब यूपी हाई कोर्ट में
>घर से जले हुए नोटों की गड्डियां मिली
>पहले मामले को दबाने की कोशिश हुई
>लेकिन सोशल मीडिया ने उसे नाकाम कर दिया
>फिर कार्यवाही हुई , इंपीचमेंट होने वाला था
>लेकिन उससे पहले जज साहब ने इस्तीफा दे दिया
>इंपीचमेंट से पहले इस्तीफा देने से उनके पोस्ट रिटायरमेंट बेनिफिट्स चालू रहेंगे
>इससे पहल भी दो जजों ने इसी रास्ते का इस्तेमाल किया
>अब देश की जनता एक भ्रष्टाचारी के पोस्ट रिटायरमेंट बेनिफिट्स के लिए टैक्स देगी
>इसके खिलाफ हम सबको आवाज उठानी चाहिए।
जस्टिस यशवंत वर्मा ने इंपीचमेंट से पहले इसीलिए इस्तीफा दिया है ताकि पेंशन चालू रहे ,
हम सबको #StopHisPension के लिए आवाज उठानी चाहिए , ताकि ये नियम खत्म हो और इनको ज्यूडिशियल प्रोसेस से होकर गुजरना पड़े।
वरना हमको एक भ्रष्टाचारी के लिए जीवन भर टैक्स देना पड़ेगा।
ये कोई पार्टी के कार्यकर्ता नहीं हैं…
ये भारत के वो नागरिक है जो भारत को सशक्त बनाने के लिए बलिदान होने को तैयार हैं।
और भाजपा सरकार इनका ही विनाश चाहती है?
अब UGC रोल बैक होगा,साथ मे मोदी भी बैक होगा।
उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी देहरादून में महज ओवरटेकिंग को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही मिनटों में इतना हिंसक हो गया कि एक निर्दोष व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी।
दिल्ली नंबर की फॉर्च्यूनर और एक स्कॉर्पियो के बीच रास्ता देने को लेकर कहासुनी हुई। कुछ ही देर में यह बहस पीछा करने और फिर गोलीबारी तक पहुंच गई। आरोप है कि स्कॉर्पियो सवार लोगों ने फॉर्च्यूनर को रोकने के इरादे से उसके टायरों पर गोलियां चलाईं। इसी दौरान चली एक गोली सड़क किनारे टहल रहे ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को जा लगी। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
आज पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के आवास का घेराव किया गया, उन्होंने ने कहा था कि VIP कमरा है l
प्रेमचंद अग्रवाल के आवास के घर के बाहर VIP दुष्यंत गौतम की तस्वीर वाला पोस्टर फाड़ दिया गया l हम राज्य में दुष्यंत गौत्तम, अजय कुमार के पोस्टर नहीं सहेंगे, उन्हें हटा देंगे I
पुनः ब्राह्मण Discrimination हुआ,लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुआ।
मुस्लिम हमारा भाई है,
ब्राह्मण साला कसाई है,
भाजपा सरकार में ब्राह्मणों के खिलाफ नफरत और भाजपा का मौन धारण करना कोई कार्यवाही न करना बडे़ षड्यंत्र की ओर इशारा करता है।
दरभंगा SC-ST कांड -
ब्राह्मण समाज का दर्द हमें गा'लियां दी जाती है पासवान समाज के लोगों के द्वारा रोड रोका जाता है भीम आर्मी वाले गांव में आकर दादागिरी करते हैं..
चमारवादियों का आतंक बढ़ता ही जा रहा हैं
आरक्षण का आधार जाति नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति और वास्तविक आवश्यकता होना चाहिए।
कब तक समाज को जातियों में बाँटकर राजनीति की जाएगी?
हमें विभाजन नहीं — अधिकार चाहिए।
देश की प्रगति तभी संभव है जब हर युवा को उसकी योग्यता और परिस्थितियों के आधार पर न्याय मिले।
शिक्षा व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता हो,
युवाओं के भविष्य के साथ कोई समझौता न हो।
UGC जैसी नीतियों पर पुनर्विचार हो — उन्हें हटाया जाए।
साथ ही, कानूनों की भी निष्पक्ष समीक्षा हो।
किसी भी कानून का उद्देश्य न्याय होना चाहिए, न कि निर्दोष लोगों के जीवन को कठिन बनाना।
जहाँ दुरुपयोग की आशंका हों, वहाँ सुधार और संतुलन आवश्यक है।
हम अपने आने वाले कल को कमजोर नहीं होने देंगे।
अब समय है नीतियों पर गंभीर पुनर्विचार का —
संवाद हो, संतुलित सुधार हो, और राष्ट्रहित सर्वोपरि हो।
✊ न्याय सबके लिए —
ना पक्षपात, ना अन्याय।
#rollbackugc #scst_kala_kanoon
रुचि तिवारी पर हुआ हमला बर्दाश्त के बाहर है। यह कायरता की पराकाष्ठा है कि कुछ लोग मिलकर हमारी बेटी को अपमानित करने और डराने की कोशिश करें। यह केवल व्यक्तिगत घटना नहीं, बल्कि समाज की अंतरात्मा को झकझोर देने वाली घटना है।
साफ चेतावनी है — हम एक-एक आरोपी को कानून के कठघरे तक पहुँचाकर रहेंगे। किसी को यह भ्रम न रहे कि मामला दब जाएगा या भुला दिया जाएगा। हमारी बेटी अकेली नहीं है।
न्याय होगा, पूरी सख्ती से होगा, हमारा समाज इतना कमजोर नहीं है, और आरोपियों को अपने कृत्य का परिणाम अवश्य भुगतना पड़ेगा।
कमाल ये कि खुलेआम ये केस हुआ है, तब भी सारे नेता और सामाजिक न्याय के योद्धा मुंह में दही जमाकर बैठे हैं!
सोचिये,
जब खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाई जा सकती हैं, तो जब UGC जैसे नियम (जो खुद ही सवर्णों को निशाना बनाने की आज़ादी देते हैं), वो आये तो क्या होगा और खोखले आश्वासन का हम क्या करेंगे??
#WhyOBCinUGC