बच्चों की प्राइवेसी बचाइए, बिल्कुल बचाइए।
लेकिन सरकारी स्कूलों की टूटी छत, गंदे टॉयलेट, बिना पानी के स्कूल और बदहाल क्लासरूम भी छिपा दीजिए—क्योंकि कहीं सरकार से सवाल न पूछ लिया जाए!
नई व्यवस्था का सवाल सीधा है: जिसकी जवाबदेही तय करनी है, क्या वही तय करेगा कि उसकी तस्वीर ली जा सकती है या नहीं?
बच्चों की पहचान छिपाइए, लेकिन सरकारी नाकामियों पर पर्दा डालना बंद कीजिए।
प्राइवेसी बच्चों की ढाल है, सरकार की ढाल नहीं।
#GovernmentSchools #Accountability #ChildPrivacy #Rajasthan
Propagandist like @Mrsinha@VijayGajeraO@Iyervval are sharing Fake News. The one inside the car is @vijaysherawat5. Here is his video calling out fake News by the right wing trolls.
जोधावास, थानागाज़ी स्थित सरकारी स्कूल की कल छत गिर गई। चार साल से स्कूल जर्जर हालत में है। बच्चियाँ नदी पार करके स्कूल आती है। क्योंकि सड़क नहीं है।
DM मैडम @DMDCAlwar कह रही है कि कमरा बनने में छह महीने लगेगा और सड़क बनने में साल भर लगेगा। परसो अमित शाह जी पास ही अलवर आ रहे है। रैली करने।
अगर रैली यहाँ होती तो भी क्या DM मैडम एक साल ही बोलती?
मैं, @deepakbaliyan90@mukallrounder@ApoorvJaipur @ramdecoded और @Cockroachisback की पूरी टीम यहाँ धरने पर बैठे है।
सरकार बताये कब तक स्कूल ठीक करेगी। और सड़क कब तक बनायेगी।
हमारे बच्चो का भविष्य ऐसे बर्बाद नहीं होने देंगे।
@BhajanlalBjp@RajCMO@svoruganti1466@DMDCAlwar
SCHOOL THIK KARO!
Kids in villages shouldn’t be pleading for basic facilities at school after 80 years of Independence!
As a country, we have failed rural kids in the worst possible way.
This Independence Day, CJP will launch the “School Thik Karo” campaign to improve Govt schools in villages.
कई बार मीडिया चैनल ,social media समुदाय से परे किसी व्यक्ति विशेष की प्रशंसा भी दिल रोक नहीं पाता उनमे से एक नाम है रजत पांडे @RajatpandeyJF , जिसने जबरदस्त तरीके से पिछले कई सालों से Students की दर्द को निडर होकर बयान किया है और इस व्यक्ति ने कभी ये कोशिश नहीं की कोई lime light चाहिए या मैं स्टेज के उस पार वाले लोगो के साथ ही इंटरव्यू करूँगा ! ये वो व्यक्ति है जो स्टेज के उस पार प्रोटेस्टर्स के बीच में खड़े होकर के लोगो की आवाज बना, viral इरफ़ान भी उसी का हिस्सा है और इस आंदोलन के पहले दिन से सक्रिय रहा और आंदोलन की असलियत को बया किया , ऐसे लोगो का प्रशंसा - सम्मान हमेशा किया जाना चाहिए !
जिसने तैयारी कर रहे लड़को के कमरो पर जाकर भी उनके हालातो को दिखाया
यू कहें जिसने trp views से इतर सोच के साथ सच्ची पत्रकारिता की !
चैनलों और सोशल मीडिया के स्वनामधन्य उन पत्रकारों के आत्मचिंतन का समय है कि जो स्टूडियो और कमरें में बैठकर एकतरफा प्रलाप करते हैं .. जो जंतर मंतर नहीं गए या ना जा सके ..उन्हें जरूर सोचना चाहिेए .. ऐसे हालात क्यों और किसने पैदा किए..
पहले ही हो चुका होता अगर तुमने सही तस्वीर वहां तक पहुंचने दी होती!
तुम तो आंदोलन को दहशतगर्दो और चीनी एजेंट का बताते रहे | अभी तक जनता को ही नाराजगी थी अब सरकार को चिढ़ मची है आप लोगो की चरम चापलूसी से | कल भी आपके सूत्र बताते रहे कि इस्तीफा नहीं होगा - सरकार जहाँ जो नहीं चाहती वो भी तुम्हे सरकार का favour दिखाना है क्यूँ?
डॉक्टर अगर बीमारी छिपाकर सिर्फ़ रिपोर्ट को normal बताता रहे, तो मरीज बीमारी से नहीं, सच छिपाने से मर जायेगा कि नहीं ||
आख़िरकार… धर्मेंद्र प्रधान को प्रधानमंत्री मोदी जी को अपना इस्तीफ़ा भेजना ही पड़ा।
मैंने पहले भी कहा थ,
कुछ दिन और लगेंगे, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा आएगा।
यह सिर्फ़ एक मंत्री का इस्तीफ़ा नहीं…
जवाबदेही की शुरुआत है।
अब कोई यह नहीं कह पाएगा कि
"हमारी सरकार में इस्तीफ़ा नहीं होता।"
अब जवाबदेही भी तय करनी होगी और दोषियों पर कार्रवाई भी करनी होगी।
यह जनता का साफ़ संदेश है कि कोई अधिकारी, मंत्री या नेता अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही से नहीं बच सकता ,चाहे उसे सत्ता का संरक्षण मिले या विपक्ष का समर्थन। लोकतंत्र में सबसे बड़ा संरक्षण सिर्फ़ जनता के विश्वास का होता है।
छात्रों और जनता की आवाज़ आखिरकार सत्ता तक पहुँची
जिसे न चाहते हुए भी या मजबूरी में, स्वीकार करना ही पड़ा।
जय हिंद !
20 से ज़्यादा बच्चों की आत्महत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है।
किसी घर का चिराग बुझ गया , किसी परिवार ने अपना सबसे होनहार बच्चा खो दिया… न जाने कितने घर आज भी उस दर्द के साथ जी रहे हैं।
और ऐसे समय में @nsitharaman ,Paper Leak के फायदे वाले बयान सुनना !
सिर्फ़ निंदनीय नहीं, बेहद असंवेदनशील भी है।
दु:खद और पूरी तरह असंवेदनशील बयान सत्ता पक्ष से आते रहे हैं।
ये सबसे असंवेदनशील बयानों में से एक है 💔
इस्तीफ़ा माँगना सबसे आसान काम है.. - Sutra* ???
अच्छा? तो फिर PM साहब की प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आसान ही होगी !
शायद इसीलिए आज तक हुई नहीं।
पेपर लीक माफिया को जड़ से उखाड़ना भी आसान है।
शायद इसीलिए आज तक उखड़ा नहीं पेपर लीक होते रहें l
परीक्षाओं में जवाबदेही तय करना भी आसान है।
शायद इसीलिए हर बार टाल दी जाती है।
छात्रों की चीख सुनना भी आसान है।
शायद इसीलिए महीनों-सालों से अनसुनी पड़ी है।
कल को कोई छात्र भी कह देगा - पास होना आसान था... इसलिए फेल हो गए।
स्वास्थ्य मंत्री कह देंगे -
मिलावटखोर पकड़ना आसान था... इसलिए छोड़ दिया।
ठेकेदार कह देगा -
अच्छी सड़क बनाना आसान था...
इसलिए मुश्किल वाला रास्ता चुना ,पहली बारिश में तोड़ो, अगले साल फिर टेंडर लो।
और कल गडकरी जी भी कह देंगे
शुद्ध पेट्रोल देना आसान था, इसलिए एथेनॉल मिलाना ही असली चुनौती चुनी।
वाह साहब… अगर 'आसान' होना ही कोई काम न करने की दलील है, तो फिर हर नाकामी का यही जवाब दे दीजिए
We are relieved and grateful that Sonam sir has ended his hunger strike after 26 days.
Thank you, sir, for your extraordinary courage and sacrifice. By putting your own life on the line, you awakened the conscience of an entire nation. Your life is far too precious to this country.
The Cockroach Janta Party’s peaceful protest at Jantar Mantar will continue until Dharmendra Pradhan resigns.
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