अगर आप मोदी विरोधी है तो कोई बात नहीं लेकिन अगर देशविरोधी है तो आप बच के रहिये आपकी आने वाली नस्ले भारत मे नहीं होने देंगे 🙏🇮🇳 देशभक्त हो तो जुड़ जाओ 🚩
Nepal baadh me kitne namune mar chuke hai kisi ko pataa chala kya ?? 😛
Kido ki tarah paani or mitti me malbe me kido ki tarah maare gaye 😀 achha hua saale saare ke saare paaapi
Me to chahta hu ek esi hi jbrdst baadh pakistan or bangladesh me bhi aajaye
@ashishpaswan0 Jab upar wala kisi insan ko badi sazaa dena chahta ho , tab bhagwan uske hath se ese paap karwata hai , or fir waqt aane pe us insan ko uske karmo ki bahut buri sazaa milti hai
जिस मोदी ने इस देश के लिए अपनी पुरी जिंदगी लगा दी, अब ये लोग मोदी को गोळी मारने की बात कहते है ?
और येह युवा, इतने सालो की मेहनत को एक पल मे भूल गये?
किसके लिये ? इन देशद्रोहीयो के लिए ?
नाक डुबो के मर जाओ सालो 😡
#protest#jantarmantar#delhi#student
प्रभु जगन्नाथ में करोड़ो लोगो की श्रद्धा है और प्रभु के चमत्कार भी कम नहीं है-
- मंदिर पर झंडा हवा से विपरीत दिशा में लहराता है।
- मंदिर का प्रांगण “No fly zone” है मतलब उसमे आज तक कोई भी एरियल ऑबेजक्ट या पक्षी उड़ता नहीं देखा गया।
- मंदिर की कोई भी छाया नहीं बनती है।
- समुद्र से बेहद पास होने के बावजूद मंदिर में कदम रखते ही समुद्र का शोर एकदम ग़ायब हो जाता है।
जय हो प्रभु जगन्नाथ 🙏🙏
@ocjain4 Bhagwan in logo ke jese agar or bhi log hai is duniya me , to bas me itna hi shraap dunga ki ye saale jab tak jiye , kutte ki tarah jiye , inki aulaade sad sad ke mare or puri zindgi bhikh maangte rahe
मोदी जी ने ये अपील की है यह बस यूं ही नहीं कि है।
मुझे लगता है यह अपील किसी बहुत बड़े इंटेलिजेंस अलर्ट के बाद की गई है।
मेरा तो अनुमान यह है कि फिलहाल अमेरिका ने ईरान मसले को इसलिए ठंडे बस्ते में डाला है क्योंकि अमेरिका के निशाने पर अब सबसे ऊपर भारत आ चुका है।
चूंकि
"दुश्मन का दुश्मन आपका दोस्त होता है।"
इसके अनुसार भारत को घेरने के मसले पर चीन और अमेरिका दोनों मिल चुके है।
और इसीलिए ट्रंप ने चीन की यात्रा की है।
बंगाल की जीत ने अमेरिका की सारी प्लानिंग ध्वस्त कर दी है।
यदि ममता साधारण से जनमत से भी जीत जाती तो अगले कुछ वर्षों में अमेरिका ममता के साथ खड़ा होकर बंगाल को काटने का काम कर डालता।
जिससे भारत का पूर्वोत्तर भी पूरा भारत से कट जाता।
इन्हीं कुछ इनपुट के चलते शायद मोदी जी ने भविष्य की रणनीति के अंतर्गत देश की जनता से सहयोग मांगा है।
वरना यह कोई संयोग नहीं है कि पूर्वोत्तर से CIA का जासूस का पकड़े जाना, ईरान युद्ध का अचानक रुक जाना।
रूस के गैस टैंकर को वापस लौटाना, और ट्रंप की चीन यात्रा।
इन सबके पीछे एक मात्र उद्देश्य है भारत की बरबादी और यह मोदी जी होने नहीं देंगे।
निकट भविष्य में भारत की दो सीमाएं सुलग सकती है।
इसलिए
मोदी जी के हर शब्द को सुनने के साथ उसमें छुपे निहितार्थ को समझने का प्रयास करे।
और सहयोग करे।
पैदल चलने की आदत डाल लें, सोना खरीदने के बजाय आपके पास जो सोना है उसे बैंक में जमा करवाएं।
एक माचिस की तीली भी विदेशी न खरीदें।
ऊर्जा की निर्भरता अधिक से अधिक सौर ऊर्जा पर शिफ्ट करें।
खाद्यान्न और तेल का कम से कम उपयोग करें।
रसोई गैस का कम उपयोग करे।
यह समझकर कि आप भी एक सैनिक है और राष्ट्र के लिए एक युद्ध लड़ रहे हैं।