दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र भी शामिल हैं।
मेरी अपील है कि NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दल हर संभव प्रयास करके हर एक छात्र तक पहुँचें, घायलों को तुरंत सर्वोत्तम संभव इलाज मिले, ताकि किसी को भी बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए।
कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। इस मुश्किल घड़ी में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं।
छात्रों का जीवन पहले ही संघर्षों से भरा था - अब हालात जानलेवा हैं। कॉलेज या विश्वविद्यालय में अच्���े हॉस्टल न होने के कारण छात्र PG में एक छत के नीचे 40-40 की संख्या में, अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं।
हर छात्र की जान कीमती है और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए।
राहुल गांधी पहले कह चुके थे
अब BBC की रिपोर्ट आई, तो बात खुल गई
पता चला है कि इनमें से अधिकतर पार्टियों के ऑफिस गुजरात में है
जो राजनीति समझते है उन्हें पता तो चल ही गया होगा जनता से लूटा हुआ धन इन्होंने कहा कहा छुपा रखा है
जनता से लूटे इसी धन से BJP कार्यालय बनाए जा रहे है।
लश्कर भी तुम्हारा है सरदार तुम्हारा है
तुम झूठ को सच लिख दो अखबार तुम्हारा ���ै।
इस दौर के फरियादी जायें तो कहां जायें,
कानून तुम्हारा है दरबार तुम्हारा है।
@drbrajeshrajput @udaypratapmp
झूठ बोल गए मंत्री जी आप सुनते रहे वर्ग 1 2023 मे पदवृद्धि कीजिए
शिक्षक वर्ग अभ्यर्थियों के लिए कमलनाथ ने की ये मांग
पोस्ट करके पूछ��,जब सरकारी स्कूलों में पद खाली है तो भर्ती क्यों नहीं करती सरकार
@OfficeOfKNath
#Teacher
सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई?
इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीज़ें माँगी थीं - शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही।
एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई।
ये अपराधी नहीं थे। ये ग़रीब घरों के वो बच��चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे - किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे।
गोली के घाव भर जाएंगे - पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है?
प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या ��नका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?
महाराष्ट्र में हजारों छात्र सड़कों पर हैं, शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलनरत हैं - इसकी वजह सिर्फ एक परीक्षा या भर्ती नहीं, पूरे सिस्टम से टूट चुका भरोसा है।
चाहे वो केंद्र की हो या राज्य की, BJP सरकार से हर छात्र त्रस्त है। पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियां, शिक्षा की असहनीय लागत, हॉस्टल में अमानवीय हालात, ज़हर जैसा खाना, DBT में धोखाधड़ी...
...और अब MPSC जैसी संवैधानिक संस्था पर कब्ज़ा कर उसकी विश्वसनीयता बर्बाद कर दी है।
अपने सफल भविष्य के लिए छात्रों की हर मांग जायज़ है। सरकार उनकी आवाज़ सुनकर तुरंत कार्रवाई करे - वरना न्याय मिलने तक ये छात्रों की गूंज बढ़ती ही जाएगी।
#ChhatronKiGoonj
शिक्षक अभ्यर्थियों की पदवृद्धि की मांग को लेकर संघर्ष जारी…!
वर्ग-1 शिक्षक भर्ती परीक्षा 2023 में पदों की संख्या बढ़ाने एवं सेकंड काउंसलिंग शीघ्र आयोजित करने की मांग को लेकर चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों का संघर्ष लगातार जारी है।
नीलम पार्क में जारी धरने में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह जी के साथ पहुंचकर अभ्यर्थियों का हौसला बढ़ाया और उनकी मांगों को मजबूती से उठाने का भरोसा दिलाया।
युवाओं और भावी शिक्षकों के हक, अधिकार और भविष���य की लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से उठाने का संकल्प।
पद बढ़ाओ — सेकंड काउंसलिंग कराओ!
युवाओं को उनका अधिकार दिलाओ!
#शिक्षक_भर्ती #पदवृद्धि #वर्ग1 #शिक्षक_अभ्यर्थी #SecondCounselling #NeelamPark #JituPatwari #DigvijayaSingh #युवा_अधिकार
@jitupatwari
नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि महंगाई कंट्रोल में है, जबकि सच्चाई यह है कि देश के अंदर बेरोजगारी और महंगाई ऐतिहासिक रूप से सबसे ज्यादा है।
मतलब देश की जनता आपके PR कैंपेन में बोले गए झूठ को सच मानकर अपने हालात भुला दे।
देश में स्कूल-कॉलेज बंद हो रहे हैं, आप एक परीक्षा ठीक से करवा नहीं पा रहे और यूनिवर्सिटी में जाकर, छात्रों को 'हिरासत' में लेकर अपना PR कैंपेन चल��� रहे हैं।
मोदी जी, अब आपकी सच्चाई सबके सामने आ चुकी है। इसलिए आपको 'छात्रों की गूंज' से परेशानी हो रही है।
लेकिन याद रखिए, ��ात्रों की यही गूंज देश में बदलाव की आवाज बनेगी। यही आवाज आपके झूठ और खोखले दावों का पर्दाफाश करेगी।
: NSUI के प्रभारी @kanhaiyakumar जी
📍 दिल्ली
बालाघाट, मध्य प्रदेश में 30 आदिवासी बच्चों की मृत्यु की खबर बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक है।
इस घातक बीमारी के साथ पीने के पानी, पोषण, और समय पर इलाज जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बच्चों की जान ले रहा है।
ये सरकार की पूर्ण विफलता है। मुख्यमंत्री स्वयं इसका समाधान करें और क्षेत्र में तत्काल जांच, इलाज और राहत उपलब्ध कराएं। बच्चों की ज़िंदगी से समझौता नहीं हो सकता।